मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग को लेकर उरई में सपा का प्रदर्शन, अंबेडकर चौराहे तक निकाला मार्च
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उरई शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सिटी सेंटर से एकजुट होकर निकले और नारेबाजी करते हुए अंबेडकर चौराहे तक मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कीं और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।

मार्च के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध राजनीतिक नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है और निर्वाचन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जाना चाहिए।
सिटी सेंटर से अंबेडकर चौराहे तक निकला मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत शहर के सिटी सेंटर क्षेत्र से हुई। यहां सपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ना शुरू किया। मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ अंबेडकर चौराहे तक पहुंचा।
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान चुनाव आयोग के खिलाफ भी नारे लगाए। उनका कहना था कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुतला जलाने की कोशिश, पुलिस ने रोका
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कागज से तैयार किए गए एक प्रतीकात्मक पुतले को जलाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस प्रयास को रोक दिया। कोतवाल आनंद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की सक्रियता के कारण पुतला फूंकने की कोशिश सफल नहीं हो सकी।
पुलिस की मौजूदगी के चलते मौके पर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपना कार्यक्रम समाप्त करने के लिए समझाया। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस रही सतर्क
प्रदर्शन और मार्च के चलते शहर के संबंधित मार्गों पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के एक साथ सड़क पर मौजूद होने के कारण पुलिस ने यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि से बचें। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया और धीरे-धीरे इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के अलावा देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं का कहना था कि मतदान व्यवस्था को लेकर मतदाताओं के बीच किसी प्रकार का संदेह नहीं रहना चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित मुद्दों पर भी अपनी चिंताएं सामने रखीं।
प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने की मांग की। उनका कहना था कि लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता का वोट महत्वपूर्ण है, इसलिए चुनाव से जुड़े सभी चरणों में स्पष्टता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
जिलाध्यक्ष ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पार्टी अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने की अपील की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव व्यवस्था को लेकर जनता के बीच विश्वास कायम रहना जरूरी है और जिन मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं, उनका समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
उरई में आयोजित इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री श्री रामपाल, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत, महेंद्र कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव बजरिया, राघवेंद्र सिंह और पूर्व एमएलसी तिलक अहिरवार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा गुलाब सिंह जाटव, महेंद्र शिरोमणि, दीपू त्रिपाठी, वेद प्रकाश यादव, शैलेंद्र श्रीवास, रामेन्द्र त्रिपाठी, बबलू अहिरवार, सांसद प्रतिनिधि राजू अहिरवार, जीवन वाल्मीकि, सिद्धार्थ यादव, जमालुद्दीन पप्पू, आशिब मंसूरी और निर्दोष यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
महिला कार्यकर्ताओं की भी प्रदर्शन में भागीदारी रही। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना के साथ रश्मि पाल और दीपशिखा श्रीवास समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मयंक जाटव और महेश विश्वकर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।
चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज
सपा के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को सामने ला दिया है। विपक्षी दल लगातार चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं। वहीं, ऐसे राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात को सामान्य बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहती है।
उरई में बुधवार को हुआ प्रदर्शन इसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा रहा। सपा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मार्च निकाला और सरकार तथा निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। पुलिस ने पुतला जलाने की कोशिश को रोकते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा।
फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। सपा नेतृत्व ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा स्थानीय स्तर के साथ-साथ व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।