अफगानिस्तान की अस्थिरता से CSTO देशों को खतरा: पुतिन ने चेताया

मास्को, 21 जून 2025: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान में बढ़ती अस्थिरता को सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) के सदस्य देशों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है। पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान में जारी अशांति क्षेत्रीय स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा के लिए चुनौती बनती जा रही है।
CSTO एक सैन्य गठबंधन है जिसमें रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और आर्मेनिया शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों को बाहरी खतरों से सुरक्षा प्रदान करना है। पुतिन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति आतंकवादी संगठनों को सीमा पार घुसपैठ और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने के लिए अवसर प्रदान कर रही है।
पुतिन ने याद दिलाया कि अतीत में आतंकवादी समूहों ने अफगान क्षेत्र का उपयोग कर कई बार पड़ोसी देशों में घुसपैठ की है। उन्होंने विशेष रूप से ISIS और अन्य उग्रवादी संगठनों की मौजूदगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि अफगानिस्तान में फिर से अस्थिरता बढ़ती है, तो ये संगठन केंद्रीय एशिया में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकते हैं।
इस चेतावनी के चलते CSTO के सदस्य देशों में चिंता की लहर दौड़ गई है। इन देशों का मानना है कि अफगानिस्तान लगातार अस्थिरता का स्रोत बना हुआ है और यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ेगा।
इस खतरे से निपटने के लिए पुतिन ने सदस्य देशों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने, खुफिया जानकारी साझा करने, सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और संयुक्त सैन्य अभ्यासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये कदम आतंकी गतिविधियों को रोके जाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
पुतिन ने साथ ही यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे अन्य क्षेत्रीय मंचों के साथ सहयोग बढ़ाकर अफगानिस्तान में स्थिरता लाई जा सकती है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
