बिहार चुनाव 2025: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पटना आगमन, भाजपा की राज्य कार्यकारिणी बैठक का करेंगे उद्घाटन

पटना, 2 जुलाई 2025 — आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया जा रहा है, और इसी क्रम में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज पटना पहुंचे। उनके स्वागत में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति से एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा दिखा।
राजनाथ सिंह के आगमन पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “राजनाथ सिंह यहां केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियों पर बात करेंगे और साथ ही INDI गठबंधन की विफलताओं को भी उजागर करेंगे।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि रक्षा मंत्री का यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से हो रहा है। उन्होंने कहा, “यह दौरा दोहरी इंजन की सरकार की विकास गति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम उनका बिहार की धरती पर स्वागत करते हैं।”
राजनाथ सिंह इस दौरे के दौरान भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की उद्घाटन बैठक को संबोधित करेंगे, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष पर तीखा प्रहार जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “कल, 02 जुलाई को मैं पटना (बिहार) में रहूंगा। बिहार भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करने को लेकर उत्साहित हूं।”
राजनीतिक गणित और सीटों का समीकरण
वर्तमान बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से 131 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कब्जा है, जिसमें भाजपा के पास 80, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पास 45, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM-S) के पास 4 सीटें हैं। NDA को 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
वहीं विपक्षी INDIA गठबंधन के पास 111 सीटें हैं, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 77 सीटों के साथ सबसे बड़ा घटक है। इसके अलावा कांग्रेस के पास 19, भाकपा (माले) के पास 11, भाकपा (माकपा) और भाकपा (आई) के पास 2-2 सीटें हैं।
चुनाव की तारीख पर अभी सस्पेंस
बिहार में चुनाव इसी वर्ष अक्टूबर या नवंबर में संभावित हैं, लेकिन चुनाव आयोग (ECI) ने अभी तक कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। इसके बावजूद, राजनेताओं की सक्रियता और बैठकों की बढ़ती आवृत्ति यह संकेत देती है कि सभी दल अपने-अपने तरीके से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
निष्कर्ष
राजनाथ सिंह का यह दौरा न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, बल्कि बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ाने वाला है। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और गर्म होगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि किस रणनीति से कौन सा दल मतदाताओं का विश्वास जीतने में सफल होता है।
