नवाब गेट उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में चार घंटे बिजली कटौती, सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक प्रभावित रहेगी आपूर्ति
महिपाल सिंह
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता रामपुर
रामपुर। नवाब गेट विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। 33/11 केवी नवाब गेट उपकेंद्र की 33 केवी लाइन के आवश्यक रखरखाव कार्य और विद्युत लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों की टहनियों की छंटाई के चलते संबंधित क्षेत्रों में करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने की जानकारी दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह कार्य सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलने की संभावना है।

विद्युत विभाग की ओर से किए जाने वाले इस अनुरक्षण कार्य का उद्देश्य बिजली नेटवर्क को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना बताया गया है। लाइन के आसपास पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाएं कई बार विद्युत तारों के संपर्क में आने का खतरा पैदा करती हैं। ऐसे में टहनियों की छंटाई के साथ-साथ लाइन का निरीक्षण और जरूरी रखरखाव करना विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
चार घंटे प्रभावित रहेगी बिजली आपूर्ति
नवाब गेट उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच बिजली आपूर्ति बंद या बाधित रह सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं को निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए आवश्यक घरेलू और व्यावसायिक कार्य पहले से निपटाने की सलाह दी है।
बिजली कटौती की अवधि में घरों, दुकानों और छोटे कारोबारों में रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। विशेष रूप से ऐसे परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिनके आवश्यक उपकरण बिजली पर निर्भर हैं। हालांकि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति को सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
33 केवी लाइन का किया जाएगा रखरखाव
नवाब गेट उपकेंद्र की 33 केवी लाइन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस लाइन से जुड़े नेटवर्क की नियमित जांच और रखरखाव किया जाना जरूरी होता है, ताकि तकनीकी खराबी की आशंका को कम किया जा सके। निर्धारित शटडाउन के दौरान विभागीय कर्मचारी लाइन और संबंधित उपकरणों की स्थिति की जांच करेंगे।
रखरखाव के दौरान यदि किसी हिस्से में तकनीकी कमी या संभावित खतरा दिखाई देता है तो उसे दुरुस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस तरह के कार्य सामान्य दिनों में बिजली आपूर्ति जारी रखते हुए करना कई बार सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं होता। इसलिए विभाग निर्धारित समय के लिए आपूर्ति रोककर काम पूरा करता है।
पेड़ों की टहनियों की होगी छंटाई
बिजली लाइनों के आसपास पेड़ और उनकी शाखाएं विद्युत व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। तेज हवा, बारिश या आंधी के दौरान पेड़ों की शाखाएं तारों से टकराने पर बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है। कई बार इससे लाइन में फॉल्ट आने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नवाब गेट उपकेंद्र से संबंधित 33 केवी लाइन के आसपास पेड़ों की अनावश्यक रूप से बढ़ी टहनियों की छंटाई की जाएगी। इससे विद्युत तारों और पेड़ों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी। विभाग के अनुसार, इस प्रकार का कार्य भविष्य में होने वाली तकनीकी परेशानियों को कम करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
निर्धारित बिजली कटौती के दौरान विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है। चार घंटे की प्रस्तावित आपूर्ति बाधा को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि वे पहले से पानी की व्यवस्था, मोबाइल फोन चार्जिंग और अन्य आवश्यक कार्य पूरे कर लें।
दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण हो सकता है। जिन कार्यों के लिए बिजली की आवश्यकता होती है, उन्हें संभव हो तो कटौती शुरू होने से पहले पूरा किया जा सकता है। इससे निर्धारित शटडाउन के दौरान होने वाली असुविधा को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा।
गर्मी और मौसम के बीच बढ़ सकती है परेशानी
बिजली कटौती का असर मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करता है। यदि कटौती के दौरान तापमान अधिक रहा तो घरों और दुकानों में पंखे, कूलर तथा अन्य विद्युत उपकरण बंद रहने से लोगों को असुविधा हो सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव कर लें।
हालांकि बिजली विभाग द्वारा रखरखाव के लिए लिया जाने वाला शटडाउन अस्थायी होता है। इसका मुख्य उद्देश्य आपूर्ति नेटवर्क को बेहतर स्थिति में बनाए रखना और भविष्य में अचानक होने वाली खराबी की संभावना को कम करना होता है।
सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है रखरखाव
विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी और रखरखाव केवल आपूर्ति सुचारु रखने के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। क्षतिग्रस्त उपकरण, ढीले तार या पेड़ों की शाखाओं से संपर्क जैसी समस्याएं गंभीर विद्युत दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। समय रहते इन संभावित खतरों को दूर करने से नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ती है।
नवाब गेट उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर प्रस्तावित कार्य को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। विभागीय कर्मचारी निर्धारित समय में आवश्यक कार्य पूरा कर आपूर्ति बहाल करने की दिशा में काम करेंगे।
लोगों को पहले से दी गई सूचना
बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को अचानक परेशानी न हो, इसके लिए निर्धारित शटडाउन की सूचना पहले से देना महत्वपूर्ण होता है। नवाब गेट उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने की जानकारी दी गई है।
लोगों से अपील है कि वे इस अवधि को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल पहले कर लें। साथ ही बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद उपकरणों को एक साथ चालू करने के बजाय कुछ समय के अंतराल से चालू करना बेहतर रहेगा, ताकि अचानक लोड बढ़ने से परेशानी न हो।
समय में बदलाव की स्थिति संभव
रखरखाव कार्य की प्रकृति के कारण वास्तविक समय परिस्थितियों के अनुसार थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है। यदि किसी तकनीकी कारण से काम निर्धारित समय से अधिक चलता है तो बिजली आपूर्ति की बहाली में भी देरी संभव है। वहीं कार्य समय से पहले पूरा होने पर आपूर्ति निर्धारित अवधि से पहले भी बहाल की जा सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे रखरखाव अवधि के दौरान बिजली से जुड़े किसी भी कार्य के लिए सावधानी बरतें। आपूर्ति बंद रहने की स्थिति में विद्युत लाइनों और उपकरणों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।
बेहतर आपूर्ति के लिए अस्थायी कटौती
नवाब गेट उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में प्रस्तावित चार घंटे की बिजली कटौती भले ही लोगों के लिए असुविधा का कारण बने, लेकिन विद्युत नेटवर्क के रखरखाव के लिए ऐसे कार्य आवश्यक होते हैं। 33 केवी लाइन की जांच, आवश्यक अनुरक्षण और पेड़ों की टहनियों की छंटाई पूरी होने के बाद आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रस्तावित शटडाउन को देखते हुए उपभोक्ताओं को अपने जरूरी काम पहले से पूरा करने और धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। विभाग का प्रयास रहेगा कि निर्धारित अवधि में रखरखाव कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाए। नियमित रखरखाव और समय-समय पर किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों से विद्युत नेटवर्क को मजबूत बनाने तथा अचानक होने वाले फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं को कम करने में सहायता मिल सकती है।