देश सेवा के बाद गांव लौटे फौजी कृष्ण कुमार, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

फूलमालाओं, डीजे और बैंड-बाजों के साथ निकली स्वागत यात्रा, देश सेवा करने वाले गांव के बेटे के सम्मान में दिखा उत्साह

छिरिया सलेमपुर, जालौन। देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद आईटीबीपी पोस्ट से अपने पैतृक गांव छिरिया सलेमपुर लौटे फौजी कृष्ण कुमार का ग्रामीणों ने बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गांव के बेटे के वापस आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एकत्र हो गए। फूलमालाओं, ढोल-बैंड, डीजे की धुन और देशभक्ति के नारों के बीच कृष्ण कुमार का अभिनंदन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।

कृष्ण कुमार के गांव लौटने को ग्रामीणों ने केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गौरव का अवसर बताया। देश की सीमाओं और सुरक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं देने वाले जवान के स्वागत के लिए गांव के लोग उत्साहपूर्वक एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। जैसे ही कृष्ण कुमार वहां पहुंचे, ग्रामीणों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाईं और जोरदार तरीके से उनका स्वागत किया।

एक्सप्रेसवे पर हुआ जोरदार अभिनंदन

कृष्ण कुमार के स्वागत के लिए ग्रामीण पहले से ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर मौजूद थे। उनके पहुंचते ही माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया। लोगों ने फूलों की मालाओं से जवान का अभिनंदन किया और देश सेवा के लिए उनका सम्मान किया। ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत से कृष्ण कुमार भी भावुक नजर आए।

स्वागत के बाद डीजे और बैंड-बाजों के साथ ग्रामीणों की टोली गांव की ओर रवाना हुई। इस दौरान युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने देशभक्ति के नारों के साथ अपने गांव के जवान का हौसला बढ़ाया।

नाचते-गाते गांव तक पहुंचे ग्रामीण

स्वागत यात्रा के दौरान ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। डीजे और बैंड की धुनों पर युवाओं ने जमकर उत्साह व्यक्त किया। कई ग्रामीण नाचते-गाते हुए फौजी कृष्ण कुमार के साथ गांव की ओर बढ़े। यात्रा में शामिल लोगों ने देश सेवा को सम्मान देने और जवानों के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए नारे लगाए।

गांव के लोगों के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि कृष्ण कुमार लंबे समय तक देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वापस अपने लोगों के बीच पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनके आगमन को यादगार बनाने के लिए स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ी।

गांव में जगह-जगह हुआ सम्मान

छिरिया सलेमपुर पहुंचने के बाद भी कृष्ण कुमार का स्वागत जारी रहा। गांव के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने देश की सेवा के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

ग्रामीणों का कहना था कि किसी गांव के युवा का देश की सुरक्षा में योगदान देना पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात होती है। कृष्ण कुमार ने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए देश सेवा की है, इसलिए उनके लौटने पर पूरा गांव स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों में भी दिखा उत्साह

फौजी कृष्ण कुमार के स्वागत कार्यक्रम में गांव के हर आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों में अपने गांव के जवान को देखने को लेकर उत्सुकता थी, जबकि बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देकर आगे भी देश और समाज के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं।

युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा करने वाले युवाओं से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। देश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता। ऐसे में गांव के किसी युवा की उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक होती है।

देश सेवा को बताया गौरव का विषय

स्वागत के दौरान ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार की सेवा भावना की प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाते हैं। उनके त्याग और समर्पण के कारण देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन जी पाते हैं।

ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे भी इसी तरह अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहें। उनके गांव लौटने से परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है।

स्वागत यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से गांव तक निकली स्वागत यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रही। डीजे और बैंड की धुनों के बीच ग्रामीणों की भीड़ तथा फूलमालाओं से जवान का अभिनंदन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

स्वागत यात्रा में शामिल लोगों ने अपने गांव के बेटे के प्रति सम्मान और अपनापन प्रदर्शित किया। ग्रामीणों के उत्साह से यह संदेश भी सामने आया कि देश की सेवा करने वाले जवानों के सम्मान में समाज हमेशा उनके साथ खड़ा है।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में प्रधान प्रतिनिधि आशु तिवारी, जयदीप तिवारी, दरोगा कुशवाहा, रामकेश, वजीर, सक्सेना, दीपक, पंकज, रवि, सत्यम तिवारी, दीपू, धर्मेंद्र, उमेश कुशवाहा, अवधेश लाइट, अनुज तिवारी, बबलू दोहरे, मानवेंद्र पाल, नरेश, संतोष, पप्पी गुप्ता, शिबू ठाकुर, आर्यन ठाकुर और वीरू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सभी ने कृष्ण कुमार को बधाई देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के सामूहिक स्वागत से गांव में लंबे समय तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

सम्मान और अपनत्व की मिसाल बना आयोजन

कृष्ण कुमार का गांव लौटने पर हुआ स्वागत ग्रामीण एकजुटता और देश सेवा के प्रति सम्मान की मिसाल बन गया। जवान के प्रति लोगों का उत्साह इस बात को दर्शाता है कि गांव के लोग अपने बीच से देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले युवाओं को विशेष सम्मान देते हैं। फूलमालाओं से लेकर स्वागत यात्रा तक हर कदम पर ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।

देश सेवा के बाद अपने गांव की मिट्टी में लौटे कृष्ण कुमार के लिए यह स्वागत निश्चित रूप से यादगार रहा। वहीं, ग्रामीणों के लिए भी अपने गांव के जवान का सम्मान करना गर्व और खुशी का अवसर बन गया।

