भुवनेश्वर में संपन्न हुई राष्ट्रीय सम्मेलन: सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति को तेज़ करने पर हुआ विचार-विमर्श

भुवनेश्वर, ओडिशा में नीति आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन हुआ। यह सम्मेलन राज्य समर्थन मिशन (SSM) के तहत सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति को तेज़ करने और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर केंद्रित था। इस आयोजन में नीति आयोग ने ओडिशा सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के साथ साझेदारी की थी।
सम्मेलन में राज्यों और विशेषज्ञों की भागीदारी
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों (UNDP, GIZ, UN-Habitat), शैक्षणिक संस्थान (NIPFP, RIS) और नागरिक समाज संगठनों (CSOs) के विशेषज्ञ शामिल हुए।
सम्मेलन में तीन प्रमुख तकनीकी सत्र आयोजित किए गए:
- स्थानीय स्तर पर SDG कार्यान्वयन को सशक्त बनाना
- SDG वित्त पोषण को मजबूत करना
- स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (VNR) 2025 की तैयारी
प्रमुख हस्तियों का संबोधन
नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन के. बेरी, नीति आयोग के CEO श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव श्री मनोज आहूजा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और GIZ के प्रतिनिधियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री बेरी ने डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाने, बहु-हितधारक रणनीति को बढ़ावा देने और सतत वित्तपोषण को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुँच सके।
नीति आयोग के CEO श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने भारत द्वारा SDG लक्ष्यों की दिशा में की गई ऐतिहासिक प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने गरीबी उन्मूलन और स्थानीय स्तर पर SDG कार्यान्वयन में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामूहिक प्रभाव के लिए आपसी सीखने की संस्कृति को अपनाने का आह्वान किया।
ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव श्री मनोज आहूजा ने कहा कि सटीक डेटा संग्रह और विश्लेषण अच्छे प्रशासन की नींव हैं, जो SDG लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
SDG समन्वय और त्वरित कार्यान्वयन केंद्रों की भूमिका
सम्मेलन में SDG समन्वय और त्वरित कार्यान्वयन केंद्रों (SDG Coordination and Acceleration Centres) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। ये केंद्र निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे:
- तेज़ी से SDG कार्यान्वयन के लिए त्वरक योजनाओं का विकास
- विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करना
- डेटा का प्रभावी उपयोग कर नीतिगत निर्णय लेना
- SDG वित्तपोषण अंतर को कम करने के लिए रणनीतिक समाधान विकसित करना
- स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता वाले संकेतकों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना
सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की पहल
यह सम्मेलन नीति आयोग के सहकारी संघवाद को प्रोत्साहित करने के मुख्य मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इसके माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
भारत के सतत विकास लक्ष्यों की ओर मजबूती से बढ़ते कदम
यह कार्यशाला भारत के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को 2030 तक प्राप्त करने के लिए नीति निर्माण और राज्य स्तरीय पहलों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के माध्यम से स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों को अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे देश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
इस सम्मेलन के माध्यम से नीति आयोग ने यह संदेश दिया कि भारत SDG लक्ष्यों को शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सरकार, नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और नागरिक समाज संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा।
