पेरिस में ‘Coalition of the Willing’ सम्मेलन: यूक्रेन के समर्थन में वैश्विक एकता का निर्णायक क्षण

26 जनवरी 2024 को फ्रांस की राजधानी पेरिस वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी, जब ‘Coalition of the Willing’ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस उच्च-स्तरीय बैठक ने यूक्रेन के प्रति अंतरराष्ट्रीय समर्थन को केवल दोहराया ही नहीं, बल्कि उसे एक स्पष्ट रणनीतिक दिशा भी दी। यूरोपीय देशों, नाटो सहयोगियों और प्रमुख मित्र राष्ट्रों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि यूक्रेन का प्रश्न अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा बन चुका है।
🏛️ सम्मेलन की पृष्ठभूमि और संरचना
- आयोजन स्थल: एलिसी पैलेस, पेरिस
- तिथि: 26 जनवरी 2024
- प्रतिभागी:
- यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- ब्रिटेन के नेता कीर स्टारमर
- यूरोपीय संघ व नाटो देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन की सुरक्षा, संप्रभुता और युद्ध के बाद स्थिरता को लेकर साझा दृष्टिकोण तैयार करना था।
🤝 साझा संकल्प और रणनीतिक सहमति
बैठक के अंत में जारी संयुक्त दस्तावेज़ में स्पष्ट किया गया कि यूक्रेन की सुरक्षा को कमजोर करना यूरोपीय और अटलांटिक क्षेत्र की स्थिरता को सीधे चुनौती देना होगा। सभी देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य की किसी भी शांति प्रक्रिया में यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- युद्धविराम की स्थिति में यूक्रेन में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
- संभावित भविष्य के हमलों को रोकने के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र
- अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप शांति प्रयास
🇺🇦 यूक्रेन के लिए सम्मेलन का महत्व
यह सम्मेलन यूक्रेन के लिए केवल कूटनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा का संकेत भी लेकर आया।
- राजनीतिक मजबूती: यूक्रेन को वैश्विक मंच पर एकजुट समर्थन मिला
- सुरक्षा आश्वासन: बहुराष्ट्रीय सहयोग से भविष्य की आक्रामकता पर अंकुश
- पुनर्निर्माण की दिशा: युद्धोत्तर विकास और स्थिरता के लिए रणनीतिक आधार
यह बैठक रूस को यह स्पष्ट संदेश देने में भी सफल रही कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब निष्क्रिय दर्शक नहीं रहेगा।
🌍 यूरोपीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने संदेश में कहा कि यूरोप यूक्रेन के साथ खड़ा है और उसकी सुरक्षा साझा जिम्मेदारी है। उनका बयान इस बात का प्रतीक था कि यूरोपीय नेतृत्व इस संकट को केवल तात्कालिक नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा प्रश्न मानता है।
🔎 समापन विश्लेषण
पेरिस में आयोजित ‘Coalition of the Willing’ शिखर सम्मेलन यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनयिक उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। यह आयोजन दिखाता है कि वैश्विक शक्तियां अब केवल समर्थन के बयान नहीं दे रहीं, बल्कि ठोस सुरक्षा ढांचे और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही हैं।
यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस बदलाव का संकेत है, जहाँ संप्रभुता और सुरक्षा के सवालों पर सामूहिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
