भारतीय रेलवे में नया आयाम: मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा

बारां, राजस्थान – भारतीय रेलवे ने हाल ही में हाड़ौती क्षेत्र को एक बड़ी सौगात दी है। राजस्थान के बारां जिले के सुन्दलाक में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) का शुभारंभ हुआ है। यह टर्मिनल देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में दक्षता और तेज़ी का नया अध्याय लिखने वाला कदम माना जा रहा है।
क्यों है यह टर्मिनल खास?
- तेज़ और प्रभावी माल ढुलाई
इस कार्गो टर्मिनल से माल ढुलाई का काम और भी तेज़, संगठित और किफायती होगा। सामान को एक स्थान से दूसरे तक पहुँचाने में समय की बचत होगी, जिससे व्यापारियों और उद्योगपतियों को सीधा लाभ मिलेगा। - रेलवे राजस्व में इजाफा
इस सुविधा से भारी मालवाहन ट्रकों का बोझ सड़कों से रेल मार्ग की ओर शिफ्ट होगा। नतीजतन, सड़कों पर जाम और प्रदूषण दोनों घटेंगे, वहीं भारतीय रेलवे की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। - क्षमता में विस्तार
अनुमान है कि इस टर्मिनल के जरिए हर महीने करीब 10 से 12 अतिरिक्त रेक लोड किए जा सकेंगे। इसका सीधा असर माल ढुलाई की क्षमता और उपलब्धता पर पड़ेगा।
रणनीतिक महत्व
सुन्दलाक रेलवे स्टेशन से महज 2.22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह टर्मिनल पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। यहां से कृषि उत्पादों, खनिजों और औद्योगिक सामान की ढुलाई और भी सहज व तेज़ हो जाएगी।
भारतीय रेलवे का विज़न
भारतीय रेलवे लगातार “Hungry 4 Cargo” अभियान के तहत कार्गो नेटवर्क को विस्तार देने पर काम कर रहा है। सुन्दलाक GCT इसका एक सशक्त उदाहरण है। यह पहल न केवल स्थानीय व्यापारियों और किसानों के लिए अवसरों का नया दरवाज़ा खोलेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
निष्कर्ष
सुन्दलाक कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन रेलवे के आधुनिकीकरण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्रांति की दिशा में एक ठोस कदम है। यह सिर्फ एक टर्मिनल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।
