फ़रवरी 12, 2026

भारत–यूरोप संबंधों में रणनीतिक बदलाव: India-EU Forum 2026 का संदेश

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India-EU Forum 2026 ने भारत और यूरोप के रिश्तों को एक नए रणनीतिक स्तर पर पहुँचा दिया है। इस मंच पर ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास द्वारा भारत को यूरोप के लिए “आवश्यक साझेदार” बताया जाना केवल एक कूटनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक वास्तविकताओं की स्पष्ट स्वीकारोक्ति है। उनका यह कथन दर्शाता है कि भारत अब यूरोप की विदेश और सुरक्षा नीति में एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य स्तंभ बन चुका है।

भारत–यूरोप साझेदारी का बढ़ता महत्व

भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
आज के अस्थिर वैश्विक माहौल में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का महत्व तेजी से बढ़ा है। भारत इस क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त समुद्री मार्गों और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थक रहा है। यूरोप के लिए भारत के साथ सहयोग करना केवल क्षेत्रीय संतुलन के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए भी जरूरी होता जा रहा है।

आर्थिक अवसरों का विस्तार
India-EU Free Trade Agreement (FTA) पर चल रही बातचीत दोनों पक्षों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकती है। यह समझौता व्यापार, निवेश और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा। ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों के लिए भारत एक उभरता हुआ बाजार है, जहाँ ऊर्जा, बंदरगाह विकास और बुनियादी ढांचे में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं।

प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग
डिजिटल तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और नवाचार के क्षेत्र में भारत और यूरोप की साझा क्षमताएँ वैश्विक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश कर सकती हैं। यह साझेदारी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि भविष्य उन्मुख विकास मॉडल को भी आकार दे सकती है।

ग्रीस: भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का नया सेतु

ग्रीस भारत के साथ रक्षा, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने में विशेष रुचि दिखा रहा है। भूमध्यसागर से लेकर हिंद महासागर तक बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत को एक भरोसेमंद साझेदार मानना ग्रीस की दूरदर्शी रणनीति को दर्शाता है। डेंडियास का बयान इस बात का संकेत है कि भारत अब यूरोप के सुरक्षा विमर्श का हिस्सा बन चुका है।

निष्कर्ष

India-EU Forum 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत-यूरोप संबंध अब औपचारिक बैठकों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे। वे अब ठोस सहयोग, साझा हितों और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्रीस के रक्षा मंत्री का वक्तव्य इस बदलाव का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में India-EU FTA और सुरक्षा सहयोग न केवल दोनों पक्षों के रिश्तों को मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक राजनीति में उनकी सामूहिक भूमिका को भी नई ताकत देंगे।


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