फ़रवरी 13, 2026

विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख डॉ. टेड्रोस ने जिनेवा दीक्षांत समारोह में दिया | 29 जून, 2025 |

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Anoop singh

जिनेवा – जून 2025:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में आयोजित एक भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान शिक्षा के महत्व पर गहरा और प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “जब हम स्कूल से छात्र के रूप में स्नातक हो जाते हैं, तब भी हम जीवन के छात्र बने रहते हैं।” यह कथन इस बात की गवाही है कि सीखना केवल कक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया है।

यह आयोजन जिनेवा के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट में हुआ, जहां विभिन्न विषयों — जैसे व्यापार, संचार, कंप्यूटर विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय संबंध और व्यापार — में स्नातकों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं। डॉ. टेड्रोस न केवल मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर पर शामिल हुए, बल्कि उन्हें सामाजिक और वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए मानद उपाधि (Honorary Degree) से भी सम्मानित किया गया।

🎓 शिक्षा की नई परिभाषा

अपने संबोधन में डॉ. टेड्रोस ने कहा कि यह डिग्री केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि एक उत्तरदायित्व है — दुनिया को बेहतर बनाने का। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके परिश्रम, समर्पण और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि आज की पीढ़ी ज्ञान और नैतिक नेतृत्व के युग में प्रवेश कर रही है, और यही समय है जब उनके निर्णय वैश्विक समाज को प्रभावित कर सकते हैं।

🧠 सीखना कभी नहीं रुकता

डॉ. टेड्रोस ने अपनी मानद डिग्री प्राप्ति पर भावुक होकर कहा कि यह उनके लिए गौरव और विनम्रता का क्षण है। उन्होंने साझा किया कि भले ही कोई व्यक्ति किसी भी ऊँचाई पर क्यों न पहुँच जाए, उसे सीखने की जिज्ञासा और आत्म-विश्लेषण की भावना को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। “जीवन एक सतत कक्षा है,” उन्होंने कहा, “जिसमें हर दिन नया कुछ सिखाता है, चाहे हम किसी भी उम्र या पद पर हों।”

🌍 एक प्रेरणादायक संदेश

इस दीक्षांत समारोह ने सिर्फ डिग्रियाँ नहीं बाँटीं, बल्कि यह याद दिलाया कि शिक्षा का अंतिम लक्ष्य ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण में करना है। डॉ. टेड्रोस की उपस्थिति और उनके शब्द उन सभी के लिए प्रेरणा बने जो जीवन को एक सीखने की यात्रा मानते हैं।

उनकी यह सोच वर्तमान समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जब दुनिया कई संकटों — स्वास्थ्य, जलवायु, असमानता — का सामना कर रही है। ऐसे समय में, डॉ. टेड्रोस जैसे नेता यह याद दिलाते हैं कि हम सभी को शिक्षार्थी बने रहना चाहिए, ताकि हम न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकें, बल्कि समाज को भी अधिक समावेशी और सुरक्षित बना सकें।


निष्कर्ष:
डॉ. टेड्रोस का यह वक्तव्य न केवल एक शैक्षणिक अवसर को स्मरणीय बनाता है, बल्कि यह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है कि असली शिक्षा वही है जो हमें जीवन भर सिखाए — विनम्रता, जिज्ञासा और सामाजिक जिम्मेदारी।

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