अन्याय के खिलाफ संघर्ष और संगठन विस्तार का संकल्प, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने मनाया 18वां स्थापना दिवस

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, बेरोजगारी और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा; कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान

उरई (जालौन)। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने रविवार को अपना 18वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। उरई के करमेर रोड स्थित विंदा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की अब तक की गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता से सीधे संवाद पर निर्भर करती है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, युवाओं में जागरूकता, रोजगार तथा आम लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ और गांव स्तर तक मजबूत करने तथा जनता की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित मंचों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

18 वर्षों के सफर को किया याद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के प्रदेश सचिव एवं बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट मुबारक खान ने संगठन के 18 वर्षों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने अपने गठन के बाद से लगातार सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों को उठाने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, संगठन का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करना तथा जरूरत के समय उनकी आवाज को मजबूती से सामने रखना रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी के नेतृत्व में संगठन ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी है। अब समय की आवश्यकता है कि कार्यकर्ता संगठन की गतिविधियों को और व्यापक बनाएं तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों से संपर्क स्थापित करें।

सामाजिक सद्भाव को बताया महत्वपूर्ण

मुबारक खान ने अपने संबोधन में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बीच संवाद तथा आपसी विश्वास जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज में नफरत और दूरी बढ़ाने वाली परिस्थितियों के बजाय आपसी बातचीत और शांतिपूर्ण संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें।

उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता मजबूत होगी तो आम लोगों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाना भी आसान होगा। संगठन को जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।

शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर

स्थापना दिवस समारोह में युवाओं और छात्रों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। मुबारक खान ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूत नींव शिक्षा और जागरूकता से तैयार होती है। इसलिए युवाओं को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ संविधान में दिए गए अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विद्यार्थियों और युवाओं के बीच जाकर उन्हें शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करें। उनका कहना था कि जागरूक युवा ही समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।

जनहित के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात

कार्यक्रम में संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। मुबारक खान ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकारों से जुड़े विषयों को संगठन आगे भी प्रमुखता से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर जनता को परेशानी होती है, उन्हें ज्ञापन, संवाद, शांतिपूर्ण आंदोलन और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से संबंधित अधिकारियों तथा सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने दलित, मुस्लिम और ईसाई समुदायों से जुड़े आरक्षण के मुद्दे सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर संगठन की ओर से आवाज उठाने की बात कही। साथ ही बुलडोजर कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी संगठन की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की बात कही गई।

युवाओं से राजनीति और समाजसेवा में आगे आने की अपील

मुबारक खान ने युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहे, बल्कि अपने आसपास रहने वाले लोगों की समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए सक्रिय प्रयास करे।

उन्होंने कहा कि राजनीति और समाजसेवा में ईमानदार एवं जागरूक युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को गांव, कस्बों और मोहल्लों में जाकर लोगों से बातचीत करनी चाहिए। आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उन्हें संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना ही जमीनी राजनीति और सामाजिक कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बुंदेलखंड में आंदोलनों और जनमुद्दों का किया उल्लेख

प्रदेश सचिव ने बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बटला हाउस एनकाउंटर की जांच, उरई जेल कांड में कथित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, 10 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘अन्याय दिवस’ तथा छात्रों से संबंधित आंदोलनों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि संगठन ने समय-समय पर जनता से जुड़े विषयों को लेकर अपनी आवाज उठाई है। उनका कहना था कि आगे भी संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनहित के मुद्दों को सामने रखेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को किसी भी परिस्थिति में संगठनात्मक अनुशासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही।

संगठन को मजबूत करने पर जिलाध्यक्ष का जोर

कार्यक्रम के दौरान जालौन जिलाध्यक्ष मु. सलीम भंडारी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और सभी को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन को जिला स्तर से लेकर गांव और कस्बों तक मजबूत बनाने के लिए लगातार लोगों के संपर्क में रहें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और संगठन के माध्यम से उन समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना होगा।

मु. सलीम भंडारी ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्थापना दिवस को संगठन के लिए आगे की दिशा तय करने वाला अवसर बताते हुए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

आगे की रणनीति पर भी हुआ मंथन

स्थापना दिवस समारोह केवल संगठन के पुराने सफर को याद करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भविष्य की कार्ययोजना को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में संगठन को जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है।

कार्यकर्ताओं ने संगठन के विस्तार, जनसंपर्क बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने और शिक्षा एवं जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि जनता से जुड़ाव जितना मजबूत होगा, संगठन उतनी ही प्रभावी तरीके से जनसमस्याओं को संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं तक पहुंचा सकेगा।

समारोह के अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। स्थापना दिवस कार्यक्रम ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी समय में अधिक संगठित होकर काम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, अधिकारों की जानकारी और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर रहा।

इस तरह राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल का 18वां स्थापना दिवस संगठन के पिछले सफर की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर अधिक सक्रियता बढ़ाने के संकल्प के रूप में सामने आया।

