पेट्रोल पंप से चार सीसी कैमरे चोरी, डीवीआर में कैद हुई चोरों की पूरी करतूत
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
नदीगांव कस्बे में चोरी की वारदात से मचा हड़कंप, करीब 20 हजार रुपये के कैमरे ले गए चोर; पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

नदीगांव (जालौन)। नदीगांव कस्बे में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने एक पेट्रोल पंप को निशाना बनाकर वहां लगाए गए चार सीसीटीवी कैमरे चोरी कर लिए। चोरी किए गए कैमरों की अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन कैमरों को चोर चोरी करके ले गए, उन्हीं कैमरों की रिकॉर्डिंग व्यवस्था यानी डीवीआर में उनकी गतिविधियां दर्ज हो गईं।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पेट्रोल पंप संचालक ने मामले की सूचना नदीगांव पुलिस को दी। संचालक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस डीवीआर में सुरक्षित रिकॉर्डिंग की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
रात के समय पेट्रोल पंप को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, नदीगांव कस्बे में स्थित भारत पेट्रोल पंप पर सुरक्षा की दृष्टि से कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों के जरिए पेट्रोल पंप परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। इसी सुरक्षा व्यवस्था को चोरों ने निशाना बनाया।
चोर पेट्रोल पंप परिसर में पहुंचे और वहां लगे चार सीसीटीवी कैमरों को एक-एक करके निकाल लिया। इसके बाद सभी कैमरों को अपने साथ लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए कैमरों की कुल कीमत लगभग 20 हजार रुपये आंकी गई है।
पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों का उद्देश्य परिसर की निगरानी करना था, लेकिन चोरों ने उन्हीं सुरक्षा उपकरणों को अपना निशाना बना लिया। घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल है।
डीवीआर में दर्ज हो गई पूरी गतिविधि
इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चोरों को शायद यह अंदाजा नहीं था कि उनकी गतिविधियां पेट्रोल पंप के डीवीआर में रिकॉर्ड हो रही हैं। कैमरे चोरी किए जाने के बावजूद उनकी रिकॉर्डिंग व्यवस्था में घटना से संबंधित फुटेज सुरक्षित रह गई।
डीवीआर में उपलब्ध रिकॉर्डिंग पुलिस के लिए जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। फुटेज के माध्यम से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया, वे किस समय पेट्रोल पंप परिसर में दाखिल हुए और घटना के बाद किस दिशा में रवाना हुए।
यदि रिकॉर्डिंग में आरोपियों के चेहरे, पहनावे, वाहन अथवा उनकी गतिविधियां स्पष्ट दिखाई देती हैं तो पुलिस को उनकी पहचान करने में काफी मदद मिल सकती है।
संचालक ने पुलिस को दी सूचना
चोरी की जानकारी मिलने के बाद पेट्रोल पंप संचालक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नदीगांव पुलिस को इसकी सूचना दी। संचालक ने पुलिस को तहरीर देकर घटना की जांच कराने और चोरी किए गए कैमरों को बरामद करने की मांग की।
तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों की ओर से डीवीआर की रिकॉर्डिंग को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी स्थानीय हैं या किसी दूसरे क्षेत्र से वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचे थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
पेट्रोल पंप से सुरक्षा के लिए लगाए गए चार कैमरों का चोरी हो जाना अपने आप में गंभीर घटना है। आमतौर पर पेट्रोल पंपों पर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं और वहां नकदी तथा ईंधन से जुड़ा कारोबार होता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जाता है।
ऐसे में कैमरों की चोरी की घटना सामने आने के बाद आसपास के अन्य पेट्रोल पंप संचालक भी सतर्क हो गए हैं। संचालकों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि सुरक्षा उपकरण ही चोरी होने लगें तो परिसर की निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
हालांकि इस मामले में डीवीआर में फुटेज सुरक्षित होने से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने का एक अहम सुराग मिल गया है।
फुटेज से खुल सकता है वारदात का राज
पुलिस जांच में डीवीआर फुटेज की भूमिका अहम मानी जा रही है। रिकॉर्डिंग के जरिए घटना का समय और चोरों की गतिविधियों का क्रम सामने आ सकता है। पुलिस फुटेज में मौजूद प्रत्येक महत्वपूर्ण जानकारी को जांच के नजरिए से देख रही है।
चोरों ने कैमरों को निकालने के दौरान किन रास्तों का इस्तेमाल किया और घटना के बाद किस ओर गए, इसका पता भी रिकॉर्डिंग से लगाने की कोशिश की जा सकती है। आसपास लगे अन्य प्रतिष्ठानों या मार्गों पर मौजूद कैमरों की फुटेज भी जांच में उपयोगी साबित हो सकती है।
यदि पुलिस को आरोपियों के आने-जाने वाले वाहन की जानकारी मिलती है तो वाहन के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा सकती है।
चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता
नदीगांव कस्बे में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहना जरूरी है। खासतौर पर रात के समय ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है। केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी, रिकॉर्डिंग की जांच और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी जरूरी हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस
नदीगांव पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस का प्रयास है कि डीवीआर में सुरक्षित फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाए और जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस द्वारा घटना से जुड़े संभावित सुरागों को जुटाया जा रहा है। साथ ही चोरी किए गए चारों कैमरों की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे और उन्होंने पेट्रोल पंप को ही निशाना क्यों बनाया।
घटना ने बढ़ाई सतर्कता
नदीगांव के भारत पेट्रोल पंप से चार सीसीटीवी कैमरों की चोरी की घटना ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। करीब 20 हजार रुपये मूल्य के कैमरों की चोरी भले ही आर्थिक नुकसान का मामला हो, लेकिन सुरक्षा उपकरणों को ही निशाना बनाया जाना इसे गंभीर बनाता है।
फिलहाल पुलिस की निगाह डीवीआर में सुरक्षित रिकॉर्डिंग पर है। यही फुटेज घटना की कड़ियों को जोड़ने और संदिग्धों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पेट्रोल पंप संचालक को उम्मीद है कि पुलिस जल्द आरोपियों को पकड़कर चोरी किए गए कैमरे बरामद करेगी।