चुनाव आयोग ने झारखंड के बीएलओ पर्यवेक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया

नई दिल्ली, 19 मई 2025 — भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने आज नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में झारखंड राज्य के बीएलओ पर्यवेक्षकों सहित चुनाव अधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस प्रशिक्षण में कुल 402 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), बूथ स्तर अधिकारी (BLO) और उनके पर्यवेक्षक शामिल हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने उद्घाटन भाषण में इन जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों द्वारा झारखंड में मतदाता नामांकन कार्य के दौरान किए गए परिश्रम की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24(ए) और 24(बी) के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय अपील की प्रक्रियाओं को न केवल स्वयं समझें, बल्कि मतदाताओं को भी इस संबंध में जागरूक करें।
यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाता सूची में किसी भी आपत्ति या सुधार के लिए नागरिकों को पहले जिला मजिस्ट्रेट/जिला कलेक्टर अथवा कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील करने का अधिकार प्राप्त है। इसके पश्चात्, यदि आवश्यक हो, तो दूसरी अपील संबंधित राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष की जा सकती है। गौरतलब है कि 6 से 10 जनवरी 2025 के बीच हुए विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) के दौरान झारखंड से किसी भी प्रकार की अपील प्राप्त नहीं हुई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है। प्रतिभागियों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, और चुनाव संचालन नियम 1961 के साथ-साथ निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र, केस स्टडी, घर-घर सर्वेक्षण, और फॉर्म 6, 7, एवं 8 भरने का व्यावहारिक अभ्यास शामिल है।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को वोटर हेल्पलाइन ऐप (VHA) और अन्य आईटी टूल्स का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे तकनीकी रूप से भी दक्ष बन सकें। मॉक पोल के माध्यम से ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) के संचालन का लाइव प्रदर्शन और प्रशिक्षण भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत का निर्वाचन आयोग जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों की क्षमता वृद्धि और चुनाव प्रक्रिया की मजबूती के लिए निरंतर प्रयासरत है।
(लेखक: ChatGPT द्वारा तैयार किया गया, प्रेस सूचना ब्यूरो की मूल जानकारी पर आधारित 100% यूनिक लेख)
