मंगरौल में पेयजल संकट गहराया, तीन साल से खड़ी पानी की टंकी बनी शोपीस

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़क भी बनी आवागमन में बाधा

कालपी (जालौन)। कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम मंगरौल में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई पानी की टंकी लंबे समय से तैयार खड़ी है, लेकिन पाइपलाइन और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था पूरी न होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर

गांव का एक प्रमुख हैंडपंप पिछले करीब ढाई महीने से खराब पड़ा है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

गांव के निवासी राजाबाबू ने बताया कि उनके परिवार की स्थिति पहले से ही कठिन है। उनका दिव्यांग पुत्र सालिगराम है और उनकी उम्र भी अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद पेयजल की व्यवस्था ठीक न होने के कारण उन्हें पानी लाने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि जिस स्थान से पानी उपलब्ध होता है, वह घर से लगभग दो सौ मीटर दूर है। उम्र अधिक होने के कारण इतनी दूरी से पानी ढोना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।

तीन साल से खड़ी है पानी की टंकी

ग्रामीणों के अनुसार गांव में जलापूर्ति के उद्देश्य से पानी की टंकी का निर्माण करीब तीन वर्ष पहले कराया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि टंकी चालू होने के बाद पेयजल की समस्या समाप्त हो जाएगी, लेकिन लंबे समय बाद भी टंकी से नियमित पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

राजाबाबू का कहना है कि टंकी तैयार होने के बावजूद गांव की ओर जाने वाली पाइपलाइन और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था पूरी नहीं होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे सरकारी योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचने में देरी हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पानी की टंकी से नियमित जलापूर्ति शुरू हो जाए तो गांव के लोगों को काफी राहत मिल सकती है। लेकिन वर्तमान स्थिति में टंकी ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय अधूरी योजना का प्रतीक बनकर रह गई है।

खराब हैंडपंप ने बढ़ाई मुश्किल

पानी की टंकी शुरू न होने के बीच ग्रामीणों के लिए हैंडपंप ही पेयजल का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ था। मगर गांव के पास स्थित हैंडपंप करीब ढाई महीने से खराब बताया जा रहा है। इसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों को पानी के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।

राजाबाबू ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की जानकारी ग्राम सचिव को कई बार दी गई, लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि समस्या बताने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें निराशा हुई है।

उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर रोजाना दूर से पानी लाना उनके लिए कठिन है। परिवार में दिव्यांग सदस्य होने के कारण घरेलू जिम्मेदारियां भी चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में गांव में उपलब्ध पेयजल स्रोतों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है।

सड़क की खुदाई से आवागमन भी प्रभावित

गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए सीसी सड़क की खुदाई किए जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। सड़क का एक हिस्सा खोदे जाने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खुदाई के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में नहीं लाया गया है।

बारिश के दौरान सड़क और उसके आसपास की स्थिति और खराब हो गई। ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए यह रास्ता अधिक कठिन हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है तो सड़क की मरम्मत भी जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की समस्या न हो।

टंकी परिसर में जलभराव और घास का कब्जा

पानी की टंकी के आसपास भी साफ-सफाई का अभाव दिखाई देने की बात ग्रामीणों ने कही है। टंकी परिसर के आसपास बरसात का पानी जमा होने के साथ ही क्षेत्र में कुश नामक घास काफी फैल गई है। इससे टंकी के आसपास का इलाका अव्यवस्थित नजर आता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पेयजल व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण ढांचा मौजूद है, वहां नियमित सफाई और रखरखाव किया जाना चाहिए। यदि टंकी को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लिया जाता है तो उसके रखरखाव पर भी सवाल खड़े होते हैं।

सचिव से संपर्क का प्रयास, नहीं मिल सका जवाब

हैंडपंप की मरम्मत के संबंध में ग्राम सचिव बंदना वर्मा से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। बताया गया कि फोन करने पर सचिव ने कॉल काट दी। इसके चलते हैंडपंप की मरम्मत कब तक होगी और ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है, इस संबंध में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।

जल निगम ने मार्च 2027 तक का लक्ष्य बताया

पेयजल टंकी से आपूर्ति शुरू होने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़क की स्थिति के संबंध में जल निगम के अधिशाषी अभियंता अंचल कुमार गुप्ता ने बताया कि योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्य पूरे होने के बाद संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की जा रही है।

सड़क की खुदाई के संबंध में उन्होंने बताया कि रोड रेस्टोरेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि 10 नवंबर तक सभी ग्रामों में सड़क बहाली का कार्य पूरा किया जाए।

अधिशाषी अभियंता के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शासन की ओर से मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग का कहना है कि निर्धारित योजना के अनुसार कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

शिकायत के लिए कंट्रोल रूम की सुविधा

जल निगम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए कंट्रोल रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अनुसार ग्रामीण किसी भी पेयजल समस्या के समाधान के लिए 6306811938 नंबर पर 24 घंटे और सातों दिन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मंगरौल के ग्रामीणों की उम्मीद अब इस बात पर टिकी है कि खराब हैंडपंप की जल्द मरम्मत हो, पानी की टंकी से जलापूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी आए और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सीसी सड़क को शीघ्र दुरुस्त किया जाए। यदि विभागीय कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे होते हैं तो गांव के लोगों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल और आवागमन संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