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देश सेवा के बाद गांव लौटे फौजी कृष्ण कुमार, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 2, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

फूलमालाओं, डीजे और बैंड-बाजों के साथ निकली स्वागत यात्रा, देश सेवा करने वाले गांव के बेटे के सम्मान में दिखा उत्साह

छिरिया सलेमपुर, जालौन। देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद आईटीबीपी पोस्ट से अपने पैतृक गांव छिरिया सलेमपुर लौटे फौजी कृष्ण कुमार का ग्रामीणों ने बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गांव के बेटे के वापस आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एकत्र हो गए। फूलमालाओं, ढोल-बैंड, डीजे की धुन और देशभक्ति के नारों के बीच कृष्ण कुमार का अभिनंदन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।

कृष्ण कुमार के गांव लौटने को ग्रामीणों ने केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गौरव का अवसर बताया। देश की सीमाओं और सुरक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं देने वाले जवान के स्वागत के लिए गांव के लोग उत्साहपूर्वक एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। जैसे ही कृष्ण कुमार वहां पहुंचे, ग्रामीणों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाईं और जोरदार तरीके से उनका स्वागत किया।

एक्सप्रेसवे पर हुआ जोरदार अभिनंदन

कृष्ण कुमार के स्वागत के लिए ग्रामीण पहले से ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर मौजूद थे। उनके पहुंचते ही माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया। लोगों ने फूलों की मालाओं से जवान का अभिनंदन किया और देश सेवा के लिए उनका सम्मान किया। ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत से कृष्ण कुमार भी भावुक नजर आए।

स्वागत के बाद डीजे और बैंड-बाजों के साथ ग्रामीणों की टोली गांव की ओर रवाना हुई। इस दौरान युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने देशभक्ति के नारों के साथ अपने गांव के जवान का हौसला बढ़ाया।

नाचते-गाते गांव तक पहुंचे ग्रामीण

स्वागत यात्रा के दौरान ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। डीजे और बैंड की धुनों पर युवाओं ने जमकर उत्साह व्यक्त किया। कई ग्रामीण नाचते-गाते हुए फौजी कृष्ण कुमार के साथ गांव की ओर बढ़े। यात्रा में शामिल लोगों ने देश सेवा को सम्मान देने और जवानों के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए नारे लगाए।

गांव के लोगों के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि कृष्ण कुमार लंबे समय तक देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वापस अपने लोगों के बीच पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनके आगमन को यादगार बनाने के लिए स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ी।

गांव में जगह-जगह हुआ सम्मान

छिरिया सलेमपुर पहुंचने के बाद भी कृष्ण कुमार का स्वागत जारी रहा। गांव के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने देश की सेवा के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

ग्रामीणों का कहना था कि किसी गांव के युवा का देश की सुरक्षा में योगदान देना पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात होती है। कृष्ण कुमार ने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए देश सेवा की है, इसलिए उनके लौटने पर पूरा गांव स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों में भी दिखा उत्साह

फौजी कृष्ण कुमार के स्वागत कार्यक्रम में गांव के हर आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों में अपने गांव के जवान को देखने को लेकर उत्सुकता थी, जबकि बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देकर आगे भी देश और समाज के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं।

युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा करने वाले युवाओं से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। देश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता। ऐसे में गांव के किसी युवा की उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक होती है।

देश सेवा को बताया गौरव का विषय

स्वागत के दौरान ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार की सेवा भावना की प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाते हैं। उनके त्याग और समर्पण के कारण देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन जी पाते हैं।

ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे भी इसी तरह अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहें। उनके गांव लौटने से परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है।

स्वागत यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से गांव तक निकली स्वागत यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रही। डीजे और बैंड की धुनों के बीच ग्रामीणों की भीड़ तथा फूलमालाओं से जवान का अभिनंदन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

स्वागत यात्रा में शामिल लोगों ने अपने गांव के बेटे के प्रति सम्मान और अपनापन प्रदर्शित किया। ग्रामीणों के उत्साह से यह संदेश भी सामने आया कि देश की सेवा करने वाले जवानों के सम्मान में समाज हमेशा उनके साथ खड़ा है।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में प्रधान प्रतिनिधि आशु तिवारी, जयदीप तिवारी, दरोगा कुशवाहा, रामकेश, वजीर, सक्सेना, दीपक, पंकज, रवि, सत्यम तिवारी, दीपू, धर्मेंद्र, उमेश कुशवाहा, अवधेश लाइट, अनुज तिवारी, बबलू दोहरे, मानवेंद्र पाल, नरेश, संतोष, पप्पी गुप्ता, शिबू ठाकुर, आर्यन ठाकुर और वीरू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सभी ने कृष्ण कुमार को बधाई देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के सामूहिक स्वागत से गांव में लंबे समय तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

सम्मान और अपनत्व की मिसाल बना आयोजन

कृष्ण कुमार का गांव लौटने पर हुआ स्वागत ग्रामीण एकजुटता और देश सेवा के प्रति सम्मान की मिसाल बन गया। जवान के प्रति लोगों का उत्साह इस बात को दर्शाता है कि गांव के लोग अपने बीच से देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले युवाओं को विशेष सम्मान देते हैं। फूलमालाओं से लेकर स्वागत यात्रा तक हर कदम पर ग्रामीणों ने कृष्ण कुमार के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।

देश सेवा के बाद अपने गांव की मिट्टी में लौटे कृष्ण कुमार के लिए यह स्वागत निश्चित रूप से यादगार रहा। वहीं, ग्रामीणों के लिए भी अपने गांव के जवान का सम्मान करना गर्व और खुशी का अवसर बन गया।