अमेरिका-चीन रिश्तों पर ट्रंप का बयान: “हमारे पास ऐसे कार्ड हैं जो चीन को तबाह कर सकते हैं, लेकिन हम उनका इस्तेमाल नहीं करेंगे”

वॉशिंगटन, 26 अगस्त 2025 (एएनआई):
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका चीन के साथ “बेहतरीन संबंध” बनाए रखेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास चीन को गहरा नुकसान पहुँचाने की क्षमता है, लेकिन वे उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाना चाहते।
ट्रंप ने कहा, “हम चीन के साथ शानदार रिश्ते बनाने जा रहे हैं। हमारे पास कई अद्भुत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन मैं उन्हें इस्तेमाल नहीं करना चाहता। अगर मैं उन विकल्पों का इस्तेमाल करूँ, तो चीन बर्बाद हो जाएगा। मैं ऐसा नहीं करने जा रहा।”
व्यापारिक तनाव और नए आदेश
इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने एक नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें चीन के साथ जारी चर्चाओं को देखते हुए पारस्परिक टैरिफ दरों में बदलाव किया गया। अमेरिकी संविधान और कई कानूनों जैसे International Emergency Economic Powers Act तथा National Emergencies Act का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि चीन ने अब तक व्यापार में समानता (trade reciprocity) नहीं दिखाई है।
ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ असंतुलित व्यापार संबंध अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।
अप्रैल और मई 2025 के फैसले
अप्रैल 2025 में ट्रंप प्रशासन ने Executive Order 14257 जारी किया था, जिसके तहत अमेरिकी वस्तुओं पर लगातार बढ़ते व्यापार घाटे को “राष्ट्रीय आपात स्थिति” करार देते हुए चीन से आने वाले आयातों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। इसके बाद Executive Orders 14259 और 14266 में और अधिक टैरिफ बढ़ाए गए, खासकर तब जब बीजिंग ने पलटवार करते हुए अपने खुद के शुल्क लगाए।
मई 2025 में, Executive Order 14298 के तहत, ट्रंप ने 90 दिनों के लिए चीन पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को निलंबित कर दिया और संशोधित दर लागू की। हालांकि यह निलंबन 12 अगस्त 2025 को समाप्त होने वाला था।
हालिया आदेश और भविष्य की दिशा
12 अगस्त के बाद जारी नए आदेश में कहा गया कि चीन ने गैर-पारस्परिक व्यापार व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में कुछ कदम उठाए हैं। साथ ही, अमेरिका से जुड़े आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने की कोशिश की है। वरिष्ठ अधिकारियों की सिफारिश पर ट्रंप ने निलंबन जारी रखने का निर्णय लिया।
निष्कर्ष
ट्रंप का यह बयान साफ करता है कि अमेरिका के पास चीन पर दबाव डालने के कई “मजबूत पत्ते” हैं, लेकिन उनका सीधा इस्तेमाल अभी नहीं किया जाएगा। मौजूदा स्थिति में अमेरिका “संतुलित दबाव” की रणनीति अपनाकर चीन के साथ रिश्तों को बिगाड़ने से बचना चाहता है, जबकि साथ ही अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा भी करना चाहता है।
