फ़रवरी 13, 2026

विकसित कृषि संकल्प अभियान: किसानों के साथ जमीन पर संवाद की ऐतिहासिक पहल

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Anoop singh

मेरठ, 1 जून 2025 – ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ देशभर में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। इस अभियान के चौथे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दबथुवा और जन्गेथी गांव में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पारंपरिक अंदाज़ में चारपाई पर बैठकर ग्रामीण किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा।

चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न: किसानों को मिला सम्मान

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न प्रदान करना, भारत के हर किसान को सम्मानित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब की पुण्यतिथि 29 मई को ही इस अभियान की शुरुआत करना एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संयोग है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह को भारतीय कृषि का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि “किसान मेरे रोम-रोम में है और खेती हर सांस में बसी है।”

खेती को समझने का सही तरीका: जमीन पर जाकर किसानों से मिलना

कृषि मंत्री ने ज़मीनी हकीकत का हवाला देते हुए कहा कि कृषि की समस्याएं समझने के लिए खेतों में जाना जरूरी है। उदाहरण स्वरूप उन्होंने मेरठ में गन्ने की खेती में देखे गए ‘लाल सड़न’ नामक रोग का ज़िक्र किया और बताया कि ऐसी समस्याओं का समाधान फील्ड विजिट से ही संभव है।

लैब से लैंड तक: वैज्ञानिकों और किसानों को जोड़ने की पहल

श्री चौहान ने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में 2170 वैज्ञानिक टीमें गठित की गई हैं, जिनमें लगभग 16,000 वैज्ञानिक शामिल हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से मिल रही हैं ताकि शोध का लाभ सीधे खेतों तक पहुंच सके। उन्होंने इसे ‘लैब टू लैंड’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

नकली कृषि रसायनों के खिलाफ कड़ा कानून

श्री चौहान ने खेती के लिए नकली दवाइयां बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और आवश्यकतानुसार कड़े कानून लाए जाएंगे। यह कदम किसानों की सुरक्षा और फसल की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

अभियान के बाद भी रहेगा संवाद जारी

केंद्रीय मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि 12 जून को अभियान की समाप्ति के बाद भी किसानों से संपर्क और संवाद जारी रहेगा। उन्होंने मेरठ क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु एक विशेष टीम के गठन के निर्देश दिए हैं।

अभियान की व्यापकता

यह 15 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान 29 मई से शुरू होकर 12 जून 2025 तक चलेगा और इसमें 20 से अधिक राज्यों के 700+ जिलों को कवर किया जाएगा। इस अभियान में 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs), 113 ICAR संस्थान, और विभिन्न राज्य स्तरीय विभाग एवं नवोन्मेषी किसान हिस्सा ले रहे हैं।

मेरठ में कार्यक्रम की गरिमा

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, मेरठ के सांसद श्री अरुण गोविल, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डॉ. के. के. सिंह, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट सहित बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष:
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ न केवल कृषि विकास बल्कि किसानों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह पहल दर्शाती है कि भारत का भविष्य खेती और किसान की समृद्धि में ही निहित है। सरकार की यह कोशिश किसानों को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक भी कर रही है।


(लेख 100% यूनिक है और मूल PIB रिपोर्ट पर आधारित है।)

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