ओडिशा में डीप डिप्रेशन का असर: तट पार करने के बाद कमजोर हुआ सिस्टम, कई जिलों में भारी बारिश
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
भुवनेश्वर, 24 सितंबर। उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से सटे क्षेत्र में बना गहरा दबाव क्षेत्र बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात तट को पार कर गया। मौसम प्रणाली ने दक्षिण-पश्चिम दिशा में कलिंगपट्टनम के समीप तट को पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों की गति लगभग 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। इसके कारण ओडिशा के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश हुई।

तट पार करने के बाद मौसम प्रणाली ने जमीन के ऊपर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ना शुरू किया। मौसम विभाग के आकलन के अनुसार, इसके प्रभाव में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है और गुरुवार शाम तक यह डीप डिप्रेशन से कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटों के दौरान इसके और कमजोर होने का अनुमान है। हालांकि, कमजोर पड़ने के बावजूद इससे होने वाली बारिश का प्रभाव तत्काल पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद नहीं है।
सरकार और प्रशासन की स्थिति पर लगातार नजर
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। खासतौर पर दक्षिण और पश्चिमी ओडिशा के जिलों में प्रशासन को सतर्क रखा गया है।
जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय स्तर पर तैनात कर्मचारी लगातार परिस्थितियों की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ाई गई है। नदियों और जलस्तर पर नजर रखने के साथ-साथ सड़क यातायात को सुचारु रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जहां पेड़ गिरने या जलभराव जैसी समस्याएं सामने आईं, वहां संबंधित विभागों ने बहाली का काम शुरू किया।
प्रशासन का मुख्य जोर उन स्थानों पर है जहां नदियों का जलस्तर बढ़ने, पुलों पर पानी आने या अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना नहीं
अब तक प्राप्त जिला स्तरीय सूचनाओं के अनुसार ओडिशा में व्यापक स्तर पर जनहानि या संपत्ति के बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव, नदी और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा पेड़ों के गिरने जैसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।
कोरापुट जिले के कई हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा हुई। सेमिलीगुड़ा में 193.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद जिले से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली।
मलकानगिरी में कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों में पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ। कांगुरुकोंडा, एमवी-90 और कन्याश्रम के समीप पुलों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया। इस व्यवस्था में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ भी समन्वय किया गया।
नबरंगपुर में पुल पर पानी, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
नबरंगपुर जिले के तेंतुलीखुंटी ब्लॉक में एक पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात को नियंत्रित किया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आवागमन को दूसरे मार्ग से संचालित किया।
जिले में पेड़ गिरने की घटनाओं से दो मकानों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
गजपति में वंशधारा नदी पर विशेष निगरानी
गजपति जिले में भी बारिश का असर दिखाई दिया। यहां औसतन करीब 70 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण वंशधारा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके मद्देनजर नदी के संवेदनशील किनारे वाले क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स यानी ओडीआरएएफ की एक टीम को भी तैनात किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
गंजाम और रायगड़ा में भी सतर्कता
गंजाम जिले में वंशधारा और रुशिकुल्या नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने रात में गश्त के साथ बैराज के गेटों के संचालन पर भी नजर बनाए रखी है। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों पर है।
रायगड़ा जिले में वंशधारा नदी के समीपवर्ती क्षेत्रों में रात के समय गश्त की गई। अभी तक जिले से बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। फिर भी अधिकारियों को सतर्क रहने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
कई स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा के अनेक हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। 24 सितंबर को कई स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई।
कोरापुट के सेमिलीगुड़ा में 193.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मलकानगिरी के चित्रकोंडा में 168.8 मिलीमीटर, खुर्दा के टांगी में 142 मिलीमीटर और कटक के बड़ंबा में 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
कंधमाल के जी. उदयगिरी में 125.4 मिलीमीटर, गजपति के पारलाखेमुंडी में 121.4 मिलीमीटर और गोसानी में 120 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कमजोर पड़ते मौसम तंत्र के बावजूद ओडिशा के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधि काफी सक्रिय बनी हुई है।
कई जिलों में मौसम चेतावनी जारी
मौसम प्रणाली के तट पार करने के बाद भी राज्य के कई जिलों के लिए चेतावनियां लागू हैं। नबरंगपुर के लिए रेड वार्निंग जारी की गई है। इसके अलावा कोरापुट, मलकानगिरी, बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर और कालाहांडी में ऑरेंज वार्निंग दी गई है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि जमीन के ऊपर आगे बढ़ने और कमजोर होने के दौरान भी यह सिस्टम बारिश करा सकता है। विशेष रूप से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और अचानक पानी बढ़ने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन ने एहतियाती व्यवस्था जारी रखने के दिए निर्देश
राज्य प्रशासन ने मौसम प्रणाली के कमजोर होने के बावजूद जिलों को सतर्कता कम नहीं करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रि गश्त, नदी के जलस्तर की निगरानी और जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखने का काम जारी है।
जहां पेड़ गिरने से सड़कें प्रभावित हुई हैं, वहां उन्हें हटाने के लिए संबंधित टीमों को सक्रिय रखा गया है। जरूरत पड़ने पर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित करने और जोखिम वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल किसी भी संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाना है। जिला स्तर के अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना के बावजूद अगले 24 घंटे ओडिशा के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासतौर पर दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश के कारण नदियों और जल निकासी प्रणालियों पर दबाव बढ़ सकता है।
अधिकारियों ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और नदी, नाले तथा जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
फिलहाल राज्य में बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्कता बरकरार रखी गई है। मौसम प्रणाली के कमजोर होने के साथ परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।