वृंदावन आश्रम में दीपक लोधी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने उठाए सवाल; पुलिस जांच जारी
वृंदावन, मथुरा, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम में शनिवार सुबह एक व्यक्ति की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोधी, जिन्हें आश्रम में दीक्षा के बाद रसिक दुलारी शरण नाम से भी जाना जाता था, के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिवार की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं। वहीं पुलिस ने मामले को जांच के दायरे में लेते हुए पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। बताया गया है कि दीपक लोधी आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
दो साल से आश्रम में रह रहे थे दीपक
रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक लोधी पिछले करीब दो वर्षों से राधा केली कुंज आश्रम में रह रहे थे। आश्रम से जुड़े व्यक्ति रंगीली दास के अनुसार, दीपक लंबे समय से वहां रह रहे थे और उन्हें आश्रम में रहने को लेकर स्वतंत्रता दी गई थी। उनका कहना है कि गुरु की ओर से उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार रहने की छूट थी।
आश्रम पक्ष की ओर से घटना को लेकर उपलब्ध जानकारी में किसी तरह की आपराधिक भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है। आश्रम से जुड़े लोगों ने बताया कि पुलिस द्वारा की जा रही जांच में आवश्यक सहयोग किया जा रहा है।
परिवार ने उठाए कई सवाल
दीपक की मौत के बाद उनके परिजनों ने घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि दीपक के गुरु से दीक्षा लेने के बाद उनसे मिलने-जुलने में उन्हें परेशानी होने लगी थी। परिजनों का दावा है कि दीक्षा के बाद वे दीपक से पहले की तरह संपर्क नहीं कर पा रहे थे।
मृतक के परिवार की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि घटना के बाद उन्हें दीपक से मिलने का अवसर क्यों नहीं मिला। परिजनों ने चोटों की प्रकृति को लेकर भी संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी और परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया।
हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
घटना के बाद आश्रम प्रशासन पर भी सवाल
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद आश्रम की ओर से उनके साथ पर्याप्त संवाद नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने परिजन की स्थिति और घटना के संबंध में समय पर पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
ऐसे आरोपों के सामने आने के बाद मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। हालांकि, किसी भी आरोप को जांच के निष्कर्ष से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान जुटाने में लगी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार, दीपक लोधी की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मामले में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जबकि फॉरेंसिक टीम द्वारा भी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चौथी मंजिल से गिरने की घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
जांच में घटनास्थल का निरीक्षण, उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मौत के कारण और चोटों की प्रकृति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि घटना के समय दीपक कहां थे, उनके साथ उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे और वह चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे। इसके अलावा घटनास्थल से संबंधित अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
दुर्घटना या कोई और वजह, जांच के बाद होगा स्पष्ट
इस मामले में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपक लोधी की मौत महज एक दुर्घटना थी या घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। परिवार की ओर से संदेह व्यक्त किए जाने के कारण पुलिस हर संभावित पहलू की जांच कर रही है।
किसी व्यक्ति की ऊंचाई से गिरकर मौत होने की स्थिति में घटनास्थल के भौतिक साक्ष्य, चोटों का मेडिकल विश्लेषण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटना से पहले की परिस्थितियां जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जब तक जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण पूरा नहीं कर लेतीं, तब तक मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
परिवार को जांच के निष्कर्ष का इंतजार
दीपक लोधी की मौत के बाद उनका परिवार घटना की पूरी सच्चाई सामने आने की प्रतीक्षा कर रहा है। परिजन चाहते हैं कि घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, आश्रम पक्ष की ओर से बताया गया है कि दीपक लंबे समय से वहां रह रहे थे और उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार रहने की स्वतंत्रता थी। अब पुलिस जांच के निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना वास्तव में कैसे हुई।
फिलहाल पुलिस ने मामले को जांच में रखा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और जांच के दौरान सामने आने वाले बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। दीपक लोधी की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसका अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।