नेतनयाहू पर भ्रष्टाचार मुकदमे की सुनवाई तेज़, अदालत ने बढ़ाई गवाही की समय-सीमा

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तेल अवीव, इज़राइल – प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के खिलाफ यरूशलेम जिला अदालत में चल रहे भ्रष्टाचार मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने आदेश दिया है कि अब नेतनयाहू को सप्ताह में तीन बार गवाही के लिए उपस्थित होना होगा।

इससे पहले वे केवल दो बार अदालत में पेश होते थे, लेकिन बीमारी और थकान का हवाला देते हुए कई सुनवाई टल चुकी थीं। अदालत का कहना है कि मामला जटिल और व्यापक है, इसलिए इसे लंबा खींचना न्याय के हित में नहीं होगा।

अदालत का रुख

जजों ने स्पष्ट किया कि नेतनयाहू का यह तर्क कि बार-बार पेशी से उनकी सरकारी जिम्मेदारियों पर असर पड़ता है, अब मान्य नहीं है। अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट के मुकदमे का उदाहरण देते हुए कहा कि उच्च पद पर बैठे लोगों के लिए भी सख्त सुनवाई शेड्यूल लागू किया जा सकता है।

नए कार्यक्रम का क्रियान्वयन

नवंबर से लागू होने वाले नए कार्यक्रम के तहत नेतनयाहू को अपनी जिरह पूरी होने तक हफ्ते में तीन दिन अदालत का सामना करना होगा। उन पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इज़राइल के न्याय मंत्री यारिव लेविन ने अदालत के फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को बार-बार अदालत में खींचना उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावित कर सकता है।

आरोपों की पृष्ठभूमि

नेतनयाहू पर आरोप है कि उन्होंने संचार मंत्री रहते हुए टेलीकॉम कंपनी बेज़ेक को नियामकीय लाभ पहुँचाया। इसके बदले उन्हें कथित तौर पर राजनीतिक और व्यक्तिगत फायदे हासिल हुए। हालांकि, नेतनयाहू सभी आरोपों से इनकार करते हैं और इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साज़िश बताते हैं।


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नेतनयाहू पर भ्रष्टाचार मुकदमे की सुनवाई तेज़, अदालत ने बढ़ाई गवाही की समय-सीमा

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 11, 2025

तेल अवीव, इज़राइल – प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के खिलाफ यरूशलेम जिला अदालत में चल रहे भ्रष्टाचार मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने आदेश दिया है कि अब नेतनयाहू को सप्ताह में तीन बार गवाही के लिए उपस्थित होना होगा।

इससे पहले वे केवल दो बार अदालत में पेश होते थे, लेकिन बीमारी और थकान का हवाला देते हुए कई सुनवाई टल चुकी थीं। अदालत का कहना है कि मामला जटिल और व्यापक है, इसलिए इसे लंबा खींचना न्याय के हित में नहीं होगा।

अदालत का रुख

जजों ने स्पष्ट किया कि नेतनयाहू का यह तर्क कि बार-बार पेशी से उनकी सरकारी जिम्मेदारियों पर असर पड़ता है, अब मान्य नहीं है। अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट के मुकदमे का उदाहरण देते हुए कहा कि उच्च पद पर बैठे लोगों के लिए भी सख्त सुनवाई शेड्यूल लागू किया जा सकता है।

नए कार्यक्रम का क्रियान्वयन

नवंबर से लागू होने वाले नए कार्यक्रम के तहत नेतनयाहू को अपनी जिरह पूरी होने तक हफ्ते में तीन दिन अदालत का सामना करना होगा। उन पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इज़राइल के न्याय मंत्री यारिव लेविन ने अदालत के फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को बार-बार अदालत में खींचना उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावित कर सकता है।

आरोपों की पृष्ठभूमि

नेतनयाहू पर आरोप है कि उन्होंने संचार मंत्री रहते हुए टेलीकॉम कंपनी बेज़ेक को नियामकीय लाभ पहुँचाया। इसके बदले उन्हें कथित तौर पर राजनीतिक और व्यक्तिगत फायदे हासिल हुए। हालांकि, नेतनयाहू सभी आरोपों से इनकार करते हैं और इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साज़िश बताते हैं।