29 सितंबर को जिला मुख्यालय पर पेंशनर्स का धरना, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर बनाई रणनीति

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर आगामी 29 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए उरई में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पेंशनर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में पेंशनर्स की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण सहित कुल 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े विषयों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और अपनी मांगों के समर्थन में संगठित तरीके से आवाज उठाने के लिए धरना-प्रदर्शन महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

जिला संगठन ने तैयारियों की समीक्षा की

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने की। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों को कार्यक्रम की तैयारियों से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्रों से पेंशनर्स की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और अधिक से अधिक सदस्यों को निर्धारित तिथि पर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कार्यक्रम में संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारी समन्वय के साथ काम करें, ताकि धरना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा सके।

तहसील इकाइयों ने जताई सहभागिता

समीक्षा बैठक के दौरान जिले की विभिन्न तहसील इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। तहसील जालौन के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद, तहसील कालपी के अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा और मंत्री मुन्नालाल सविता सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिया।

संगठन की संरक्षक स्नेहलता मिश्रा ने भी बैठक में अपने विचार रखे। तहसील कोंच के अध्यक्ष प्रभाकर श्रीवास्तव और मंत्री राकेश वेद ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सदस्यों से संपर्क कर उन्हें धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में तहसील माधौगढ़ की अध्यक्ष राजेश कुमारी श्रीवास्तव, तहसील उरई के अध्यक्ष अखिलेश खरे और मंत्री महेश चंद्र बौद्ध ने भी संगठन की तैयारियों से अवगत कराया। पदाधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सहभागिता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

12 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाने की तैयारी

धरना-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स की विभिन्न मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर ध्यान आकर्षित करना है। संगठन की ओर से आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को प्रमुख मांगों में शामिल बताया गया है। इसके साथ ही पेंशनर्स से जुड़े अन्य विषयों को भी 12 सूत्रीय मांगों के माध्यम से उठाने की तैयारी है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारियों की नियमित आय का प्रमुख आधार होती है। ऐसे में पेंशन से संबंधित नीतिगत निर्णयों और उसमें होने वाले बदलावों का सीधा प्रभाव पेंशनर्स पर पड़ता है। संगठन का कहना है कि उनकी मांगों पर संबंधित स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

संगठन विस्तार पर भी हुई चर्चा

बैठक में केवल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों तक चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन की सदस्यता बढ़ाने और पेंशनर्स को एक मंच पर जोड़ने के विषय पर भी विचार किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी सामूहिक अभियान की सफलता के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचा और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

बैठक के दौरान अनूप कुमार पांडे, दुष्यंत कुमार, हरिमोहन और सुरेश चंद्र वर्मा सहित कई लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों ने भी 29 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में सहभागिता करने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत, जिला मंत्री रामेश्वर दयाल कुशवाहा, अपर जिला मंत्री हरिराम ओमरे और कोषाध्यक्ष मंगल सिंह निरंजन समेत कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।

इसके अलावा शिवनाथ सिंह कुशवाहा, अंबिका प्रसाद राजपूत, प्रभा शुक्ला, अनिल श्रीवास्तव, राकेश स्वर्णकार, अमर सिंह, रामसिंह और राजाभैया सहित अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि 29 सितंबर के कार्यक्रम में अधिक से अधिक पेंशनर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान को गति दी जाएगी।

जिला मुख्यालय पर जुटेंगे पेंशनर्स

ऑल इंडिया पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रस्तावित यह कार्यक्रम देश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाना है। इसी क्रम में उरई में भी पेंशनर्स के एकत्र होने की तैयारी की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों ने सदस्यों से निर्धारित तिथि पर समय से जिला मुख्यालय पहुंचने की अपील की है।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर तक बेहतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। प्रत्येक इकाई को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार पेंशनर्स से संपर्क करने और कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

मांगों के समर्थन में एकजुटता का संदेश

बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य पेंशनर्स की लंबित मांगों को सामूहिक रूप से सामने रखना है। संगठन ने सदस्यों से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया।

29 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिले के पेंशनर्स संगठनों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। तहसील इकाइयों के पदाधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। संगठन को उम्मीद है कि जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में पेंशनर्स की मौजूदगी के माध्यम से 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया जा सकेगा।

बैठक के अंत में पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर आगामी कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि 29 सितंबर का धरना-प्रदर्शन पेंशनर्स की मांगों को लेकर सामूहिक भागीदारी और संगठनात्मक एकजुटता का कार्यक्रम होगा।

