फ़रवरी 13, 2026

दिल्ली में हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी ठगी का पर्दाफाश: इंटर-स्टेट सेल की बड़ी कार्रवाई

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दिल्ली में संगठित अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत इंटर-स्टेट सेल (ISC) ने एक बड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस गिरोह पर आरोप है कि उसने नकली बैंक दस्तावेजों और फर्जी नीलामी कागज़ों के ज़रिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि अकेले दिल्ली के प्रसिद्ध DLF कैमेलियास प्रोजेक्ट से जुड़ी ठगी की रकम लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक है।

कैसे हुआ ठगी का खेल

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी खुद को बैंक नीलामी से जुड़ा अधिकृत व्यक्ति बताकर अमीर निवेशकों को फंसाते थे। पीड़ितों को यह झांसा दिया जाता था कि उन्हें DLF कैमेलियास, एम्बिएंस मॉल और अन्य प्रीमियम स्थानों पर स्थित संपत्तियाँ कम कीमत पर और तुरंत कब्ज़े के साथ मिल जाएंगी। विश्वास दिलाने के लिए फर्जी SBI नीलामी दस्तावेज, नकली मोर्टगेज सर्टिफिकेट और जाली बिक्री कागज़ दिखाए जाते थे।

मास्टरमाइंड सहित पांच गिरफ्तार

इस पूरे नेटवर्क का कथित सरगना मोहित गोगिया बताया जा रहा है, जिसे उसके चार सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह की ठगी से देशभर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की जा चुकी है।

मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी खातों का जाल

आरोपियों ने ठगी से हासिल धन को कई बैंक खातों के जरिए इधर-उधर घुमाया ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके। कुछ सह-आरोपियों ने जानबूझकर अपने खातों का इस्तेमाल धन शोधन के लिए करने दिया। पुलिस ने कई संदिग्ध खातों पर रोक लगाते हुए पैसों के लेन-देन की कड़ी जांच शुरू कर दी है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस की टीमें कुछ अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं, जिनमें एक अन्य मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल बताया जा रहा है। ठगी की रकम से खरीदी गई दो महंगी कारों को भी जब्त कर लिया गया है, जिनका इस्तेमाल आरोपियों द्वारा सुरक्षा और आवागमन के लिए किया जा रहा था।

कई राज्यों तक फैला अपराध नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, गोवा सहित कई राज्यों में दर्ज कम से कम 14 मामलों में वांछित है। पुलिस को शक है कि इसके तार देशभर में फैले एक बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।

निवेशकों के लिए सबक

यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि प्रीमियम संपत्तियों में निवेश करते समय केवल कागज़ों और दावों पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बैंक नीलामी या रियल एस्टेट सौदे से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि और कानूनी जांच बेहद ज़रूरी है।


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