फ़रवरी 12, 2026

64 साल बाद फिर एक साथ होली और रमजान का जुमा, प्रशासन अलर्ट

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इस साल होली का त्योहार एक विशेष संयोग लेकर आया है। 64 साल बाद पहली बार होली और रमजान के महीने का पवित्र शुक्रवार (जुमा) एक ही दिन पड़ रहा है। इससे पहले 4 मार्च 1961 को ऐसा संयोग बना था, जब होली और रमजान का जुमा एक ही दिन मनाया गया था। इस अनूठे संयोग को देखते हुए उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति न पैदा हो।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी

होली के दिन पूरे प्रदेश में लाखों लोग रंग-गुलाल से सराबोर होकर खुशियां मनाएंगे, वहीं रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समाज के लोग इबादत में जुटे होंगे। किसी भी तरह के टकराव से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में जुमा की नमाज के समय में बदलाव किया गया है।

संवेदनशील इलाकों में पुलिस प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। कई जिलों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे। शाहजहांपुर जिले में सबसे अधिक 67 मस्जिदों को तिरपाल और पन्नी से ढंका गया है ताकि होली के रंग से मस्जिदों की दीवारें सुरक्षित रह सकें। इसी तरह अन्य जिलों में भी मस्जिदों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

बाहर से बुलाए गए अतिरिक्त पुलिस बल

प्रदेशभर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई बड़े कदम उठाए हैं। संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। खासकर शाहजहांपुर में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को अन्य जिलों से बुलाया गया है।

फोर्स की तैनाती के साथ-साथ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और शांति बनाए रखें। सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

सद्भाव और सौहार्द की मिसाल

हालांकि यह संयोग एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन भारत की गंगा-जमुनी तहजीब इसे एक अवसर के रूप में देखती है। अनेक स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर सौहार्द का संदेश दे रहे हैं। कई जगह मुस्लिम समाज ने खुद आगे आकर मंदिरों और होली के जुलूस मार्गों की सफाई की, तो वहीं हिंदू समाज के लोग मस्जिदों के पास शांति बनाए रखने का संकल्प ले रहे हैं।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

प्रशासन के अलावा सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं ने भी लोगों से शांति और भाईचारे का परिचय देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।

इस बार की होली और रमजान का संयोग एक ऐतिहासिक अवसर है, जो आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बन सकता है। उम्मीद है कि लोग जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देते हुए इस पर्व को आपसी प्रेम और शांति के साथ मनाएंगे।

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