आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन, 50 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। संस्कृत भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंगलवार को मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जालौन, झांसी और ललितपुर जनपदों से आए 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से पहुंचे प्रतिभागियों ने संस्कृत गीत, सामान्य ज्ञान और श्लोकान्त्याक्षरी जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में कक्षा छह से लेकर परास्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, संस्कृत बोर्ड के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों की सहभागिता रही। अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों को एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे प्रतियोगिता का माहौल ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी बना रहा।

संस्कृत गीतों से गूंजा प्रतियोगिता स्थल

मंडलीय प्रतियोगिता के दौरान संस्कृत गीत ने विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रतिभागियों ने संस्कृत भाषा में गीत प्रस्तुत कर अपनी गायन क्षमता के साथ भाषा पर पकड़ का परिचय दिया। प्रतियोगियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर निर्णायक मंडल द्वारा किया गया।

संस्कृत गीत प्रतियोगिता में झांसी की जागृति थापक ने प्रथम स्थान हासिल किया। कालपी के मयंक द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि सैदनगर की वैष्णवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने सराहा।

सामान्य ज्ञान में भी विद्यार्थियों ने दिखाई समझ

प्रतियोगिता में सामान्य ज्ञान वर्ग को भी विद्यार्थियों ने काफी उत्साह के साथ लिया। बाल वर्ग की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उरई के दिव्यांशु ने पहला स्थान प्राप्त किया। अनंत चौहान दूसरे और लीना तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान, स्मरण शक्ति और विषयों की समझ को परखा गया।

युवा वर्ग की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में गांधी कॉलेज की कृतिका गोस्वामी ने प्रथम स्थान हासिल किया। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मान्या सिंह द्वितीय रहीं, जबकि आयुष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए।

श्लोकान्त्याक्षरी में संस्कृत ज्ञान की हुई परीक्षा

श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की संस्कृत भाषा, श्लोक स्मरण और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को सामने लाने का काम किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से अपनी तैयारी और ज्ञान का प्रदर्शन किया।

इस प्रतियोगिता में सक्षम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वंशगोपाल को दूसरा और अक्षय शुक्ला को तीसरा स्थान मिला। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के दौरान संस्कृत साहित्य और श्लोकों के प्रति उनकी रुचि भी देखने को मिली।

विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करने का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. बलभद्र त्रिपाठी ने कार्यक्रम में सहभागिता की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि जालौन, झांसी और ललितपुर से आए विद्यार्थियों को एक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करते देखना उत्साहजनक है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत करते रहने और अपने चुने हुए क्षेत्र में दक्षता विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर देती हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रो. बलभद्र त्रिपाठी ने साहित्य, संगीत और कला के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और पहचान के निर्माण में साहित्य, संगीत और कला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ विकसित करना भी इसका अहम हिस्सा है।

विजेताओं को शील्ड और प्रमाणपत्र से किया सम्मानित

मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं के परिणाम मंडल संयोजक डॉ. सर्वेश शांडिल्य ने घोषित किए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विजेताओं को शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे भी अवसर उपलब्ध होंगे। मंडलीय स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अब लखनऊ में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इससे विद्यार्थियों को प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

विद्वानों ने निभाई निर्णायक की भूमिका

प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष संचालन के लिए विद्वानों का निर्णायक मंडल गठित किया गया था। इसमें डॉ. शालिग्राम शास्त्री, डॉ. मोनू मिश्र सहित अन्य विद्वान शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया और परिणाम तैयार करने में भूमिका निभाई।

आयोजकों का कहना रहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, दर्शन, संस्कृति और ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। इससे भाषा के प्रति उनकी रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम के समापन पर जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पूर्णेन्द्र मिश्र ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं ने एक ओर जहां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया, वहीं दूसरी ओर संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ने का अवसर भी उपलब्ध कराया। विभिन्न जिलों और शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम में आपसी संवाद और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का भी विकास हुआ।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों की नजर अब राज्य स्तरीय मंच पर रहेगी। लखनऊ में होने वाली आगामी प्रतियोगिता में वे मंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने और आगे की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलता है।

