जरया नाले में विशाल मगरमच्छ की आमद, नरी-पहाड़गांव में दहशत

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

धूप सेंकते नजर आया मगरमच्छ, पानी में उतरकर हुआ ओझल; ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू की मांग की

कोंच। विकासखंड कोंच क्षेत्र के नरी और पहाड़गांव गांवों के बीच स्थित जरया नाले के किनारे रविवार को उस समय ग्रामीणों में खलबली मच गई, जब वहां एक विशाल मगरमच्छ धूप सेंकता हुआ दिखाई दिया। नाले के किनारे इतने बड़े मगरमच्छ को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया। देखते ही देखते इसकी खबर आसपास के ग्रामीणों तक पहुंची और बड़ी संख्या में लोग मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों के मुताबिक मगरमच्छ आकार में काफी बड़ा था और कुछ समय तक नाले के किनारे ही मौजूद रहा। उसकी गतिविधियों पर नजर पड़ते ही लोगों ने एक-दूसरे को सूचना दी। मगरमच्छ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि, लोगों की हलचल बढ़ने के बाद मगरमच्छ धीरे-धीरे नाले की ओर बढ़ा और पानी में उतर गया। कुछ ही देर में वह पानी के भीतर चला गया और लोगों की आंखों से ओझल हो गया।

मगरमच्छ के नाले में चले जाने के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जरया नाले के आसपास बड़ी संख्या में खेत हैं और खेती-किसानी से जुड़े लोगों का रोजाना यहां आना-जाना रहता है। किसान फसलों की देखभाल के लिए खेतों में जाते हैं, जबकि ग्रामीणों के पशु भी आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे में नाले में मगरमच्छ की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार भेंपता निवासी वितन पटेल, नरी निवासी अब्दुल जाहिद और परम सुख की नजर सबसे पहले मगरमच्छ पर पड़ी। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ गई। लोगों ने दूर से मगरमच्छ को देखा और उसकी तस्वीर तथा वीडियो बनाने की भी कोशिश की। मगरमच्छ के पानी में चले जाने के बाद लोग काफी देर तक नाले के आसपास उसकी गतिविधि का इंतजार करते रहे, लेकिन वह दोबारा दिखाई नहीं दिया।

नाले के आसपास खेत होने से बढ़ी चिंता

जरया नाले के किनारे और आसपास खेती योग्य भूमि होने के कारण ग्रामीणों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। किसानों को अक्सर सुबह से शाम तक खेतों में काम करना पड़ता है। कई बार ग्रामीण नाले के किनारे से होकर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर आसपास के इलाकों में जाते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ नाले से निकलकर किनारे या खेतों की ओर पहुंचता है तो लोगों के सामने परेशानी पैदा हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद नाले के आसपास विशेष सतर्कता की जरूरत है। खासकर बच्चों को नाले के पास जाने से रोकने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों ने पशुपालकों से भी अपील की है कि वे अपने मवेशियों को नाले के आसपास ले जाते समय सावधानी बरतें।

वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की टीम नाले के आसपास लगातार निगरानी करे, ताकि मगरमच्छ की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। यदि वह नाले में ही मौजूद है तो विशेषज्ञों की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर ऐसे स्थान पर पहुंचाया जाए, जहां उसके साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति को स्वयं नाले में उतरने या उसके करीब जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वन्यजीव विशेषज्ञों अथवा वन विभाग की टीम द्वारा ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से नाले के आसपास लोगों को जागरूक करने की भी मांग की है।

सूचना फैलते ही आसपास के गांवों में भी सतर्कता

जरया नाले में विशाल मगरमच्छ देखे जाने की खबर कुछ ही समय में नरी और पहाड़गांव के अलावा आसपास के गांवों तक पहुंच गई। इसके बाद ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई लोग नाले के पास जाने से बच रहे हैं। वहीं, खेतों की ओर जाने वाले ग्रामीण भी समूह में जाने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले में पानी होने के कारण मगरमच्छ काफी देर तक दिखाई नहीं दे सकता। वह पानी के भीतर छिपा रह सकता है और परिस्थितियों के अनुसार नाले के दूसरे हिस्से में भी जा सकता है। इसलिए केवल एक बार मगरमच्छ के दिखाई न देने को उसकी अनुपस्थिति नहीं माना जा सकता। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग नाले के आसपास स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यक कदम उठाए।

वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया

मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना वन विभाग तक भी पहुंचाई गई। वन रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि उन्हें अभी इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है और टीम को मौके पर रवाना किया गया है। विभागीय टीम के पहुंचने के बाद नाले के आसपास स्थिति का निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग की टीम मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करने के साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखेगी। यदि मगरमच्छ लगातार इसी क्षेत्र में रहता है तो उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मगरमच्छ नाले के पानी में जाने के बाद दिखाई नहीं दिया है। इसके बावजूद नरी, पहाड़गांव और आसपास के ग्रामीणों में उसकी मौजूदगी को लेकर सतर्कता बनी हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को नाले के आसपास न ले जाने की अपील की है। साथ ही किसानों से खेतों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की निगरानी और समय रहते उचित कार्रवाई से किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सकता है। अब सभी की नजर वन विभाग की टीम की कार्रवाई और मगरमच्छ की अगली गतिविधि पर बनी हुई है।