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29 सितंबर को जिला मुख्यालय पर पेंशनर्स का धरना, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर बनाई रणनीति

लेखक:Editor Anoop Singh | प्रकाशित:सितम्बर 25, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर आगामी 29 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए उरई में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पेंशनर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में पेंशनर्स की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण सहित कुल 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े विषयों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और अपनी मांगों के समर्थन में संगठित तरीके से आवाज उठाने के लिए धरना-प्रदर्शन महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

जिला संगठन ने तैयारियों की समीक्षा की

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने की। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों को कार्यक्रम की तैयारियों से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्रों से पेंशनर्स की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और अधिक से अधिक सदस्यों को निर्धारित तिथि पर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कार्यक्रम में संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारी समन्वय के साथ काम करें, ताकि धरना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा सके।

तहसील इकाइयों ने जताई सहभागिता

समीक्षा बैठक के दौरान जिले की विभिन्न तहसील इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। तहसील जालौन के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद, तहसील कालपी के अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा और मंत्री मुन्नालाल सविता सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिया।

संगठन की संरक्षक स्नेहलता मिश्रा ने भी बैठक में अपने विचार रखे। तहसील कोंच के अध्यक्ष प्रभाकर श्रीवास्तव और मंत्री राकेश वेद ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सदस्यों से संपर्क कर उन्हें धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में तहसील माधौगढ़ की अध्यक्ष राजेश कुमारी श्रीवास्तव, तहसील उरई के अध्यक्ष अखिलेश खरे और मंत्री महेश चंद्र बौद्ध ने भी संगठन की तैयारियों से अवगत कराया। पदाधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सहभागिता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

12 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाने की तैयारी

धरना-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स की विभिन्न मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर ध्यान आकर्षित करना है। संगठन की ओर से आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को प्रमुख मांगों में शामिल बताया गया है। इसके साथ ही पेंशनर्स से जुड़े अन्य विषयों को भी 12 सूत्रीय मांगों के माध्यम से उठाने की तैयारी है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारियों की नियमित आय का प्रमुख आधार होती है। ऐसे में पेंशन से संबंधित नीतिगत निर्णयों और उसमें होने वाले बदलावों का सीधा प्रभाव पेंशनर्स पर पड़ता है। संगठन का कहना है कि उनकी मांगों पर संबंधित स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

संगठन विस्तार पर भी हुई चर्चा

बैठक में केवल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों तक चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन की सदस्यता बढ़ाने और पेंशनर्स को एक मंच पर जोड़ने के विषय पर भी विचार किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी सामूहिक अभियान की सफलता के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचा और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

बैठक के दौरान अनूप कुमार पांडे, दुष्यंत कुमार, हरिमोहन और सुरेश चंद्र वर्मा सहित कई लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों ने भी 29 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में सहभागिता करने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत, जिला मंत्री रामेश्वर दयाल कुशवाहा, अपर जिला मंत्री हरिराम ओमरे और कोषाध्यक्ष मंगल सिंह निरंजन समेत कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।

इसके अलावा शिवनाथ सिंह कुशवाहा, अंबिका प्रसाद राजपूत, प्रभा शुक्ला, अनिल श्रीवास्तव, राकेश स्वर्णकार, अमर सिंह, रामसिंह और राजाभैया सहित अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि 29 सितंबर के कार्यक्रम में अधिक से अधिक पेंशनर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान को गति दी जाएगी।

जिला मुख्यालय पर जुटेंगे पेंशनर्स

ऑल इंडिया पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रस्तावित यह कार्यक्रम देश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाना है। इसी क्रम में उरई में भी पेंशनर्स के एकत्र होने की तैयारी की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों ने सदस्यों से निर्धारित तिथि पर समय से जिला मुख्यालय पहुंचने की अपील की है।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर तक बेहतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। प्रत्येक इकाई को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार पेंशनर्स से संपर्क करने और कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

मांगों के समर्थन में एकजुटता का संदेश

बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य पेंशनर्स की लंबित मांगों को सामूहिक रूप से सामने रखना है। संगठन ने सदस्यों से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया।

29 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिले के पेंशनर्स संगठनों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। तहसील इकाइयों के पदाधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। संगठन को उम्मीद है कि जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में पेंशनर्स की मौजूदगी के माध्यम से 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया जा सकेगा।

बैठक के अंत में पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर आगामी कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि 29 सितंबर का धरना-प्रदर्शन पेंशनर्स की मांगों को लेकर सामूहिक भागीदारी और संगठनात्मक एकजुटता का कार्यक्रम होगा।