यूक्रेन के तेल और गैस उद्योग के नायकों को सलाम

यूक्रेन आज भीषण चुनौतियों और युद्ध की परिस्थितियों से जूझ रहा है। इन कठिन हालातों में देश की ऊर्जा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना किसी युद्ध मोर्चे से कम नहीं है। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने देश के तेल और गैस उद्योग से जुड़े सभी कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके साहस, पेशेवराना क्षमता और समर्पण को सलाम किया।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि ये कर्मचारी—चाहे वे ड्रिलर हों, भूवैज्ञानिक, तकनीशियन, इंजीनियर, फिटर्स, या डिस्पैचर्स—सभी यूक्रेनवासियों के लिए आशा की किरण हैं। युद्ध के बीच जब सर्दियों की ठंड आम जनता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनती है, तब इन्हीं कर्मचारियों का कठिन परिश्रम यह सुनिश्चित करता है कि हर घर तक गर्माहट और ऊर्जा पहुँच सके।
ज़ेलेंस्की ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन कर्मचारियों ने केवल काम ही नहीं किया, बल्कि असाधारण बहादुरी और त्याग का परिचय दिया है। कई बार वे जानलेवा परिस्थितियों में भी डटे रहे ताकि देशवासी ऊर्जा की कमी से न जूझें। राष्ट्रपति ने यह भी याद दिलाया कि इस उपलब्धि के पीछे भारी कीमत चुकानी पड़ी है, जिसे यूक्रेन कभी नहीं भूलेगा।
तेल और गैस उद्योग के ये अनजाने नायक युद्ध की कठिनाइयों में भी राष्ट्र के जीवनदायिनी स्तंभ बने हुए हैं। वे यह साबित करते हैं कि देश की रक्षा केवल मोर्चे पर खड़े सैनिक ही नहीं करते, बल्कि वे भी करते हैं जो चुपचाप, बिना सुर्खियों में आए, पूरे देश को ऊर्जा और जीवन प्रदान करते हैं।
आज जब यूक्रेन अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, तब इन ऊर्जा कर्मियों का साहस और समर्पण पूरे विश्व के लिए प्रेरणा है। उनके प्रयास न केवल यूक्रेनवासियों को कठिन सर्दियों से पार कराते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि किसी भी राष्ट्र की असली ताकत उसके नागरिकों की एकजुटता और अडिग संकल्प में निहित होती है।
जय यूक्रेन!
