बौध में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती, अक्टूबर को शून्य सड़क हादसा मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, ओडिशा, 29 सितंबर। बौध जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर बिभूति भूषण नायक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में सड़क हादसों की स्थिति, दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के उपाय और यातायात नियमों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिला प्रशासन ने अक्टूबर महीने को सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपील की कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सड़क सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों को और प्रभावी बनाएं।

सड़क हादसों में कमी लाने पर जोर

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मोटर वाहन अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई और वसूले गए जुर्माने की समीक्षा की गई। इसके अलावा वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में जिले में हुए सड़क हादसों और उनमें जान गंवाने वाले तथा गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स की गतिविधियों, पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई और उन फैसलों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं के संभावित कारणों और उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदमों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुषमा साहू ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से परिवहन विभाग की ओर से किए जा रहे प्रवर्तन कार्यों, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी।

कलेक्टर ने विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर बिभूति भूषण नायक ने कहा कि बौध के लोगों के जीवन और उनकी संपत्ति की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित न रहने और लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता बताई।

कलेक्टर ने विशेष रूप से अक्टूबर महीने के दौरान सड़क हादसों में किसी भी व्यक्ति की मौत न होने देने का लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने परिवहन, पुलिस, आबकारी, नगर निकाय और राजस्व विभाग सहित संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।

हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों पर सख्ती

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के अनिवार्य इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित जांच और नियमानुसार कार्रवाई जारी रखी जाए।

इसी तरह चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के इस्तेमाल की भी निगरानी करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करना है।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी जांच अभियान तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए नियमित जांच और कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

सड़क पर निर्माण सामग्री और आवारा पशुओं पर नियंत्रण

सड़क सुरक्षा के लिहाज से सड़क किनारे रखी रेत और गिट्टी जैसी सामग्री को भी दुर्घटना का संभावित कारण माना गया। बैठक में संबंधित अधिकारियों को सड़कों पर जमा रेत, पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालकों को रास्ते में अचानक अवरोध का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा भारी वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित करने और सड़कों पर अनधिकृत तरीके से बड़े वाहनों को खड़ा किए जाने पर नियंत्रण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को हटाने तथा यातायात मार्गों से अतिक्रमण समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि सड़क के दोनों ओर अव्यवस्थित गतिविधियां और मार्ग पर मौजूद बाधाएं दुर्घटना के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

त्योहारों से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश

आगामी त्योहारों को देखते हुए बैठक में सड़कों की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने ग्रामीण विकास, सड़क एवं भवन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभागों को आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने को कहा।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर आवश्यक सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। त्योहारों के दौरान यातायात बढ़ने की संभावना को देखते हुए सड़कों की स्थिति सुधारने को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

आठ महीनों में 7,868 चालान, 2.05 करोड़ रुपये जुर्माना

बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों के दौरान बौध जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कुल 7,868 चालान जारी किए गए। इन मामलों में लगभग 2.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की कार्रवाई में सीट बेल्ट नहीं लगाने के 125 मामले, बिना हेलमेट वाहन चलाने के 2,955 मामले, तेज गति से वाहन चलाने के 3,038 मामले और शराब के नशे में वाहन चलाने के 185 मामले सामने आए।

इसी अवधि में परिवहन विभाग की ओर से 940 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। आंकड़े बताते हैं कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रवर्तन एजेंसियों ने लगातार कार्रवाई की है।

पुलिस विभाग की ओर से भी ई-चालान के माध्यम से कार्रवाई की गई। पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने के 1,442 मामलों, सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के 1,113 मामलों और शराब पीकर वाहन चलाने के 122 मामलों में ई-चालान जारी किए।

आठ महीने में 55 लोगों की मौत

सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति भी सामने आई। वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में बौध जिले में सड़क हादसों में 55 लोगों की जान गई, जबकि 54 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

इन आंकड़ों ने प्रशासन के सामने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की चुनौती को स्पष्ट किया है। इसी वजह से अक्टूबर को शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए यातायात नियमों का पालन कराने के साथ-साथ सड़क की स्थिति, वाहन पार्किंग, शराब पीकर ड्राइविंग और अन्य जोखिम वाले कारणों पर एक साथ कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले ऑटो चालक का सम्मान

बैठक के दौरान मानवीय पहल के लिए पिपलाकाटा निवासी ऑटो-रिक्शा चालक सुदर्शन देहुरी को सम्मानित किया गया। उन्होंने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की मदद कर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सड़क दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति की सहायता करने के लिए उन्हें बेस्ट सेमेरिटन के रूप में सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें 2,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।

इस सम्मान के माध्यम से प्रशासन ने दुर्घटना के समय पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने वाले आम नागरिकों के योगदान को भी रेखांकित किया।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला मुख्य विकास अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना, बौध तहसीलदार अनिता कुमारी साहू, आरएंडबी इंजीनियर कुणा चरण सिंह, जिला आबकारी अधीक्षक शांति मरांडी, एमवीआई संजय कुमार बेहरा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर देबाशीष नायक, ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिब प्रसाद मिश्रा और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिद्यापति पांडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में हुई चर्चा से स्पष्ट है कि बौध जिला प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रवर्तन, सड़क मरम्मत, यातायात नियंत्रण और जनजागरूकता जैसे विभिन्न स्तरों पर काम करने की तैयारी कर रहा है। अक्टूबर में शून्य मृत्यु का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागों के बीच समन्वय और सड़क उपयोगकर्ताओं द्वारा यातायात नियमों का पालन दोनों महत्वपूर्ण होंगे।

