खेत पर काम करते समय सर्पदंश से किसान की मौत, परिवार में मचा कोहराम
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
रेंढर, जालौन। रेंढर थाना क्षेत्र के ग्राम इगुई में खेत पर काम करने गए एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। मृतक परिवार की आजीविका चलाने के लिए बटाई पर खेती करने के साथ-साथ मजदूरी भी करता था। अचानक हुई इस घटना ने पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।

जानकारी के अनुसार ग्राम इगुई निवासी छोटे (47 वर्ष) आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से थे। खेती उनकी आय का प्रमुख साधन थी। वह दूसरों के खेत बटाई पर लेकर खेती करते थे और जरूरत पड़ने पर मजदूरी करके भी परिवार का खर्च चलाते थे। उनके परिवार में पत्नी गीता के अलावा छह पुत्रियां और एक पुत्र देव है। परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए छोटे लगातार मेहनत करते थे।
बताया गया कि गुरुवार की शाम छोटे रोज की तरह खेत पर काम करने के लिए गए थे। खेत में काम करने के दौरान अचानक एक सर्प ने उनके पैर में डस लिया। सर्प के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। खेत में मौजूद अन्य किसानों ने जब उन्हें बेसुध अवस्था में देखा तो घटना की जानकारी उनके भाई राम खिलौने को दी।
सूचना मिलते ही राम खिलौना तत्काल खेत पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए छोटे को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाने का प्रयास किया। परिजन और आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद छोटे को मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी गीता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लिए छोटे ही खेती और मजदूरी के सहारे आय जुटाते थे। ऐसे में उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
छोटे की मौत ने उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। परिवार में पत्नी और सात बच्चों की जिम्मेदारी थी। छह बेटियों और एक बेटे के बीच पिता का साया अचानक उठ जाने से परिजन सदमे में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक छोटे मेहनती व्यक्ति थे और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए लगातार काम करते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि खेती-किसानी के दौरान खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम और खेतों में घनी घास या झाड़ियों के बीच सर्प दिखाई नहीं देने के कारण किसानों को कई बार खतरे का सामना करना पड़ता है। खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहती है।
ग्रामीणों में भी चिंता
घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने किसान की मौत पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। लोगों का कहना है कि खेती का काम करने वाले ग्रामीणों को अक्सर ऐसे जोखिमों के बीच काम करना पड़ता है। खेतों में काम करते समय सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की घटनाएं कई बार गंभीर रूप ले लेती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी व्यक्ति को सांप के काटने की आशंका होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय उसे तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
मेहनत के सहारे चलता था परिवार
मृतक छोटे के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं बताई जा रही है। वह बटाई पर खेती करने के साथ मजदूरी करके परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। खेती से होने वाली आमदनी और मजदूरी की कमाई से ही घर का खर्च चलता था। ऐसे में उनकी मौत से परिवार के सामने भविष्य की चुनौतियां बढ़ गई हैं।
परिजनों के मुताबिक छोटे अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते थे। दिनभर खेतों में काम करने के बाद वह मजदूरी भी कर लेते थे। परिवार के लिए उनकी मेहनत ही सबसे बड़ा सहारा थी। अब उनकी मौत के बाद पत्नी और बच्चों के सामने जीवन-यापन की समस्या खड़ी होने की आशंका है।
खेतों में काम करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार खेतों में काम करते समय किसानों को आसपास की जगह पर ध्यान देना चाहिए। घास, झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के ढेर जैसी जगहों पर हाथ-पैर रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। रात अथवा कम रोशनी में खेतों में जाने पर पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
सर्पदंश की स्थिति में व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। सांप के प्रकार की पहचान करने के प्रयास में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। यदि संभव हो तो सुरक्षित दूरी से सांप की पहचान या तस्वीर लेने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन इसके लिए दोबारा उसके पास जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
घटना ने फिर उठाया ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं का सवाल
इगुई गांव में हुई इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता को भी सामने ला दिया है। सर्पदंश जैसी घटनाओं में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों तक जल्द पहुंच उपलब्ध होना आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने वाले किसानों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक सावधानियों के संबंध में जागरूक किया जाना चाहिए। गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को यह बताया जा सकता है कि सर्पदंश की स्थिति में क्या करना चाहिए और किन उपायों से बचना चाहिए।
फिलहाल छोटे की मौत से इगुई गांव में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्य इस आकस्मिक घटना से टूट गए हैं। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने किसान की अचानक मौत ने उसके पीछे पत्नी और बच्चों को मुश्किल परिस्थितियों में छोड़ दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।