फ़रवरी 12, 2026

भारतीय वायुसेना ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए तैनात किए C-17 ग्लोबमास्टर III विमान

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Anoop singh

भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर अपनी तत्परता, रणनीतिक क्षमता और वैश्विक मानवीय उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए अपने अत्याधुनिक C-17 ग्लोबमास्टर III विमानों को संकटग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं निकासी अभियानों के लिए सक्रिय रूप से तैनात किया है। इन विमानों के माध्यम से न केवल भारतीय नागरिकों को, बल्कि मित्र राष्ट्रों के नागरिकों को भी सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा रहा है।

प्रचालन का आधार: जॉर्डन और मिस्र

इस विशेष अभियान की रूपरेखा जॉर्डन और मिस्र में स्थित अग्रिम वायुसेना अड्डों से तैयार की गई है। यहीं से C-17 विमानों की उड़ानें लगातार संचालित की जा रही हैं। इन देशों की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाते हुए भारतीय वायुसेना उन क्षेत्रों तक शीघ्र पहुंच बना रही है, जो संघर्ष और अस्थिरता के कारण प्रभावित हैं।

C-17 ग्लोबमास्टर III: सामरिक शक्ति का प्रतीक

C-17 ग्लोबमास्टर III एक अमेरिकी मूल का भारी सैन्य परिवहन विमान है, जिसे लंबी दूरी की उड़ानों और जटिल परिस्थितियों में तेज़ प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:

विस्तृत कार्गो क्षमता: यह विमान टैंक, सैन्य वाहन, आपदा राहत सामग्री और दर्जनों यात्रियों को एक साथ परिवहन करने में सक्षम है।

उत्कृष्ट रनवे अनुकूलन: यह विमान छोटी और अस्थिर रनवे पर भी उतरने और उड़ान भरने की क्षमता रखता है।

तेज़ गति और लंबी दूरी: यह विमान 4,400 किलोमीटर से अधिक की दूरी बिना ईंधन भरे तय कर सकता है, जिससे सीमित समय में अधिकतम राहत पहुंचाई जा सकती है।

मल्टी-रोल कार्यक्षमता: यह विमान एक ही समय में राहत सामग्री की आपूर्ति, चिकित्सा निकासी और नागरिकों की सुरक्षित वापसी जैसे अनेक कार्यों को अंजाम दे सकता है।

मूल उद्देश्य: जीवन की रक्षा और राष्ट्र की गरिमा

भारतीय वायुसेना का यह कदम न केवल मानवीय संवेदना का परिचायक है, बल्कि यह भारत की वैश्विक भूमिका और उसकी रणनीतिक तैयारी को भी दर्शाता है। इस प्रकार के अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने और दूसरों के नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक भागीदार भी है।

निष्कर्ष

C-17 ग्लोबमास्टर III विमानों की यह तैनाती भारतीय वायुसेना की संगठनात्मक दक्षता और अंतरराष्ट्रीय दायित्वबोध का प्रतीक है। चाहे बात युद्धग्रस्त क्षेत्र से अपने नागरिकों की वापसी की हो या मित्र देशों को सहायता प्रदान करने की — भारत एक जिम्मेदार और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।


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