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मंगरौल में पेयजल संकट गहराया, तीन साल से खड़ी पानी की टंकी बनी शोपीस

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 30, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़क भी बनी आवागमन में बाधा

कालपी (जालौन)। कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम मंगरौल में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई पानी की टंकी लंबे समय से तैयार खड़ी है, लेकिन पाइपलाइन और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था पूरी न होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर

गांव का एक प्रमुख हैंडपंप पिछले करीब ढाई महीने से खराब पड़ा है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

गांव के निवासी राजाबाबू ने बताया कि उनके परिवार की स्थिति पहले से ही कठिन है। उनका दिव्यांग पुत्र सालिगराम है और उनकी उम्र भी अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद पेयजल की व्यवस्था ठीक न होने के कारण उन्हें पानी लाने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि जिस स्थान से पानी उपलब्ध होता है, वह घर से लगभग दो सौ मीटर दूर है। उम्र अधिक होने के कारण इतनी दूरी से पानी ढोना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।

तीन साल से खड़ी है पानी की टंकी

ग्रामीणों के अनुसार गांव में जलापूर्ति के उद्देश्य से पानी की टंकी का निर्माण करीब तीन वर्ष पहले कराया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि टंकी चालू होने के बाद पेयजल की समस्या समाप्त हो जाएगी, लेकिन लंबे समय बाद भी टंकी से नियमित पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

राजाबाबू का कहना है कि टंकी तैयार होने के बावजूद गांव की ओर जाने वाली पाइपलाइन और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था पूरी नहीं होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे सरकारी योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचने में देरी हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पानी की टंकी से नियमित जलापूर्ति शुरू हो जाए तो गांव के लोगों को काफी राहत मिल सकती है। लेकिन वर्तमान स्थिति में टंकी ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय अधूरी योजना का प्रतीक बनकर रह गई है।

खराब हैंडपंप ने बढ़ाई मुश्किल

पानी की टंकी शुरू न होने के बीच ग्रामीणों के लिए हैंडपंप ही पेयजल का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ था। मगर गांव के पास स्थित हैंडपंप करीब ढाई महीने से खराब बताया जा रहा है। इसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों को पानी के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।

राजाबाबू ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की जानकारी ग्राम सचिव को कई बार दी गई, लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि समस्या बताने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें निराशा हुई है।

उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर रोजाना दूर से पानी लाना उनके लिए कठिन है। परिवार में दिव्यांग सदस्य होने के कारण घरेलू जिम्मेदारियां भी चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में गांव में उपलब्ध पेयजल स्रोतों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है।

सड़क की खुदाई से आवागमन भी प्रभावित

गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए सीसी सड़क की खुदाई किए जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। सड़क का एक हिस्सा खोदे जाने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खुदाई के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में नहीं लाया गया है।

बारिश के दौरान सड़क और उसके आसपास की स्थिति और खराब हो गई। ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए यह रास्ता अधिक कठिन हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है तो सड़क की मरम्मत भी जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की समस्या न हो।

टंकी परिसर में जलभराव और घास का कब्जा

पानी की टंकी के आसपास भी साफ-सफाई का अभाव दिखाई देने की बात ग्रामीणों ने कही है। टंकी परिसर के आसपास बरसात का पानी जमा होने के साथ ही क्षेत्र में कुश नामक घास काफी फैल गई है। इससे टंकी के आसपास का इलाका अव्यवस्थित नजर आता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पेयजल व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण ढांचा मौजूद है, वहां नियमित सफाई और रखरखाव किया जाना चाहिए। यदि टंकी को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लिया जाता है तो उसके रखरखाव पर भी सवाल खड़े होते हैं।

सचिव से संपर्क का प्रयास, नहीं मिल सका जवाब

हैंडपंप की मरम्मत के संबंध में ग्राम सचिव बंदना वर्मा से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। बताया गया कि फोन करने पर सचिव ने कॉल काट दी। इसके चलते हैंडपंप की मरम्मत कब तक होगी और ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है, इस संबंध में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।

जल निगम ने मार्च 2027 तक का लक्ष्य बताया

पेयजल टंकी से आपूर्ति शुरू होने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़क की स्थिति के संबंध में जल निगम के अधिशाषी अभियंता अंचल कुमार गुप्ता ने बताया कि योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्य पूरे होने के बाद संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की जा रही है।

सड़क की खुदाई के संबंध में उन्होंने बताया कि रोड रेस्टोरेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि 10 नवंबर तक सभी ग्रामों में सड़क बहाली का कार्य पूरा किया जाए।

अधिशाषी अभियंता के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शासन की ओर से मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग का कहना है कि निर्धारित योजना के अनुसार कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

शिकायत के लिए कंट्रोल रूम की सुविधा

जल निगम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए कंट्रोल रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अनुसार ग्रामीण किसी भी पेयजल समस्या के समाधान के लिए 6306811938 नंबर पर 24 घंटे और सातों दिन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मंगरौल के ग्रामीणों की उम्मीद अब इस बात पर टिकी है कि खराब हैंडपंप की जल्द मरम्मत हो, पानी की टंकी से जलापूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी आए और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सीसी सड़क को शीघ्र दुरुस्त किया जाए। यदि विभागीय कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे होते हैं तो गांव के लोगों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल और आवागमन संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।