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आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन, 50 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 29, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। संस्कृत भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंगलवार को मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जालौन, झांसी और ललितपुर जनपदों से आए 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से पहुंचे प्रतिभागियों ने संस्कृत गीत, सामान्य ज्ञान और श्लोकान्त्याक्षरी जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में कक्षा छह से लेकर परास्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, संस्कृत बोर्ड के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों की सहभागिता रही। अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों को एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे प्रतियोगिता का माहौल ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी बना रहा।

संस्कृत गीतों से गूंजा प्रतियोगिता स्थल

मंडलीय प्रतियोगिता के दौरान संस्कृत गीत ने विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रतिभागियों ने संस्कृत भाषा में गीत प्रस्तुत कर अपनी गायन क्षमता के साथ भाषा पर पकड़ का परिचय दिया। प्रतियोगियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर निर्णायक मंडल द्वारा किया गया।

संस्कृत गीत प्रतियोगिता में झांसी की जागृति थापक ने प्रथम स्थान हासिल किया। कालपी के मयंक द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि सैदनगर की वैष्णवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने सराहा।

सामान्य ज्ञान में भी विद्यार्थियों ने दिखाई समझ

प्रतियोगिता में सामान्य ज्ञान वर्ग को भी विद्यार्थियों ने काफी उत्साह के साथ लिया। बाल वर्ग की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उरई के दिव्यांशु ने पहला स्थान प्राप्त किया। अनंत चौहान दूसरे और लीना तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान, स्मरण शक्ति और विषयों की समझ को परखा गया।

युवा वर्ग की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में गांधी कॉलेज की कृतिका गोस्वामी ने प्रथम स्थान हासिल किया। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मान्या सिंह द्वितीय रहीं, जबकि आयुष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए।

श्लोकान्त्याक्षरी में संस्कृत ज्ञान की हुई परीक्षा

श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की संस्कृत भाषा, श्लोक स्मरण और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को सामने लाने का काम किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से अपनी तैयारी और ज्ञान का प्रदर्शन किया।

इस प्रतियोगिता में सक्षम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वंशगोपाल को दूसरा और अक्षय शुक्ला को तीसरा स्थान मिला। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के दौरान संस्कृत साहित्य और श्लोकों के प्रति उनकी रुचि भी देखने को मिली।

विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करने का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. बलभद्र त्रिपाठी ने कार्यक्रम में सहभागिता की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि जालौन, झांसी और ललितपुर से आए विद्यार्थियों को एक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करते देखना उत्साहजनक है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत करते रहने और अपने चुने हुए क्षेत्र में दक्षता विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर देती हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रो. बलभद्र त्रिपाठी ने साहित्य, संगीत और कला के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और पहचान के निर्माण में साहित्य, संगीत और कला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ विकसित करना भी इसका अहम हिस्सा है।

विजेताओं को शील्ड और प्रमाणपत्र से किया सम्मानित

मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं के परिणाम मंडल संयोजक डॉ. सर्वेश शांडिल्य ने घोषित किए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विजेताओं को शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे भी अवसर उपलब्ध होंगे। मंडलीय स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अब लखनऊ में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इससे विद्यार्थियों को प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

विद्वानों ने निभाई निर्णायक की भूमिका

प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष संचालन के लिए विद्वानों का निर्णायक मंडल गठित किया गया था। इसमें डॉ. शालिग्राम शास्त्री, डॉ. मोनू मिश्र सहित अन्य विद्वान शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया और परिणाम तैयार करने में भूमिका निभाई।

आयोजकों का कहना रहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, दर्शन, संस्कृति और ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। इससे भाषा के प्रति उनकी रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम के समापन पर जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पूर्णेन्द्र मिश्र ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं ने एक ओर जहां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया, वहीं दूसरी ओर संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ने का अवसर भी उपलब्ध कराया। विभिन्न जिलों और शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम में आपसी संवाद और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का भी विकास हुआ।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों की नजर अब राज्य स्तरीय मंच पर रहेगी। लखनऊ में होने वाली आगामी प्रतियोगिता में वे मंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने और आगे की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलता है।