फ़रवरी 14, 2026

भारतीय स्क्वैश में स्वर्णिम इतिहास: वर्ल्ड कप 2025 में भारत की ऐतिहासिक ताजपोशी

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14 दिसंबर 2025 का दिन भारतीय खेल इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। इसी दिन भारतीय स्क्वैश टीम ने एसडीएटी स्क्वैश वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मुकाबले में हांगकांग, चीन को 3-0 से मात देकर पहली बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल स्क्वैश खेल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।

🏟️ चेन्नई से उठा विजय का शंखनाद

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन चेन्नई स्थित एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल में किया गया, जहाँ भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू दर्शकों के सामने असाधारण आत्मविश्वास और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया। फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त हांगकांग की टीम को बिना कोई मुकाबला गंवाए हराना भारत की तैयारियों और रणनीति की मजबूती को दर्शाता है।

🔥 एकतरफा सफर, बेमिसाल प्रदर्शन

भारत का टूर्नामेंट अभियान शुरू से ही प्रभावशाली रहा।

  • ग्रुप चरण में स्विट्ज़रलैंड और ब्राज़ील को 4-0 से पराजित किया
  • क्वार्टर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त दी
  • सेमीफाइनल में दो बार की चैंपियन मिस्र को 3-0 से हराकर सबको चौंका दिया

हर दौर में भारतीय टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह खिताब जीतने पूरी तैयारी के साथ उतरी है।

⭐ टीम इंडिया के नायक

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे टीम के हर खिलाड़ी का योगदान अहम रहा।
जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलावन सेंथिल कुमार और अनाहत सिंह ने अपने-अपने मुकाबलों में उत्कृष्ट खेल दिखाया। निर्णायक मैच में अनाहत सिंह की जीत ने भारत की विश्व कप जीत पर अंतिम मुहर लगाई और उन्हें इतिहास का हिस्सा बना दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम को बधाई देते हुए इस जीत को भारत के खेल जगत में समर्पण, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया।

🌏 एशिया की पहली ताकत, विश्व में नई पहचान

इस खिताब के साथ भारत स्क्वैश वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला एशियाई देश बन गया। इससे पहले यह उपलब्धि केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मिस्र जैसी पारंपरिक स्क्वैश महाशक्तियों के नाम थी। भारत की यह जीत वैश्विक स्क्वैश मंच पर शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है।

🎊 देशभर में उत्सव, भविष्य को नई दिशा

टीम की ऐतिहासिक सफलता के बाद देशभर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों की जमकर सराहना हुई और युवा खिलाड़ियों के लिए यह जीत प्रेरणा बन गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत में स्क्वैश को नई पहचान दिलाने और आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।


यह विजय सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय खेल प्रतिभा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास की जीत है। भारतीय स्क्वैश टीम ने साबित कर दिया है कि सही दिशा, मजबूत तैयारी और अटूट विश्वास के साथ विश्व की कोई भी चोटी दूर नहीं।

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