प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिराष्ट्रीय यात्रा: भारत की कूटनीति को मिला नया विस्तार

15 दिसंबर 2025 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा का शुभारंभ किया। यह यात्रा भारत की बदलती वैश्विक भूमिका और बहुआयामी विदेश नीति को रेखांकित करती है। इस दौरे का लक्ष्य आर्थिक सहयोग, रणनीतिक संवाद, सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ साझेदारी को और मजबूत करना है।
🌐 कूटनीतिक लक्ष्य और व्यापक दृष्टि
प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की विदेश नीति के तीन अहम स्तंभों को आगे बढ़ाती है:
- जॉर्डन के साथ 75 वर्षों के राजनयिक रिश्तों को नई ऊर्जा देना
- इथियोपिया के साथ उच्चस्तरीय संवाद के माध्यम से अफ्रीका में भारत की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराना
- ओमान के साथ ऊर्जा, सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े सहयोग को गहराई देना
यह दौरा दर्शाता है कि भारत अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर संतुलित और दूरदर्शी साझेदार की भूमिका निभा रहा है।
🇯🇴 जॉर्डन: भरोसे और सहयोग की परंपरा
जॉर्डन में प्रधानमंत्री मोदी ने किंग अब्दुल्ला द्वितीय के साथ विस्तृत चर्चा की। बातचीत के केंद्र में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग, शिक्षा, पर्यटन और सुरक्षा जैसे विषय रहे। दशकों पुराने संबंधों को नई दिशा देने की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ करती है।
🇪🇹 इथियोपिया: अफ्रीका के साथ भारत का भविष्य
इथियोपिया की यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली आधिकारिक यात्रा है। प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ हुई वार्ता में कृषि विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल नवाचार और जल संसाधन प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। भारत द्वारा चल रही विकास परियोजनाएं अफ्रीका में भारत की सकारात्मक छवि को और मजबूत कर रही हैं।
🇴🇲 ओमान: रणनीतिक और मानवीय संबंधों की मजबूती
ओमान के साथ भारत के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय स्तर पर भी गहरे हैं। इस यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा साझेदारी के साथ-साथ ओमान में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण पर भी चर्चा हुई। यह दौरा प्रवासी भारतीयों के लिए भरोसे का संदेश देता है।
🌏 वैश्विक दक्षिण में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें विकासशील देशों के साथ समान भागीदारी, साझा विकास और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी जाती है। भारत स्वयं को वैश्विक दक्षिण की आवाज़ और सहयोगी के रूप में स्थापित कर रहा है।
✍️ समापन
जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यह त्रिराष्ट्रीय यात्रा भारत की विदेश नीति को एक नई गति और दिशा देती है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को एक जिम्मेदार, भरोसेमंद और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में और सशक्त करेगा।
