फ़रवरी 12, 2026

बांग्लादेश और अमेरिका के बीच टैरिफ वार्ता: अमेरिका से आयात बढ़ाने का बांग्लादेश का प्रस्ताव

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Anoop singh

ढाका, 10 जुलाई 2025:
बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ टैरिफ वार्ताओं के पहले दिन ही एक बड़ा प्रस्ताव रखते हुए अमेरिका से आयात बढ़ाने की इच्छा जताई है। इस प्रस्ताव के तहत बांग्लादेश अमेरिका से अधिक मात्रा में कपास, तेल, बोइंग विमान, सोयाबीन और अन्य उत्पादों का आयात करना चाहता है। यह जानकारी एक बांग्लादेशी अधिकारी ने दी, जिन्होंने इस वार्ता में भाग लिया।

अधिकारी के अनुसार, “बांग्लादेश की ओर से यह प्रस्ताव अमेरिकी उत्पादों को अपनी अर्थव्यवस्था में अधिक शामिल करने के इरादे से दिया गया है। वहीं अमेरिका ने भी बांग्लादेश से अनुरोध किया है कि वह अपनी परिधान निर्माण इकाइयों को अमेरिका स्थानांतरित करे और साथ ही अपने देश में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।”

परिधान उद्योग को लेकर उठे मुद्दे
अमेरिका चाहता है कि बांग्लादेश की परिधान कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्रियां खोलें ताकि अमेरिकी उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्त्र मिल सकें। हालांकि बांग्लादेश ने इस सुझाव पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन एक अधिकारी ने यह चेतावनी भी दी कि इससे वस्त्रों की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा, “अभी एक टी-शर्ट अमेरिका में 10 डॉलर में मिलती है, लेकिन अगर फैक्ट्री अमेरिका शिफ्ट हो गई, तो इसकी कीमत 200 डॉलर तक जा सकती है।”

तीन दिवसीय टैरिफ वार्ता का दूसरा दौर
तीन दिवसीय टैरिफ वार्ता का यह दूसरा दौर था, जो वॉशिंगटन डीसी में आयोजित हुआ। इस बैठक में बांग्लादेश की ओर से कॉमर्स एडवाइजर शेख बशीरुद्दीन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान और आईसीटी तथा टेलीकम्युनिकेशन मामलों के विशेष सहायक फैज़ अहमद तैयब ने ढाका से वर्चुअल रूप में हिस्सा लिया। साथ ही वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस वार्ता में उपस्थित थे।

अमेरिकी पक्ष की भागीदारी
अमेरिका की ओर से कृषि, ऊर्जा, वाणिज्य और कॉपीराइट से संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी इस वार्ता में शामिल हुए। दोनों देशों के बीच गुरुवार रात 9 बजे (बांग्लादेश समयानुसार) फिर से बैठक शुरू होने की योजना है, जो शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

पृष्ठभूमि में बढ़ता दबाव
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सोमवार को, यानी 9 जुलाई की समयसीमा से दो दिन पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश को 35 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी देते हुए एक पत्र जारी किया था। इसके चलते दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया था।

निष्कर्ष
इन टैरिफ वार्ताओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन बनाना, अमेरिकी उत्पादों की पहुंच बढ़ाना और बांग्लादेशी श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना है। यदि यह वार्ताएं सफल होती हैं, तो इससे द्विपक्षीय संबंधों में नया मोड़ आ सकता है और व्यापार का मार्ग अधिक खुला और पारदर्शी हो सकता है।


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