आंध्रप्रदेश के लाल मिर्च उत्पादकों के हित में केंद्र सरकार के ठोस कदम

कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के किसानों के लिए की महत्वपूर्ण बैठक
भारत में कृषि क्षेत्र की स्थिरता और किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में, आंध्र प्रदेश के लाल मिर्च उत्पादक किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक राजधानी दिल्ली में स्थित कृषि भवन में हुई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक का उद्देश्य और प्रमुख बिंदु
बैठक का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में लाल मिर्च उत्पादकों की समस्याओं का समाधान निकालना और उनकी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना था। इस दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) का विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत लाल मिर्च की खरीद की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। बैठक में इस प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श किया गया और केंद्र सरकार ने संकेत दिया कि उत्पादन की 25% सीमा को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। इससे किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। - आईसीएआर द्वारा लागत समीक्षा और रिपोर्ट
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) को निर्देश दिया कि वह आंध्र प्रदेश में लाल मिर्च की उत्पादन लागत की समीक्षा करे और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। - कीट संक्रमण और फसल सुरक्षा उपाय
बैठक में किसानों ने लाल मिर्च की फसल पर कीट संक्रमण की समस्या को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने बताया कि फूल आने के समय कीटों के प्रकोप से उत्पादन लागत बढ़ जाती है। इसे देखते हुए श्री चौहान ने ICAR को विशेषज्ञों की एक टीम भेजने के निर्देश दिए, जो प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर कीट नियंत्रण के प्रभावी समाधान सुझाएगी। - निर्यात बढ़ाने के प्रयास
आंध्र प्रदेश की लाल मिर्च की वैश्विक मांग को देखते हुए बैठक में इसके निर्यात को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने जल्द ही एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया, जिसमें वाणिज्य मंत्रालय, एपीडा (APEDA), स्पाइस बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यह बैठक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी, जहां निर्यात के अवसरों का पता लगाया जाएगा। - किसानों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण
बैठक में यह भी तय किया गया कि बागवानी मिशन (MIDH) के क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, कीट नियंत्रण उपायों और निर्यात आवश्यकताओं की जानकारी प्रदान करेगा।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, एपीडा, स्पाइस बोर्ड और ICAR के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान भी बैठक का हिस्सा बने।
सरकार का संकल्प: किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान
कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। बैठक में तय किए गए कदमों को शीघ्र लागू करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
निष्कर्ष
यह बैठक आंध्र प्रदेश के लाल मिर्च उत्पादकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल थी, जिसमें उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस निर्णय लिए गए। बाजार हस्तक्षेप योजना का विस्तार, निर्यात को बढ़ावा, उत्पादन लागत की समीक्षा, कीट नियंत्रण उपाय और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी पहलें इस क्षेत्र के किसानों की स्थिति को मजबूत करेंगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि भारत के मसाला उद्योग को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती मिलेगी।
