फ़रवरी 12, 2026

अलास्का में एयर फ़ोर्स वन का ऐतिहासिक आगमन: नई रणनीतिक साझेदारी का संकेत

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अलास्का के एंकोरेज शहर स्थित जॉइंट बेस एलमेंडॉर्फ पर 15 अगस्त 2025 को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान एयर फ़ोर्स वन यहाँ उतरा। राष्ट्रपति का यह पड़ाव केवल एक सामान्य यात्रा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वैश्विक राजनीति और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अलास्का क्यों है खास?

अलास्का भौगोलिक रूप से एशिया और उत्तरी अमेरिका के बीच सेतु का काम करता है। यहाँ की सामरिक स्थिति रूस, आर्कटिक क्षेत्र और प्रशांत महासागर के समीप होने के कारण अमेरिका की रक्षा नीति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। एयर फ़ोर्स वन का इस ठिकाने पर उतरना अमेरिका की सैन्य तत्परता और अंतर्राष्ट्रीय संदेश का हिस्सा है।

सामरिक महत्व और संकेत

एयरफ़ोर्स वन के स्वागत में अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों की उपस्थिति ने इस यात्रा को और खास बना दिया। इससे साफ़ संकेत मिलता है कि अमेरिका अपने सहयोगियों और विरोधियों—दोनों को यह संदेश देना चाहता है कि वह आर्कटिक और प्रशांत क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्थानीय और वैश्विक असर

इस आगमन का असर केवल सामरिक स्तर पर ही नहीं बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी देखने को मिलेगा। अलास्का के लोगों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति की इस यात्रा से वहाँ के बुनियादी ढाँचे और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। वहीं, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में यह कदम अमेरिका की “इंडो-पैसिफिक रणनीति” को मजबूती देता है।

निष्कर्ष

जॉइंट बेस एलमेंडॉर्फ पर एयर फ़ोर्स वन की लैंडिंग अमेरिका की विदेश नीति और रक्षा रणनीति का स्पष्ट संकेत है। यह केवल राष्ट्रपति की यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसी पहल है जो आने वाले समय में अंतर्राष्ट्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है। अलास्का में हुआ यह ऐतिहासिक आगमन अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम अध्याय साबित हो सकता है।


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