UP में मिठाइयों पर ‘Use By Date’ अनिवार्य, ग्राहकों को अब साफ दिखेगी इस्तेमाल की अंतिम तारीख
लखनऊ, 28 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में मिठाई कारोबार से जुड़ी दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम की खबर सामने आई है। राज्य में मिठाइयों की गुणवत्ता और ताजगी को लेकर उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिठाइयों पर ‘Use By Date’ यानी इस्तेमाल की अंतिम तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य किए जाने की बात सामने आई है। यह व्यवस्था मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी उत्पाद का सेवन किस समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं। सरकारी सूचना के अनुसार 25 सितंबर 2026 को प्रदेश के छह महानगरों में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत कार्रवाई की जानकारी भी जारी की गई थी।
मिठाइयों की ताजगी पर बढ़ेगी पारदर्शिता
मिठाई ऐसी खाद्य सामग्री है जिसकी गुणवत्ता और सुरक्षित सेवन की अवधि उसके प्रकार, सामग्री, तापमान और भंडारण व्यवस्था के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। दूध, खोया, पनीर, क्रीम या अन्य जल्दी खराब होने वाली सामग्री से तैयार मिठाइयों में विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है।
ऐसे में ‘Use By Date’ का स्पष्ट उल्लेख ग्राहकों को खरीदारी के समय महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है। ग्राहक केवल मिठाई का रंग, रूप या दुकान की प्रतिष्ठा देखकर निर्णय लेने के बजाय उसके उपयोग की निर्धारित अंतिम तारीख भी देख सकेंगे।
यह व्यवस्था खास तौर पर उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जब मिठाइयां पहले से तैयार करके रखी जाती हैं और कई घंटों या दिनों तक बिक्री के लिए उपलब्ध रहती हैं।
दुकानदारों की जिम्मेदारी बढ़ेगी
नए प्रावधान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मिठाई बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों को अपने उत्पादों की तारीख संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रखना होगा। इसका अर्थ यह है कि कारोबारियों को उत्पादन, भंडारण और बिक्री की प्रक्रिया पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा।
मिठाई की तैयारी के बाद उसकी प्रकृति के अनुसार सुरक्षित उपयोग की अवधि निर्धारित करना और उसे ग्राहकों के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी का हिस्सा बनेगा।
इससे दुकानदारों को भी अपने स्टॉक का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है। पुरानी मिठाइयों को लंबे समय तक बिक्री के लिए रखने की संभावना कम हो सकती है और ताजा उत्पादों की आपूर्ति पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा।
ग्राहक खरीदने से पहले देख सकेंगे तारीख
आमतौर पर मिठाई खरीदते समय ग्राहक कीमत, स्वाद, दिखावट और दुकान की साफ-सफाई जैसी चीजों पर ध्यान देते हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य खरीदारी के इस अनुभव में एक और महत्वपूर्ण जानकारी जोड़ना है।
यदि किसी मिठाई पर ‘Use By Date’ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगी, तो ग्राहक खरीदने से पहले यह देख सकेगा कि उत्पाद निर्धारित अवधि के भीतर है या नहीं। इससे उपभोक्ता को अधिक जानकारी के आधार पर निर्णय लेने का अवसर मिलेगा।
विशेष रूप से त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में मिठाइयों की बिक्री होती है। ऐसे समय में मिठाई की मांग अचानक बढ़ जाती है और दुकानों पर पहले से तैयार स्टॉक भी बढ़ सकता है। तारीख का स्पष्ट उल्लेख ऐसे समय में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है।
त्योहारों के मौसम में विशेष महत्व
उत्तर प्रदेश में दीपावली, होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों के अवसर पर मिठाइयों की बिक्री काफी बढ़ जाती है। त्योहारों के दौरान लोग बड़ी मात्रा में मिठाइयां खरीदते हैं और कई बार इन्हें उपहार के रूप में भी दूसरे लोगों को दिया जाता है।
ऐसे माहौल में मिठाई की ताजगी और सुरक्षित उपयोग की जानकारी का महत्व और बढ़ जाता है। ‘Use By Date’ के माध्यम से ग्राहक यह जानकारी प्राप्त कर सकेगा कि संबंधित मिठाई का सेवन किस निर्धारित समय सीमा तक किया जाना चाहिए।
यह व्यवस्था मिठाई विक्रेताओं के लिए भी गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने का अवसर बन सकती है।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा व्यापक प्रयास
उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर हाल के महीनों में कई स्तरों पर गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। राज्य सरकार की ओर से 25 सितंबर को जारी सूचना में ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत छह महानगरों में 24 और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई थी।
दूसरी ओर, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की आधिकारिक अधिसूचना सूची में भी सितंबर 2026 में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कई अधिसूचनाएं और नियामकीय बदलाव दर्ज हैं। 24 सितंबर 2026 को FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों से संबंधित एक मसौदा संशोधन भी प्रकाशित किया था।
इस व्यापक व्यवस्था का उद्देश्य खाद्य कारोबार में गुणवत्ता, निगरानी और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े मानकों को मजबूत करना है।
छोटे दुकानदारों के सामने बढ़ सकती हैं चुनौतियां
जहां उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से तारीख प्रदर्शित करने की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, वहीं छोटे मिठाई कारोबारियों के लिए इसके अनुपालन को लेकर कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हो सकती हैं।
छोटी दुकानों में रोजाना अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां तैयार होती हैं। ऐसे में प्रत्येक उत्पाद की तैयारी और उपयोग की अवधि का रिकॉर्ड रखना अतिरिक्त जिम्मेदारी हो सकता है। दुकानदारों को कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया की जानकारी देनी पड़ सकती है।
इसके अलावा मिठाइयों की प्रकृति के अनुसार उनकी सुरक्षित अवधि अलग हो सकती है। इसलिए कारोबारियों के लिए सही जानकारी का उल्लेख करना महत्वपूर्ण होगा।
निगरानी और जागरूकता भी जरूरी
किसी भी खाद्य सुरक्षा नियम का प्रभाव केवल नियम बनाने से नहीं बल्कि उसके सही अनुपालन और प्रभावी निगरानी से तय होता है। इसलिए संबंधित विभागों द्वारा दुकानों और प्रतिष्ठानों में नियमों की जांच के साथ-साथ कारोबारियों को आवश्यक जानकारी देना भी महत्वपूर्ण होगा।
ग्राहकों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी इस व्यवस्था का अहम हिस्सा हो सकता है। यदि उपभोक्ता स्वयं मिठाई खरीदते समय ‘Use By Date’, पैकेजिंग, भंडारण और उत्पाद की स्थिति जैसी जानकारी जांचने लगेंगे तो खाद्य सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकती है।
उपभोक्ताओं को क्या ध्यान रखना चाहिए?
मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को केवल कीमत या दिखावट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जहां तारीख संबंधी जानकारी उपलब्ध हो, वहां उसे ध्यान से देखना उपयोगी है। पैक की गई मिठाई खरीदते समय पैकेट की स्थिति, लेबल और अन्य आवश्यक जानकारी भी जांची जा सकती है।
दूध और खोया आधारित मिठाइयों को खरीदने के बाद उनके उचित भंडारण पर भी ध्यान देना जरूरी है। विशेष रूप से गर्म मौसम में खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखने से बचना खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
कारोबार में बढ़ेगा जवाबदेही का महत्व
‘Use By Date’ प्रदर्शित करने की व्यवस्था केवल एक तारीख लिखने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे मिठाई बनाने, रखने और बेचने की पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने का उद्देश्य जुड़ा है।
यदि कोई कारोबारी उत्पाद की तैयारी और सुरक्षित उपयोग अवधि को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करता है, तो उसे अपने स्टॉक पर भी बेहतर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इससे ग्राहकों को भी अधिक स्पष्ट जानकारी मिलती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में मिठाइयों पर ‘Use By Date’ प्रदर्शित करने की व्यवस्था की खबर खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मिठाई जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों में ताजगी और सुरक्षित सेवन की अवधि की जानकारी ग्राहक के लिए उपयोगी होती है।
राज्य में खाद्य गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ चल रहे प्रयासों के बीच ऐसी व्यवस्था दुकानदारों की जवाबदेही और ग्राहकों की जागरूकता दोनों को बढ़ाने की दिशा में काम कर सकती है।
हालांकि, इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, कारोबारियों को पर्याप्त जानकारी और नियमित निगरानी आवश्यक होगी। आने वाले समय में इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नियमों को मिठाई कारोबारियों द्वारा किस स्तर पर लागू किया जाता है और उपभोक्ता भी खरीदारी के दौरान दी गई जानकारी का कितना उपयोग करते हैं।