करथरा पुलिया के पास डस्ट से भरा डंपर पलटा, चालक बाल-बाल बचा
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
निर्माण कार्य के कारण सड़क किनारे खोदा गया गड्ढा बना परेशानी का कारण, कुछ देर प्रभावित रहा आवागमन
उरई (जालौन)। कोटरा-एट मार्ग पर करथरा पुलिया के समीप सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। डस्ट से लदा एक डंपर सड़क किनारे अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान डंपर चालक वाहन से सुरक्षित बाहर निकल आया और उसकी जान बच गई। दुर्घटना के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़क पर भारी वाहन के पलट जाने के कारण दूसरे वाहनों को वहां से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कोटरा-एट मार्ग पर इन दिनों सड़क और पुलिया से संबंधित निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के लिए सड़क के किनारे गड्ढा खोदा गया है। इससे पहले की अपेक्षा मार्ग की उपयोगी चौड़ाई कम हो गई है। खासकर भारी वाहनों के गुजरने के दौरान चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। सोमवार को भी डस्ट से भरा डंपर इसी मार्ग से होकर गुजर रहा था। करथरा पुलिया के पास पहुंचने पर वाहन सड़क के किनारे की ओर चला गया। इसी दौरान किनारे की मिट्टी खिसकने से डंपर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
डंपर के पलटते ही आसपास मौजूद लोगों का ध्यान घटना की ओर गया। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की। राहत की बात यह रही कि हादसे में चालक को गंभीर चोट नहीं आई। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मार्ग से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को भी स्थिति का सामना करना पड़ा।
सड़क की चौड़ाई कम होने से बढ़ा जोखिम
करथरा पुलिया के पास सड़क निर्माण का काम चलने के कारण फिलहाल मार्ग की स्थिति सामान्य यातायात के अनुकूल नहीं है। सड़क के किनारे खुदाई होने से वाहनों के लिए उपलब्ध जगह सीमित हो गई है। छोटे वाहन तो किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन डंपर, ट्रक और अन्य बड़े वाहनों को रास्ता पार करने में अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन हिस्से के आसपास यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और संकेतक लगाए जाएं तो वाहन चालकों को पहले से स्थिति का अंदाजा हो सकता है। सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे के पास पर्याप्त सावधानी नहीं बरते जाने पर किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सोमवार को हुए हादसे में चालक सुरक्षित बच गया, लेकिन यदि डंपर पलटने के दौरान आसपास कोई दूसरा वाहन या राहगीर मौजूद होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
डंपर पलटने से यातायात हुआ प्रभावित
हादसे के बाद डंपर सड़क पर पलट जाने से मार्ग का एक हिस्सा बाधित हो गया। इससे कुछ समय तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सामने से आने वाले वाहनों और पीछे से पहुंचने वाले वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हुई। बड़े वाहनों को विशेष रूप से समस्या का सामना करना पड़ा।
सड़क पर भारी वाहन के पलटने से यातायात को सामान्य करने के लिए उसे हटाना जरूरी हो गया। इस दौरान राहगीर और वाहन चालक मौके पर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते नजर आए। हालांकि हादसे में किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से नाराजगी
स्थानीय लोगों ने सड़क और पुलिया के निर्माण कार्य की गति को लेकर भी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से निर्माण कार्य के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क की स्थिति बदलने के कारण रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
लोगों के मुताबिक, निर्माण कार्य आवश्यक है, लेकिन जब तक काम पूरा नहीं होता तब तक यातायात की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। सड़क किनारे खुदाई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त संकेतक लगाए जाने से वाहन चालकों को जोखिम वाले हिस्से की जानकारी पहले मिल सकती है।
भारी वाहनों के लिए विशेष सावधानी की जरूरत
कोटरा-एट मार्ग से छोटे वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में निर्माणाधीन हिस्से पर सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बड़े वाहनों के चालकों के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा हो जाती है। डंपर के पलटने की घटना के बाद लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए निर्माण स्थल पर विशेष सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
निर्माणाधीन सड़क पर मिट्टी या किनारे की जमीन कमजोर होने की स्थिति में भारी वाहन का वजन संतुलन बिगाड़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर गति कम रखने और सड़क के सुरक्षित हिस्से से ही गुजरने की जरूरत है। दूसरी ओर निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है कि सड़क के किनारे मौजूद जोखिम वाले स्थानों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए।
लोगों ने निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क और पुलिया के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि काम जल्द पूरा होने से मार्ग की मौजूदा समस्याओं से राहत मिल सकती है। लोगों ने निर्माण स्थल पर यातायात को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम करने की भी मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों को रोजाना निर्माण कार्य के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि बारिश या मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बनती है तो सड़क किनारे मौजूद गड्ढे और अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में निर्माण स्थल की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।
हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा
करथरा पुलिया के पास डंपर पलटने की घटना में चालक का सुरक्षित बच जाना राहत की बात है। हालांकि इस घटना ने निर्माणाधीन मार्ग पर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। सड़क निर्माण के दौरान आम लोगों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्माणाधीन हिस्से में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करेगा। सड़क किनारे खुदाई वाले स्थानों को सुरक्षित तरीके से चिन्हित करने, यातायात के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल करथरा पुलिया के पास हुए इस हादसे में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। डस्ट से भरा डंपर पलटने के बावजूद चालक के सुरक्षित रहने से लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्माणाधीन मार्ग पर थोड़ी सी लापरवाही भी वाहन चालकों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने तक संबंधित विभाग, निर्माण एजेंसी और वाहन चालकों—सभी को सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।