ऑपरेशन कवच-2.0 में स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई, पांच बसें निरुद्ध
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, रोडवेज बसों से यात्रियों को पहुंचाया गया गंतव्य
उरई (जालौन)। यात्रियों की सुरक्षा, बसों की निर्धारित संरचना और परिवहन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन

कवच-2.0’ के तहत जालौन जनपद में भी देर रात से लेकर दिन तक व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही पांच स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें विभिन्न थानों में निरुद्ध कराया गया।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना और ऐसी बसों के संचालन पर अंकुश लगाना है, जिनमें निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। अभियान के दौरान बस-बॉडी कोड, निर्धारित ऊंचाई, अतिरिक्त सामान रखने की व्यवस्था, कैरियर पर भार तथा ओवरलोडिंग जैसे बिंदुओं की विशेष रूप से जांच की गई।
24 घंटे चल रहा विशेष प्रवर्तन अभियान
परिवहन विभाग के निर्देशानुसार 28, 29 और 30 सितंबर को 24 घंटे लगातार विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में सामान्य परिवहन नियमों की जांच के साथ-साथ विशेष रूप से स्लीपर बसों की संरचना और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को देखा जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक भार, अनधिकृत तरीके से किए गए बॉडी परिवर्तन, मानक से अधिक ऊंचाई अथवा अतिरिक्त कैरियर के माध्यम से ओवरलोडिंग जैसी स्थितियां सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रवर्तन दलों को जांच के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जालौन जिले में अधिकारियों की उपलब्धता कम होने के कारण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आसपास के संभाग से भी परिवहन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ जांच अभियान चलाने में विभाग को मदद मिली।
रात में शुरू हुई कार्रवाई, दो बसों पर गिरी गाज
अभियान के तहत 28 सितंबर की रात से 29 सितंबर के पूर्वाह्न तक जालौन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में परिवहन विभाग की टीमों ने बसों की जांच की। इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), जालौन राजेश कुमार ने नियमों के विपरीत संचालित पाई गईं दो स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई की।
जांच के दौरान सामने आए नियम उल्लंघनों के आधार पर दोनों बसों के चालान किए गए और उन्हें निरुद्ध कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन अभियान के दौरान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
झांसी के अधिकारी ने भी की कार्रवाई
अभियान को मजबूत बनाने के लिए झांसी संभाग से भी अधिकारी को जालौन में जिम्मेदारी दी गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), झांसी हेमचन्द्र गौतम ने अभियान के दौरान दो स्लीपर बसों के विरुद्ध कार्रवाई की।
जांच में नियमों का अनुपालन नहीं पाए जाने पर दोनों बसों को संबंधित थानों में निरुद्ध कराया गया। परिवहन विभाग की संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई से अवैध अथवा मानकों के विपरीत संचालित बसों के संचालकों में भी सतर्कता बढ़ी है।
इसी क्रम में यात्रीकर/मालकर अधिकारी जालौन आनंद राय कुरील ने भी एक स्लीपर बस के खिलाफ कार्रवाई की। बस को नियमों के उल्लंघन के चलते निरुद्ध कराया गया। इस प्रकार अभियान के दौरान जालौन जनपद में कुल पांच स्लीपर बसों पर कार्रवाई हुई।
अन्य वाहनों की भी हुई जांच
‘ऑपरेशन कवच-2.0’ केवल स्लीपर बसों तक सीमित नहीं रहा। अभियान के दौरान परिवहन एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों और बसों की भी जांच की गई। नियमों की अनदेखी करने वाले कई वाहनों के चालान किए गए।
प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान बसों के दस्तावेज, संचालन से संबंधित मानक, वाहन की संरचना तथा भार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को देखा जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि सार्वजनिक परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराया जाए।
यात्रियों को नहीं हुई परेशानी
बसों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की थी। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के बाद बसों में सवार यात्रियों को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
निरुद्ध की गई बसों के यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उरई की बसों की मदद से वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था कराई गई। यात्रियों को रोडवेज बसों के माध्यम से उनके निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
इस व्यवस्था से प्रवर्तन कार्रवाई के बावजूद यात्रियों को बीच रास्ते में परेशान होने से बचाने का प्रयास किया गया। विभाग का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन आम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
बसों की सुरक्षा जांच पर विशेष जोर
परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में बसों की बॉडी और उसकी ऊंचाई से संबंधित निर्धारित मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही बसों पर लगाए गए अतिरिक्त कैरियर और उनमें रखे जाने वाले सामान के भार की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित मानकों से अलग संरचना अथवा क्षमता से अधिक भार वाहन के संचालन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए प्रवर्तन दलों को जांच के दौरान ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन कवच-2.0’ को आगे भी जारी रखा जाएगा। अभियान के दौरान सामने आने वाले नियम उल्लंघनों के आधार पर संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे बसों का संचालन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार ही करें। वाहन की संरचना, ऊंचाई, भार क्षमता और अन्य जरूरी मानकों में किसी तरह की अनदेखी न की जाए।
सुरक्षा मानकों के पालन का संदेश
जालौन में हुई कार्रवाई को परिवहन विभाग के व्यापक सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पांच स्लीपर बसों पर हुई कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सार्वजनिक परिवहन में नियमों के उल्लंघन को लेकर विभाग सख्ती बरत रहा है।
अभियान की खास बात यह रही कि कार्रवाई के साथ यात्रियों के हितों को भी ध्यान में रखा गया। बसों को निरुद्ध किए जाने के बाद रोडवेज की सहायता से यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई, जिससे वे अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
परिवहन विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन कार्रवाई से नहीं, बल्कि वाहन संचालकों और यात्रियों के सहयोग से भी मजबूत होती है। निर्धारित नियमों का पालन करने से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल ‘ऑपरेशन कवच-2.0’ के तहत जालौन में जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संभावना है। विभाग की निगरानी का मुख्य केंद्र यात्रियों की सुरक्षा, बसों का निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना है।