फ़रवरी 12, 2026

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: भारत का समुद्री स्वर्ग

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परिचय:

भारत के दक्षिण-पूर्वी सिरे पर फैला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एक ऐसा स्थल है जो प्रकृति, इतिहास और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बीच स्थित यह द्वीपसमूह लगभग 572 द्वीपों, टापुओं और चट्टानों से मिलकर बना है, जिनमें से केवल कुछ ही द्वीपों पर मानव निवास है।


भौगोलिक संरचना:

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह दो प्रमुख भागों में विभाजित है –

  1. अंडमान द्वीप समूह (उत्तर भाग)
  2. निकोबार द्वीप समूह (दक्षिण भाग)

इन दोनों हिस्सों के बीच 10 डिग्री चैनल नामक समुद्री मार्ग स्थित है। यह द्वीपसमूह भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ जैवविविधता के संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का इतिहास भी उतना ही गौरवशाली है जितना इसका प्राकृतिक सौंदर्य। ब्रिटिश शासन काल में अंडमान के सेल्यूलर जेल (काला पानी) को राजनीतिक कैदियों के लिए कुख्यात कारागार के रूप में जाना गया। वीर सावरकर सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने यहाँ यातनाएँ सही थीं। आज यह जेल एक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।


जनसंख्या एवं जनजातियाँ:

इस द्वीपसमूह में विभिन्न जनजातियाँ निवास करती हैं जैसे —

ग्रेट अंडमानीज़

जारवा

ओंगे

शॉम्पेन

सेंटीनेली (जो बाहरी संपर्क से पूर्णतः अलग-थलग हैं)

इन जनजातियों की जीवनशैली, संस्कृति और भाषाएँ अत्यंत प्राचीन हैं और इनका संरक्षण भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से किया जाता है।


प्राकृतिक सौंदर्य और जैवविविधता:

यह द्वीपसमूह हरियाली से आच्छादित वर्षावनों, चमकीले समुद्री किनारों, नीले समुद्र और रंग-बिरंगे कोरल रीफ्स से भरा हुआ है। यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ हैं:

राधानगर बीच (हैवलॉक द्वीप) – विश्व के सुंदरतम समुद्रतटों में गिना जाता है

माउंट हैरियट राष्ट्रीय उद्यान

मरीन नेशनल पार्क

बीच स्कूबा डाइविंग और स्नॉर्कलिंग के लिए प्रसिद्ध


प्रशासनिक व्यवस्था:

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह एक केंद्र शासित प्रदेश है, जिसका प्रशासनिक मुख्यालय पोर्ट ब्लेयर में स्थित है। यह भारत के रक्षा और समुद्री रणनीति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।


पर्यटन की दृष्टि से महत्त्व:

पर्यटन अंडमान और निकोबार की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अंग है। पर्यटक यहाँ समुद्री खेलों, ट्रैकिंग, द्वीप भ्रमण, जनजातीय संस्कृति के दर्शन और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव लेने आते हैं। यहाँ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल हैं:

सेल्यूलर जेल

हैवलॉक द्वीप

नील द्वीप

बारातांग द्वीप (लाइमस्टोन गुफाएँ)

नॉर्थ बे और रॉस द्वीप


पर्यावरणीय चुनौतियाँ:

हालाँकि यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध है, परंतु यहाँ बढ़ती जनसंख्या, पर्यटन और जलवायु परिवर्तन के कारण जैवविविधता पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई प्रयास कर रहे हैं।


निष्कर्ष:

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह न केवल भारत की प्राकृतिक संपदा का भंडार है, बल्कि यह हमारी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रमाण भी है। इसकी सुरक्षा, संरक्षण और सतत विकास के लिए सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदारी आवश्यक है। यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएँ, तो यह द्वीपसमूह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक स्थल बन सकता है।


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