उरई में विशेष सफाई अभियान को लेकर डीएम सख्त, बाजार से मोहल्लों की गलियों तक चलेगा स्वच्छता अभियान
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई (जालौन)। जनपद के नगरीय क्षेत्रों को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष सफाई अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार से जिले के सभी नगर निकायों और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई अभियान केवल प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों तक सीमित न रहे, बल्कि शहर और कस्बों की गलियों, आवासीय इलाकों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों तक इसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की नियमित निगरानी करें। उन्होंने सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न बरतने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि विशेष अभियान के दौरान ऐसे स्थानों को भी चिन्हित कर साफ कराया जाए, जहां सामान्य दिनों में सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है।
धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष ध्यान
बैठक में जिलाधिकारी ने धार्मिक स्थलों, बाजारों, प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अलावा नालियों की सफाई तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास के क्षेत्रों को भी स्वच्छ रखने के लिए कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सफाई अभियान की योजना बनाते समय केवल दिखाई देने वाले प्रमुख स्थानों को ही ध्यान में न रखा जाए। नगरों के भीतरी हिस्सों, मोहल्लों और आवासीय गलियों में भी सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। जिन स्थानों पर लंबे समय से गंदगी या कूड़े का जमाव है, उन्हें चिन्हित कर विशेष अभियान के माध्यम से साफ कराया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद नगर निकायों के सामने अब चुनौती यह है कि अभियान को केवल औपचारिक गतिविधि न बनाकर उसे धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसके लिए सफाई कर्मचारियों के साथ उपलब्ध मशीनरी और अन्य संसाधनों का समुचित इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया है।
कचरे के निस्तारण पर भी रहेगी नजर
विशेष सफाई अभियान के दौरान केवल कूड़ा उठाना ही पर्याप्त नहीं होगा। जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि सफाई के बाद एकत्रित कचरे का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि सफाई के दौरान उठाया गया कचरा किसी दूसरे स्थान पर अव्यवस्थित रूप से न डाला जाए। यदि कूड़ा उठाने के बाद उसका उचित निस्तारण नहीं किया गया तो एक जगह की सफाई दूसरे स्थान पर गंदगी का कारण बन सकती है। ऐसे में अधिकारियों को सफाई से लेकर कचरे के अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने को कहा गया है।
सफाई की गुणवत्ता की होगी नियमित निगरानी
जिलाधिकारी ने सफाई कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को गंभीर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान होने वाले कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और यह देखा जाए कि सफाई वास्तव में हुई है या केवल कागजों में अभियान चलाया जा रहा है।
नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि अभियान समाप्त होने के बाद भी नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को इसका स्थायी लाभ मिले।
आम लोगों से भी सहयोग की अपील
विशेष सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें तो शहर और कस्बों की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
इसी क्रम में नागरिकों को अपने क्षेत्र की सफाई से जुड़ी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने की सुविधा भी दी गई है। यदि किसी वार्ड, मोहल्ले या अन्य स्थान पर सफाई नहीं हुई है अथवा किसी जगह कूड़ा पड़ा हुआ है, तो लोग इसकी सूचना मोबाइल नंबर 9936256363 पर फोन करके दे सकते हैं।
प्रशासन के अनुसार ऐसी सूचनाओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। इससे उन स्थानों तक भी सफाई व्यवस्था पहुंचाने में मदद मिल सकती है, जो नियमित निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की नजर से छूट जाते हैं।
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
जिलाधिकारी ने विशेष सफाई अभियान के दौरान किए जा रहे कार्यों और उसके परिणामों को आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन चाहता है कि सफाई अभियान केवल कुछ दिनों तक चलने वाली गतिविधि न रह जाए, बल्कि इसके माध्यम से लोगों में स्थायी रूप से स्वच्छता की आदत विकसित हो। इसके लिए नगर निकायों को सफाई कार्यों के साथ जनभागीदारी पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
बाजारों में दुकानदारों, आवासीय क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अभियान का असर जमीन पर दिखाने की तैयारी
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद विशेष सफाई अभियान को लेकर नगर निकायों और नगर पंचायतों को अपनी व्यवस्थाएं सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान, सफाई कर्मचारियों की तैनाती, संसाधनों का इस्तेमाल, कचरा उठाने और उसके निस्तारण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासन का लक्ष्य नगरीय क्षेत्रों में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बाजारों से लेकर आवासीय गलियों तक साफ-सफाई दिखाई दे। धार्मिक स्थल, चौराहे, मुख्य मार्ग, नालियां और सार्वजनिक स्थान भी इस अभियान के दायरे में रहेंगे।
विशेष सफाई अभियान की सफलता अंततः इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्देशों का पालन किस स्तर तक होता है और सफाई व्यवस्था कितनी नियमित रहती है। प्रशासनिक निगरानी के साथ यदि स्थानीय नागरिक भी जिम्मेदारी निभाएं, तो उरई समेत जिले के अन्य नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं।
जिला प्रशासन ने इसी उद्देश्य से अधिकारियों को गंभीरता और व्यापकता के साथ अभियान चलाने तथा सफाई कार्य का वास्तविक असर जमीन पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे आने वाले दिनों में नगर निकाय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।