ट्रंप की चेतावनी का असर: कनाडा ने चीन के साथ मुक्त व्यापार पर लगाया विराम, पीएम मार्क कार्नी का स्पष्ट संदेश

वैश्विक व्यापार राजनीति में एक अहम मोड़ तब देखने को मिला जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ किसी भी संभावित मुक्त व्यापार समझौते से साफ इनकार कर दिया। यह निर्णय उस समय सामने आया है, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर कड़ा दबाव बनाते हुए 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की खुली धमकी दी थी।
🇨🇦 कनाडा की रणनीति: पहले अपनी अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री कार्नी ने अपने बयान में दो टूक कहा कि कनाडा ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौते नहीं करेगा, जहां बाजार की पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा के समान नियम लागू नहीं होते। उन्होंने चीन को अप्रत्यक्ष रूप से “नियंत्रित अर्थव्यवस्था” बताते हुए कहा कि कनाडा की प्राथमिकता घरेलू उत्पादन, रोजगार और उद्योगों की सुरक्षा है।
कार्नी ने यह भी याद दिलाया कि CUSMA समझौते (कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको) के अंतर्गत कनाडा पर यह दायित्व है कि वह गैर-बाजार अर्थव्यवस्थाओं के साथ किसी भी बड़े व्यापारिक कदम से पहले अपने साझेदारों को सूचित करे।
🇺🇸 ट्रंप का सख्त रुख और बयानबाज़ी
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के चीन से नजदीकियों पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर तीखा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि चीन कनाडा की अर्थव्यवस्था में गहरी पैठ बना रहा है और यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाएगा।
ट्रंप की यह चेतावनी केवल कनाडा के लिए नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए एक संदेश मानी जा रही है जो चीन के साथ व्यापारिक विस्तार की सोच रहे हैं।
🇨🇳 सीमित दायरे में बना रहेगा व्यापार
हालांकि कनाडा ने चीन के साथ पूरी तरह से कारोबारी रिश्ते खत्म नहीं किए हैं। कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में शुल्क में राहत दी गई है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि इसे किसी भी तरह से मुक्त व्यापार समझौते के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल अस्थायी और क्षेत्र-विशेष कदम हैं।
🛒 घरेलू बाजार को सहारा देने की पहल
इन अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच प्रधानमंत्री कार्नी ने “Buy Canadian” पहल की घोषणा की। इस अभियान के तहत नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और छोटे व मध्यम व्यवसायों को समर्थन दें। सरकार का मानना है कि इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों से बेहतर तरीके से निपट सकेगी।
निष्कर्ष
कनाडा द्वारा चीन के साथ मुक्त व्यापार पर रोक लगाने का फैसला यह दर्शाता है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक निर्णय केवल व्यापार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे कूटनीति और भू-राजनीतिक दबावों से भी गहराई से जुड़े हैं। फिलहाल कनाडा ने अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को तरजीह दी है, लेकिन आने वाले समय में यह संतुलन कैसे बदलेगा, यह वैश्विक राजनीति पर निर्भर करेगा।
