न्यूयॉर्क में नेतन्याहू और जेवियर माइली की मुलाकात, इजरायल- अर्जेंटीना संबंधों को लेकर फिर चर्चा तेज
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली की मुलाकात एक बार फिर दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों को चर्चा में ले आई है। 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। अर्जेंटीना सरकार के अनुसार, यह बैठक माइली की अमेरिका यात्रा की अंतिम आधिकारिक गतिविधियों में शामिल थी।

मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर माइली के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना करीबी मित्र बताया। पोस्ट में उन्होंने माइली के साहस और मित्रता के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इजरायल के लिए उनके समर्थन की सराहना की। पोस्ट के अंत में उन्होंने स्पेनिश भाषा के प्रसिद्ध वाक्य “¡Viva la libertad!” का इस्तेमाल किया, जिसका अर्थ है—“स्वतंत्रता जिंदाबाद।” स्क्रीनशॉट में नेतन्याहू और माइली को आमने-सामने बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई बैठक
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब दोनों नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद थे। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, माइली ने महासभा में अपने संबोधन के बाद नेतन्याहू से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बैठक बंद कमरे में हुई। अर्जेंटीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत लगभग 20 मिनट चली।
इजरायली पक्ष की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि नेतन्याहू ने इजरायल के प्रति माइली के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया। इसके अलावा दोनों देशों के बीच आगे सहयोग और लैटिन अमेरिका में इजरायल के साथ संबंधों के विस्तार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान माइली के साथ अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो और अर्थव्यवस्था मंत्री लुइस कैपुटो भी मौजूद थे। अर्जेंटीना सरकार ने बैठक को दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है।
नेतन्याहू ने माइली के समर्थन की सराहना की
इजरायल के प्रधानमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट इस मुलाकात का प्रमुख सार्वजनिक संदेश बनी। उन्होंने माइली को अपना “प्रिय मित्र” बताते हुए कहा कि उनकी मित्रता इजरायल के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। पोस्ट में अर्जेंटीना और इजरायल के झंडों के साथ स्वतंत्रता से जुड़ा संदेश भी दिया गया।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ी रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नेतन्याहू ने माइली को इजरायल के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और न्यूयॉर्क की एक यहूदी शैक्षणिक संस्था से मिले सम्मान के लिए उन्हें बधाई दी। माइली को “Defender of Israel” सम्मान मिलने की जानकारी भी इजरायली स्रोत ने दी है।
माइली पिछले कुछ वर्षों में इजरायल के साथ अर्जेंटीना के संबंधों को अपनी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते रहे हैं। अप्रैल 2026 में इजरायल की अपनी यात्रा के दौरान भी उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की बात कही थी। उस समय दोनों देशों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की चर्चा हुई थी।
लैटिन अमेरिका में इजरायल के साथ सहयोग
नेतन्याहू और माइली की मुलाकात का एक महत्वपूर्ण पहलू लैटिन अमेरिका से जुड़ा सहयोग भी है। इजरायली पक्ष के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा “Isaac Accords” के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
माइली की सरकार ने इजरायल के साथ संबंधों को अपनी विदेश नीति में विशेष स्थान दिया है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, तकनीक, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर संपर्क बढ़ाने की कोशिशें भी सामने आती रही हैं।
हालांकि, दोनों देशों के बीच संबंध केवल राजनीतिक समर्थन तक सीमित नहीं हैं। व्यापार, ऊर्जा, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय कूटनीति जैसे विषय भी इस रिश्ते को प्रभावित करते हैं।
मालविनास और तेल परियोजना का मुद्दा
माइली और नेतन्याहू की मुलाकात का एक अलग पहलू अर्जेंटीना के लिए मालविनास द्वीप समूह का मुद्दा भी है। अर्जेंटीना इन द्वीपों पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है, जबकि द्वीप ब्रिटेन के नियंत्रण में हैं।
इस विवाद का संबंध इजरायली कंपनी Navitas Petroleum से जुड़ी तेल परियोजना से भी सामने आया है। सितंबर 2026 में अर्जेंटीना ने मालविनास क्षेत्र में तेल और गैस गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कदम उठाने की घोषणा की थी। Navitas Petroleum की Sea Lion परियोजना में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
रिपोर्टों के अनुसार, माइली और नेतन्याहू की बैठक में इस विषय का संदर्भ आया, लेकिन नेतन्याहू ने इसे निजी कंपनी से संबंधित मामला बताया और कहा कि इजरायल सरकार उस व्यावसायिक गतिविधि में सीधे शामिल नहीं है।
इससे स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच मजबूत राजनीतिक संबंधों के बावजूद कुछ आर्थिक और कूटनीतिक मुद्दे अलग-अलग स्तरों पर मौजूद हैं।
संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू का भाषण भी रहा चर्चा में
माइली से मुलाकात से कुछ घंटे पहले नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। उनका भाषण इजरायल और उसके विरोधियों के बीच जारी संघर्ष, गाजा की स्थिति तथा अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के संदर्भ में रहा। उनके भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों के सभा से बाहर जाने की रिपोर्टें भी सामने आईं।
इसी अंतरराष्ट्रीय माहौल के बीच माइली और नेतन्याहू की बैठक हुई। इसलिए इस मुलाकात को केवल द्विपक्षीय संपर्क के बजाय व्यापक मध्य-पूर्व और लैटिन अमेरिकी कूटनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
आगे बढ़ते संबंधों पर नजर
अर्जेंटीना और इजरायल के बीच पिछले कुछ समय में राजनीतिक संपर्क लगातार बढ़ा है। माइली की इजरायल यात्राएं, नेतन्याहू के साथ उनकी लगातार बैठकें और दोनों देशों के बीच तकनीकी तथा सुरक्षा सहयोग इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अप्रैल 2026 में माइली की इजरायल यात्रा के दौरान नवंबर से ब्यूनस आयर्स और तेल अवीव के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा भी की गई थी।
न्यूयॉर्क की ताजा बैठक के बाद नेतन्याहू की सोशल मीडिया पोस्ट ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत राजनीतिक संबंधों को भी सार्वजनिक रूप से रेखांकित किया है। हालांकि बैठक में किन-किन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, उसका पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर, 24 सितंबर 2026 की यह बैठक अर्जेंटीना और इजरायल के बीच जारी निकटता की एक और सार्वजनिक अभिव्यक्ति के रूप में सामने आई है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीक और क्षेत्रीय कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग किस दिशा में बढ़ता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी।