पुतिन का बड़ा ऐलान: ‘एकतरफा रिश्तों’ का दौर खत्म – मिन्स्क में EAEU समिट में रूस के नए विदेश नीति संकेत

मिन्स्क, 28 जून 2025 – यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के साथ रूस के संबंधों में “एकतरफा रवैये” को समाप्त करने का स्पष्ट संकेत दिया है। पुतिन ने कहा कि अब मास्को किसी भी ‘एकतरफा खेल’ का हिस्सा नहीं बनेगा और भविष्य में “परस्पर सम्मान और समानता” के सिद्धांतों पर ही संबंध आगे बढ़ेंगे।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है, विशेषकर यूक्रेन संकट और नाटो के विस्तार को लेकर। उन्होंने पश्चिम पर पुराने समझौतों को तोड़ने और रूस की सुरक्षा चिंताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पुतिन ने कहा,
“हमें वादे दिए गए थे, लेकिन हर बार नाटो का विस्तार ही हुआ। यह धोखे का सिलसिला अब खत्म होगा।”
नाटो पर तीखा हमला
रूसी राष्ट्रपति ने नाटो देशों द्वारा रक्षा बजट को जीडीपी के 5% तक बढ़ाने की योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे “भय का व्यापार” बताया और कहा कि पश्चिमी देश “रूसी आक्रामकता” का डर फैलाकर सैन्य खर्च को जायज़ ठहरा रहे हैं।
“सच को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। असली अस्थिरता पश्चिम की नीति है, न कि रूस की।”
यूक्रेन युद्ध पर पश्चिमी नैरेटिव का खंडन
पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष की जड़ें दशकों पुरानी बताते हुए कहा कि यह केवल 2022 में शुरू नहीं हुआ, बल्कि पश्चिम की भ्रामक नीतियों और रूस को बार-बार धोखा देने की प्रक्रिया का नतीजा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों ने रूस की रणनीतिक चिंताओं को हमेशा नजरअंदाज किया, जिससे स्थिति बिगड़ी।
कूटनीतिक भाषा में कठोरता
पुतिन का यह बयान रूसी विदेश नीति में एक निर्णायक मोड़ की ओर इशारा करता है। अब रूस “आंखों में आंखें डालकर” बात करेगा और किसी भी प्रकार की अधीनता को स्वीकार नहीं करेगा। मिन्स्क से दिया गया यह संदेश स्पष्ट रूप से पश्चिम को चेतावनी है कि अब रूस पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा।
भविष्य की दिशा क्या होगी?
विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन की यह नई रणनीति वैश्विक मंच पर रूस की स्थिति को फिर से परिभाषित करने की कोशिश है। आने वाले दिनों में यह देखा जाना दिलचस्प होगा कि यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य पश्चिमी शक्तियाँ इस रूसी दृष्टिकोण का किस तरह से जवाब देती हैं।