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बौध में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती, अक्टूबर को शून्य सड़क हादसा मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 30, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, ओडिशा, 29 सितंबर। बौध जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर बिभूति भूषण नायक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में सड़क हादसों की स्थिति, दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के उपाय और यातायात नियमों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिला प्रशासन ने अक्टूबर महीने को सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपील की कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सड़क सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों को और प्रभावी बनाएं।

सड़क हादसों में कमी लाने पर जोर

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मोटर वाहन अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई और वसूले गए जुर्माने की समीक्षा की गई। इसके अलावा वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में जिले में हुए सड़क हादसों और उनमें जान गंवाने वाले तथा गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स की गतिविधियों, पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई और उन फैसलों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं के संभावित कारणों और उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदमों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुषमा साहू ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से परिवहन विभाग की ओर से किए जा रहे प्रवर्तन कार्यों, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी।

कलेक्टर ने विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर बिभूति भूषण नायक ने कहा कि बौध के लोगों के जीवन और उनकी संपत्ति की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित न रहने और लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता बताई।

कलेक्टर ने विशेष रूप से अक्टूबर महीने के दौरान सड़क हादसों में किसी भी व्यक्ति की मौत न होने देने का लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने परिवहन, पुलिस, आबकारी, नगर निकाय और राजस्व विभाग सहित संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।

हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों पर सख्ती

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के अनिवार्य इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित जांच और नियमानुसार कार्रवाई जारी रखी जाए।

इसी तरह चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के इस्तेमाल की भी निगरानी करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करना है।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी जांच अभियान तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए नियमित जांच और कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

सड़क पर निर्माण सामग्री और आवारा पशुओं पर नियंत्रण

सड़क सुरक्षा के लिहाज से सड़क किनारे रखी रेत और गिट्टी जैसी सामग्री को भी दुर्घटना का संभावित कारण माना गया। बैठक में संबंधित अधिकारियों को सड़कों पर जमा रेत, पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालकों को रास्ते में अचानक अवरोध का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा भारी वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित करने और सड़कों पर अनधिकृत तरीके से बड़े वाहनों को खड़ा किए जाने पर नियंत्रण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को हटाने तथा यातायात मार्गों से अतिक्रमण समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि सड़क के दोनों ओर अव्यवस्थित गतिविधियां और मार्ग पर मौजूद बाधाएं दुर्घटना के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

त्योहारों से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश

आगामी त्योहारों को देखते हुए बैठक में सड़कों की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने ग्रामीण विकास, सड़क एवं भवन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभागों को आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने को कहा।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर आवश्यक सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। त्योहारों के दौरान यातायात बढ़ने की संभावना को देखते हुए सड़कों की स्थिति सुधारने को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

आठ महीनों में 7,868 चालान, 2.05 करोड़ रुपये जुर्माना

बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों के दौरान बौध जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कुल 7,868 चालान जारी किए गए। इन मामलों में लगभग 2.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की कार्रवाई में सीट बेल्ट नहीं लगाने के 125 मामले, बिना हेलमेट वाहन चलाने के 2,955 मामले, तेज गति से वाहन चलाने के 3,038 मामले और शराब के नशे में वाहन चलाने के 185 मामले सामने आए।

इसी अवधि में परिवहन विभाग की ओर से 940 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। आंकड़े बताते हैं कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रवर्तन एजेंसियों ने लगातार कार्रवाई की है।

पुलिस विभाग की ओर से भी ई-चालान के माध्यम से कार्रवाई की गई। पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने के 1,442 मामलों, सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के 1,113 मामलों और शराब पीकर वाहन चलाने के 122 मामलों में ई-चालान जारी किए।

आठ महीने में 55 लोगों की मौत

सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति भी सामने आई। वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में बौध जिले में सड़क हादसों में 55 लोगों की जान गई, जबकि 54 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

इन आंकड़ों ने प्रशासन के सामने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की चुनौती को स्पष्ट किया है। इसी वजह से अक्टूबर को शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु वाला महीना बनाने का लक्ष्य महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए यातायात नियमों का पालन कराने के साथ-साथ सड़क की स्थिति, वाहन पार्किंग, शराब पीकर ड्राइविंग और अन्य जोखिम वाले कारणों पर एक साथ कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले ऑटो चालक का सम्मान

बैठक के दौरान मानवीय पहल के लिए पिपलाकाटा निवासी ऑटो-रिक्शा चालक सुदर्शन देहुरी को सम्मानित किया गया। उन्होंने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की मदद कर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सड़क दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति की सहायता करने के लिए उन्हें बेस्ट सेमेरिटन के रूप में सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें 2,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।

इस सम्मान के माध्यम से प्रशासन ने दुर्घटना के समय पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने वाले आम नागरिकों के योगदान को भी रेखांकित किया।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला मुख्य विकास अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना, बौध तहसीलदार अनिता कुमारी साहू, आरएंडबी इंजीनियर कुणा चरण सिंह, जिला आबकारी अधीक्षक शांति मरांडी, एमवीआई संजय कुमार बेहरा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर देबाशीष नायक, ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिब प्रसाद मिश्रा और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिद्यापति पांडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में हुई चर्चा से स्पष्ट है कि बौध जिला प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रवर्तन, सड़क मरम्मत, यातायात नियंत्रण और जनजागरूकता जैसे विभिन्न स्तरों पर काम करने की तैयारी कर रहा है। अक्टूबर में शून्य मृत्यु का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागों के बीच समन्वय और सड़क उपयोगकर्ताओं द्वारा यातायात नियमों का पालन दोनों महत्वपूर्ण होंगे।