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अन्याय के खिलाफ संघर्ष और संगठन विस्तार का संकल्प, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने मनाया 18वां स्थापना दिवस

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 4, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, बेरोजगारी और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा; कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान

उरई (जालौन)। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने रविवार को अपना 18वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। उरई के करमेर रोड स्थित विंदा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की अब तक की गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता से सीधे संवाद पर निर्भर करती है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, युवाओं में जागरूकता, रोजगार तथा आम लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ और गांव स्तर तक मजबूत करने तथा जनता की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित मंचों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

18 वर्षों के सफर को किया याद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के प्रदेश सचिव एवं बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट मुबारक खान ने संगठन के 18 वर्षों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने अपने गठन के बाद से लगातार सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों को उठाने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, संगठन का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करना तथा जरूरत के समय उनकी आवाज को मजबूती से सामने रखना रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी के नेतृत्व में संगठन ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी है। अब समय की आवश्यकता है कि कार्यकर्ता संगठन की गतिविधियों को और व्यापक बनाएं तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों से संपर्क स्थापित करें।

सामाजिक सद्भाव को बताया महत्वपूर्ण

मुबारक खान ने अपने संबोधन में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बीच संवाद तथा आपसी विश्वास जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज में नफरत और दूरी बढ़ाने वाली परिस्थितियों के बजाय आपसी बातचीत और शांतिपूर्ण संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें।

उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता मजबूत होगी तो आम लोगों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाना भी आसान होगा। संगठन को जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।

शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर

स्थापना दिवस समारोह में युवाओं और छात्रों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। मुबारक खान ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूत नींव शिक्षा और जागरूकता से तैयार होती है। इसलिए युवाओं को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ संविधान में दिए गए अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विद्यार्थियों और युवाओं के बीच जाकर उन्हें शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करें। उनका कहना था कि जागरूक युवा ही समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।

जनहित के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात

कार्यक्रम में संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। मुबारक खान ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकारों से जुड़े विषयों को संगठन आगे भी प्रमुखता से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर जनता को परेशानी होती है, उन्हें ज्ञापन, संवाद, शांतिपूर्ण आंदोलन और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से संबंधित अधिकारियों तथा सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने दलित, मुस्लिम और ईसाई समुदायों से जुड़े आरक्षण के मुद्दे सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर संगठन की ओर से आवाज उठाने की बात कही। साथ ही बुलडोजर कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी संगठन की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की बात कही गई।

युवाओं से राजनीति और समाजसेवा में आगे आने की अपील

मुबारक खान ने युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहे, बल्कि अपने आसपास रहने वाले लोगों की समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए सक्रिय प्रयास करे।

उन्होंने कहा कि राजनीति और समाजसेवा में ईमानदार एवं जागरूक युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को गांव, कस्बों और मोहल्लों में जाकर लोगों से बातचीत करनी चाहिए। आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उन्हें संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना ही जमीनी राजनीति और सामाजिक कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बुंदेलखंड में आंदोलनों और जनमुद्दों का किया उल्लेख

प्रदेश सचिव ने बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बटला हाउस एनकाउंटर की जांच, उरई जेल कांड में कथित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, 10 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘अन्याय दिवस’ तथा छात्रों से संबंधित आंदोलनों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि संगठन ने समय-समय पर जनता से जुड़े विषयों को लेकर अपनी आवाज उठाई है। उनका कहना था कि आगे भी संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनहित के मुद्दों को सामने रखेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को किसी भी परिस्थिति में संगठनात्मक अनुशासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही।

संगठन को मजबूत करने पर जिलाध्यक्ष का जोर

कार्यक्रम के दौरान जालौन जिलाध्यक्ष मु. सलीम भंडारी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और सभी को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन को जिला स्तर से लेकर गांव और कस्बों तक मजबूत बनाने के लिए लगातार लोगों के संपर्क में रहें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और संगठन के माध्यम से उन समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना होगा।

मु. सलीम भंडारी ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्थापना दिवस को संगठन के लिए आगे की दिशा तय करने वाला अवसर बताते हुए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

आगे की रणनीति पर भी हुआ मंथन

स्थापना दिवस समारोह केवल संगठन के पुराने सफर को याद करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भविष्य की कार्ययोजना को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में संगठन को जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है।

कार्यकर्ताओं ने संगठन के विस्तार, जनसंपर्क बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने और शिक्षा एवं जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि जनता से जुड़ाव जितना मजबूत होगा, संगठन उतनी ही प्रभावी तरीके से जनसमस्याओं को संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं तक पहुंचा सकेगा।

समारोह के अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। स्थापना दिवस कार्यक्रम ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी समय में अधिक संगठित होकर काम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, अधिकारों की जानकारी और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर रहा।

इस तरह राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल का 18वां स्थापना दिवस संगठन के पिछले सफर की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर अधिक सक्रियता बढ़ाने के संकल्प के रूप में सामने आया।