फ़रवरी 13, 2026

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में पांच बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार, 40 दिन का शिशु भी शामिल

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Anoop singh

नई दिल्ली, 9 जुलाई 2025 – दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला ऑपरेशंस सेल ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला और एक 40 दिन का नवजात शिशु भी शामिल है। ये सभी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ पाए गए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह समूह विभिन्न स्थानों पर रह रहा था और लंबे समय से निगरानी में था। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन सभी के खिलाफ निष्कासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के समन्वय में शुरू कर दी गई है।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार है:

उकील अमिन (45 वर्ष),

अब्दुल रहीम (27 वर्ष),

मोहम्मद जाकिर (40 दिन का शिशु),

मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम (25 वर्ष),

जिमु खातून (20 वर्ष)।

इनमें से तीन नागरिक ढाका के जतराबाड़ी क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि दो अन्य कुरिग्राम जिले के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, ये लोग वर्ष 2023 में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए थे और बिहार के गया जिले में ईंट-भट्ठों पर मजदूरी कर रहे थे। हाल ही में, काम से हटाए जाने के बाद ये दिल्ली आ गए और नई जगह काम की तलाश में थे। इनके पास बांग्लादेश के कुछ पहचान पत्रों की फोटोकॉपी के अलावा कोई वैध भारतीय दस्तावेज नहीं था।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस को मंगलवार को यह सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक दिल्ली कैंट क्षेत्र में घूम रहे हैं। गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम को अलर्ट किया गया और इन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई। जब ये लोग वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, तो उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और अवैध रूप से भारत आए हैं।

टीम का गठन और कार्रवाई

अवैध प्रवास पर नज़र रखने और ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के उद्देश्य से एसआई वेद प्रकाश, एएसआई विनोद कुमार, एएसआई धर्मेंद्र, एएसआई जयपाल, महिला एएसआई संध्या सहित 10 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राम कुमार कर रहे थे, जबकि पूरे अभियान की निगरानी एसीपी (ऑपरेशन्स) विजय कुमार द्वारा की गई।

टीम को नियमित गश्त, निगरानी और सक्रियता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए थे ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।


निष्कर्ष:
यह मामला न केवल भारत में हो रहे अवैध आव्रजन की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा और निगरानी के संदर्भ में पुलिस की सक्रियता का भी उदाहरण है। यह ज़रूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएं ताकि सीमापार से हो रही घुसपैठ और उससे उत्पन्न संभावित खतरे को रोका जा सके।

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