अकबरपुर-रनिया में बारा समाज सम्मेलन: सम्मान, अधिकार और विकास के संकल्प पर जोर
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात। अकबरपुर-रनिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नहरीबरी में विमुक्ति घुमंतू जाति आभार दिवस एवं बारा समाज सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण की मौजूदगी रही। सम्मेलन में बड़ी संख्या में बारा समाज के लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान समाज के सम्मान, अधिकार, सामाजिक उत्थान और विकास से जुड़े विषयों पर विचार रखे गए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ता ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसके प्रत्येक परिवार को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले। लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित रहे समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ बारा समाज सहित विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों के कल्याण की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोग
ग्राम नहरीबरी में आयोजित इस सम्मेलन में बारा समाज के लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और अपने सामाजिक मुद्दों एवं अपेक्षाओं को सामने रखा। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य केवल एक सामाजिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि समुदाय के लोगों के बीच जागरूकता, एकजुटता और अधिकारों के प्रति समझ को मजबूत करना भी था।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि समाज के लोगों ने जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ सहभागिता की, वह सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
सम्मान और अधिकार को लेकर प्रतिबद्धता
सम्मेलन में बारा समाज के सामाजिक सम्मान और अधिकारों को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकास का लाभ तभी सार्थक माना जा सकता है, जब समाज के उन परिवारों तक भी योजनाओं और अवसरों की पहुंच हो, जो लंबे समय से आर्थिक या सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
बारा समाज के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार, आवास, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अवसरों को बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना जरूरी है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों और सुविधाओं से वंचित न रहे।
विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। गरीब, पिछड़े, वंचित, विमुक्त और घुमंतू समुदायों को विकास प्रक्रिया में शामिल करना इसी व्यापक सोच का हिस्सा बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक विकास केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षित आवास, स्वच्छ वातावरण, रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा किसी भी परिवार के सम्मानजनक जीवन की आधारशिला हैं। इसलिए विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
सरकारी योजनाओं का उल्लेख
सम्मेलन के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने, आयुष्मान भारत के जरिए स्वास्थ्य सुरक्षा देने, उज्ज्वला योजना से रसोई गैस की सुविधा उपलब्ध कराने तथा जन-धन योजना के माध्यम से लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने जैसे प्रयासों की चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन, खाद्यान्न सहायता और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लाभार्थियों को समय पर इनका लाभ मिले और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे।
डबल इंजन सरकार के प्रयासों पर चर्चा
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि डबल इंजन सरकार प्रदेश के विकास को गति देने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता का आकलन केवल बड़े विकास कार्यों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होना चाहिए कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया। इसी दृष्टिकोण के साथ वंचित समुदायों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शिक्षा और रोजगार को बताया महत्वपूर्ण आधार
बारा समाज के सामाजिक उत्थान के लिए शिक्षा और रोजगार को विशेष महत्व देने की बात कही गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाना आवश्यक है।
महिलाओं की भागीदारी को भी सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। कहा गया कि जब परिवार की महिलाओं को शिक्षा, आर्थिक अवसर और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।
सामाजिक एकजुटता का संदेश
बारा समाज सम्मेलन ने सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से समाज के भीतर आपसी सहयोग और जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूक समाज ही अपने विकास की दिशा स्वयं तय कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सम्मान और अवसर के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
सम्मेलन के दौरान यह संदेश दिया गया कि बारा समाज सहित प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सम्मान, अवसर और अधिकार उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहने चाहिए। सामाजिक विकास में किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में लोगों से मिले स्नेह और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि जनता का विश्वास जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी ताकत है। इसी विश्वास के आधार पर क्षेत्र के विकास और समाज के कल्याण के लिए निरंतर काम करने का संकल्प दोहराया गया।
नहरीबरी में आयोजित यह सम्मेलन बारा समाज की सामाजिक भागीदारी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक सम्मान, सरकारी योजनाओं की पहुंच, शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों को प्रमुखता मिली। साथ ही समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।