अमरोहा में फार्महाउस पर युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म, दो यूपी पुलिसकर्मी और दो CRPF कर्मी गिरफ्तार

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अमरोहा, उत्तर प्रदेश | 24 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है। हरियाणा निवासी एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसे धार्मिक स्थलों के भ्रमण के बहाने अमरोहा लाया गया और यहां एक फार्महाउस में उसके साथ यौन हिंसा की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के दो कर्मियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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धार्मिक स्थल जाने के नाम पर संपर्क करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, युवती से 20 सितंबर को उसकी एक महिला परिचित के माध्यम से संपर्क किया गया था। उसे CRPF से जुड़े मोहित नामक व्यक्ति से मिलने और अमरोहा में धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की बात कही गई थी। इसके बाद युवती की मोहित से हरियाणा के सोनीपत में मुलाकात हुई।

पुलिस के अनुसार, अगले दिन दोनों मेरठ पहुंचे, जहां CRPF के एक अन्य कर्मी लालाराम यादव के उनके साथ जुड़ने की बात सामने आई। इसके बाद 22 सितंबर की शाम दोनों कर्मी युवती को कार से अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र की ओर लेकर गए। रास्ते में हसनपुर में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर के भी उनके साथ आने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।

फार्महाउस में ले जाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, युवती को अतरासी-हसनपुर मार्ग पर स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया। वहां दो कमरे लिए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि फार्महाउस पहुंचने के बाद उसके साथ जबरन यौन हिंसा की गई।

मीडिया रिपोर्टों में फार्महाउस के स्वामित्व को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक से जुड़ा बताया गया है। पुलिस ने इस संपत्ति के प्रबंधक से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, फार्महाउस के स्वामित्व या वहां मौजूद अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

चारों आरोपियों पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी

अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के अनुसार, युवती की शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल तथा CRPF के दो कर्मी शामिल हैं।

पुलिस ने सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।

युवती ने पुलिस से कैसे संपर्क किया

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि कथित घटना के बाद उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। इसके बाद उसने इंटरनेट पर पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी तलाशकर पुलिस से संपर्क किया।

रिपोर्टों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब छह बजे पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद हसनपुर और राजबपुर थानों की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने इसके बाद मौके से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया।

विभागीय कार्रवाई भी शुरू

मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस के सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

वहीं, CRPF के दोनों कर्मियों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई है। इस कार्रवाई का अंतिम स्वरूप संबंधित विभागीय जांच और नियमों के तहत तय होगा।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें पुलिस और अर्धसैनिक बल से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने घटनाक्रम की पूरी कड़ी स्पष्ट करने और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की स्वतंत्र रूप से जांच करने की जिम्मेदारी है।

हालांकि, आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपियों को कानून के अनुसार आरोपी ही माना जाएगा। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष मामले की आगे की दिशा तय करेंगे।

जांच में किन बिंदुओं पर नजर

पुलिस की जांच में युवती और आरोपियों के बीच संपर्क, अमरोहा तक पहुंचने का घटनाक्रम, फार्महाउस में प्रवेश, वहां मौजूद लोगों की भूमिका और घटना के बाद पुलिस को दी गई सूचना जैसे बिंदुओं को देखा जा रहा है।

फार्महाउस के प्रबंधक से पूछताछ भी इसी जांच का हिस्सा है। इसके अलावा पुलिस उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन तथ्यों के आधार पर किया जा सके।

पीड़िता की पहचान की सुरक्षा जरूरी

यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़ित या शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक न करना कानूनी और नैतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए इस रिपोर्ट में युवती के नाम, पते या ऐसी कोई व्यक्तिगत जानकारी नहीं दी जा रही है जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है।

इस मामले में भी आगे की रिपोर्टिंग पुलिस जांच और न्यायिक कार्यवाही में सामने आने वाले प्रमाणों पर आधारित होगी। सोशल मीडिया या अपुष्ट स्रोतों से सामने आने वाली किसी भी जानकारी को तथ्य मानने से बचना आवश्यक है।

क्या है पूरा घटनाक्रम

उपलब्ध पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्टों को क्रमवार देखें तो 20 सितंबर को युवती से संपर्क किए जाने की बात सामने आई। 21 सितंबर को उसकी मोहित से मुलाकात हुई और दोनों के मेरठ पहुंचने के बाद लालाराम यादव के साथ आने की जानकारी मिली। 22 सितंबर की शाम वे हसनपुर की ओर गए और रास्ते में संजय तोमर के साथ जुड़ने की बात सामने आई।

इसके बाद युवती को एक फार्महाउस ले जाने और वहां कथित यौन हिंसा की शिकायत सामने आई। 23 सितंबर की सुबह युवती ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित निकाला और चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद FIR दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

निष्कर्ष

अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र का यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिकायत में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें उत्तर प्रदेश पुलिस और CRPF से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और संबंधित विभागों में भी कार्रवाई शुरू हुई है।

अब मामले में निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी कार्यवाही के आधार पर ही होगी। फिलहाल पुलिस मामले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।

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