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जरया नाले में विशाल मगरमच्छ की आमद, नरी-पहाड़गांव में दहशत

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 27, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

धूप सेंकते नजर आया मगरमच्छ, पानी में उतरकर हुआ ओझल; ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू की मांग की

कोंच। विकासखंड कोंच क्षेत्र के नरी और पहाड़गांव गांवों के बीच स्थित जरया नाले के किनारे रविवार को उस समय ग्रामीणों में खलबली मच गई, जब वहां एक विशाल मगरमच्छ धूप सेंकता हुआ दिखाई दिया। नाले के किनारे इतने बड़े मगरमच्छ को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया। देखते ही देखते इसकी खबर आसपास के ग्रामीणों तक पहुंची और बड़ी संख्या में लोग मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों के मुताबिक मगरमच्छ आकार में काफी बड़ा था और कुछ समय तक नाले के किनारे ही मौजूद रहा। उसकी गतिविधियों पर नजर पड़ते ही लोगों ने एक-दूसरे को सूचना दी। मगरमच्छ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि, लोगों की हलचल बढ़ने के बाद मगरमच्छ धीरे-धीरे नाले की ओर बढ़ा और पानी में उतर गया। कुछ ही देर में वह पानी के भीतर चला गया और लोगों की आंखों से ओझल हो गया।

मगरमच्छ के नाले में चले जाने के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जरया नाले के आसपास बड़ी संख्या में खेत हैं और खेती-किसानी से जुड़े लोगों का रोजाना यहां आना-जाना रहता है। किसान फसलों की देखभाल के लिए खेतों में जाते हैं, जबकि ग्रामीणों के पशु भी आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे में नाले में मगरमच्छ की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार भेंपता निवासी वितन पटेल, नरी निवासी अब्दुल जाहिद और परम सुख की नजर सबसे पहले मगरमच्छ पर पड़ी। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ गई। लोगों ने दूर से मगरमच्छ को देखा और उसकी तस्वीर तथा वीडियो बनाने की भी कोशिश की। मगरमच्छ के पानी में चले जाने के बाद लोग काफी देर तक नाले के आसपास उसकी गतिविधि का इंतजार करते रहे, लेकिन वह दोबारा दिखाई नहीं दिया।

नाले के आसपास खेत होने से बढ़ी चिंता

जरया नाले के किनारे और आसपास खेती योग्य भूमि होने के कारण ग्रामीणों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। किसानों को अक्सर सुबह से शाम तक खेतों में काम करना पड़ता है। कई बार ग्रामीण नाले के किनारे से होकर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर आसपास के इलाकों में जाते हैं। ऐसे में यदि मगरमच्छ नाले से निकलकर किनारे या खेतों की ओर पहुंचता है तो लोगों के सामने परेशानी पैदा हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद नाले के आसपास विशेष सतर्कता की जरूरत है। खासकर बच्चों को नाले के पास जाने से रोकने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों ने पशुपालकों से भी अपील की है कि वे अपने मवेशियों को नाले के आसपास ले जाते समय सावधानी बरतें।

वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की टीम नाले के आसपास लगातार निगरानी करे, ताकि मगरमच्छ की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। यदि वह नाले में ही मौजूद है तो विशेषज्ञों की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर ऐसे स्थान पर पहुंचाया जाए, जहां उसके साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति को स्वयं नाले में उतरने या उसके करीब जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वन्यजीव विशेषज्ञों अथवा वन विभाग की टीम द्वारा ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से नाले के आसपास लोगों को जागरूक करने की भी मांग की है।

सूचना फैलते ही आसपास के गांवों में भी सतर्कता

जरया नाले में विशाल मगरमच्छ देखे जाने की खबर कुछ ही समय में नरी और पहाड़गांव के अलावा आसपास के गांवों तक पहुंच गई। इसके बाद ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई लोग नाले के पास जाने से बच रहे हैं। वहीं, खेतों की ओर जाने वाले ग्रामीण भी समूह में जाने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले में पानी होने के कारण मगरमच्छ काफी देर तक दिखाई नहीं दे सकता। वह पानी के भीतर छिपा रह सकता है और परिस्थितियों के अनुसार नाले के दूसरे हिस्से में भी जा सकता है। इसलिए केवल एक बार मगरमच्छ के दिखाई न देने को उसकी अनुपस्थिति नहीं माना जा सकता। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग नाले के आसपास स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यक कदम उठाए।

वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया

मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना वन विभाग तक भी पहुंचाई गई। वन रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि उन्हें अभी इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है और टीम को मौके पर रवाना किया गया है। विभागीय टीम के पहुंचने के बाद नाले के आसपास स्थिति का निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग की टीम मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करने के साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखेगी। यदि मगरमच्छ लगातार इसी क्षेत्र में रहता है तो उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मगरमच्छ नाले के पानी में जाने के बाद दिखाई नहीं दिया है। इसके बावजूद नरी, पहाड़गांव और आसपास के ग्रामीणों में उसकी मौजूदगी को लेकर सतर्कता बनी हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को नाले के आसपास न ले जाने की अपील की है। साथ ही किसानों से खेतों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की निगरानी और समय रहते उचित कार्रवाई से किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सकता है। अब सभी की नजर वन विभाग की टीम की कार्रवाई और मगरमच्छ की अगली गतिविधि पर बनी हुई है।