संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने क़तर पर इज़राइली हमलों की कड़ी निंदा की

न्यूयॉर्क/दोहा, 9 सितंबर 2025 – संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इज़राइल द्वारा क़तर पर किए गए कथित हमलों को गंभीर शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक स्वतंत्र राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया है।
गुतारेस ने सोमवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हम अभी-अभी क़तर पर इज़राइली हमलों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, बल्कि शांति प्रयासों के लिए भी गहरी चुनौती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि क़तर ने अब तक संघर्षविराम स्थापित करने और बंधकों की रिहाई के लिए सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाई है। ऐसे में उस देश पर हमले होना, पूरी प्रक्रिया को अस्थिर करने का काम करेगा।
महासचिव ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सभी पक्षों को स्थायी संघर्षविराम और शांति की दिशा में काम करना चाहिए, न कि हिंसा और अविश्वास को बढ़ावा देना चाहिए।
क़तर की मध्यस्थता भूमिका
पिछले कई महीनों से क़तर ने मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने के लिए अहम मध्यस्थता की है। उसने विभिन्न पक्षों के बीच संवाद की पहल की और मानवीय आधार पर बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने में योगदान दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइल का यह कदम न केवल क़तर की सुरक्षा को खतरे में डालता है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की उम्मीद
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के बयान के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें प्रमुख देशों और सुरक्षा परिषद की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख नहीं अपनाया गया, तो यह हमला भविष्य में और बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
क़तर पर इज़राइली हमलों की निंदा करते हुए एंतोनियो गुतारेस ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि विश्व शांति केवल संवाद और सहयोग से ही संभव है। हिंसा और शक्ति-प्रदर्शन से समाधान नहीं, बल्कि अस्थिरता ही बढ़ेगी। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्र इस मुद्दे पर ही टिका रहेगा।
