यूरोपीय संघ के ध्वज की 40वीं वर्षगांठ: विविधता में एकता का चमकता प्रतीक

ब्रसेल्स, 29 जून 2025 — आज यूरोपीय संघ (EU) ने अपने ध्वज के गौरवपूर्ण 40 वर्ष पूरे होने का स्मरणोत्सव मनाया। यह ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि एक विचारधारा है — जो शांति, एकजुटता और साझा मूल्यों की नींव पर खड़ी है।
1985 में अपनाया गया यह ध्वज नीले रंग की पृष्ठभूमि पर बारह सुनहरे सितारों से सजा होता है। हर एक सितारा पूर्णता, स्थिरता और मेल-मिलाप को दर्शाता है। ध्वज का डिज़ाइन मूलतः यूरोप की परिषद (Council of Europe) द्वारा तैयार किया गया था, जिसे बाद में यूरोपीय संघ ने भी आधिकारिक रूप से अपना लिया।
इस अवसर पर यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा,
“यह ध्वज केवल हमारे संस्थानों की पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारे नागरिकों की आशाओं, संघर्षों और साझा भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है।”
पिछले चार दशकों में इस प्रतीक ने यूरोपीय इतिहास की कई निर्णायक घड़ियों को देखा — जैसे कि यूरो मुद्रा का आरंभ, यूरोपीय विस्तार, जलवायु परिवर्तन पर सामूहिक नीतियाँ, महामारी प्रबंधन और मानवाधिकारों की रक्षा में संयुक्त प्रयास।
ध्वज उन करोड़ों यूरोपीय नागरिकों का आत्मगौरव है जो विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं से आते हैं, फिर भी एकजुट हैं। यह यूरोप की “Unity in Diversity” की भावना को सजीव करता है।
आज ध्वज को केवल इमारतों पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सामाजिक अभियानों और युवा आंदोलनों में भी प्रमुखता से देखा जाता है। यह युवा पीढ़ी के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग की प्रेरणा बन चुका है।
आज का दिन सिर्फ अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले समय में साझा जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प भी है — लोकतंत्र, पारदर्शिता, मानव गरिमा और पर्यावरणीय चेतना के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि।
सारांश:
यूरोपीय संघ का ध्वज हमें यह सिखाता है कि दुनिया में शांति और स्थिरता तब संभव है, जब विविध संस्कृतियाँ एक साझा उद्देश्य के लिए हाथ में हाथ मिलाकर चलें।
