सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस पर भारत ने दी शुभकामनाएं, ‘विज़न सागर’ के तहत समुद्री सहयोग को दी मजबूती

नई दिल्ली, 29 जून 2025 — सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर भारत ने इस द्वीपीय राष्ट्र को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत होते समुद्री सहयोग को फिर से दोहराया है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सेशेल्स के विदेश मंत्री सिल्वेस्ट्र रडगोंड और वहां की जनता को बधाई देते हुए द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती का भरोसा जताया।
डॉ. जयशंकर ने अपने संदेश में बताया कि भारत और सेशेल्स के बीच की साझेदारी ‘विज़न सागर’ के मूल सिद्धांतों पर आधारित है, जिसका अर्थ है – “क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास”। यह रणनीति भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री नीति की रीढ़ बन चुकी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
सेशेल्स, जो कि हिंद महासागर के मध्य स्थित एक रणनीतिक स्थान पर है, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है। दोनों देशों ने वर्षों से रक्षा, निगरानी, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग स्थापित किया है। भारत ने सेशेल्स को गश्ती नौकाएं, रडार प्रणाली और संयुक्त नौसेना अभ्यासों के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान किया है।
‘विज़न सागर’ के अंतर्गत भारत की प्राथमिकताएं समुद्री डकैती, जलवायु परिवर्तन, समुद्री प्रदूषण, और अवैध मछली पकड़ने जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने पर केंद्रित हैं। भारत का यह दृष्टिकोण क्षेत्रीय देशों के साथ साझेदारी और सहयोग के आधार पर काम करता है, ताकि समूचे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास सुनिश्चित किया जा सके।
आज के इस कूटनीतिक संदेश के माध्यम से भारत और सेशेल्स के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और साझा भविष्य की प्रतिबद्धता एक बार फिर मजबूत हुई है। यह दर्शाता है कि भारत केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक स्थायी और प्रभावशाली साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।
जैसे-जैसे दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांतिपूर्ण और समावेशी विकास के साझा लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, भारत का यह संदेश इस बात का प्रतीक है कि उसका समुद्री सहयोग केवल रणनीति नहीं, बल्कि साझेदारी का एक जीवंत उदाहरण है।
