जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत जांचने पहुंची लखनऊ की TAC टीम, जालौन के गांवों में पेयजलापूर्ति और सड़क बहाली का लिया जायजा
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कालपी, जालौन, 9 अक्टूबर 2026। ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का आकलन करने के लिए लखनऊ से आई SWSM TAC टीम ने शुक्रवार को जालौन जनपद के विभिन्न विकासखंडों में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कदौरा, महेवा, डकोर और कोंच विकासखंड के गांवों में पेयजलापूर्ति, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत तथा अधूरे निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना रहा। अधिकारियों ने कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित विभागीय कर्मचारियों से मौके पर जानकारी लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति तथा गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
तीन श्रेणियों में गांवों की स्थिति का आकलन
जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए टीम ने गांवों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित करके निरीक्षण किया। पहली श्रेणी में उन गांवों को शामिल किया गया, जहां घरों तक पेयजलापूर्ति पूरी तरह संचालित होने की स्थिति बताई गई। दूसरी श्रेणी में ऐसे गांवों को रखा गया, जहां पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा होने के बाद सड़कों को पहले जैसी स्थिति में लाने यानी रोड रेस्टोरेशन का काम जारी है।
तीसरी श्रेणी में उन गांवों की स्थिति देखी गई, जहां पाइपलाइन संबंधी कार्य होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और बहाली का काम अभी पूरा किया जाना बाकी है। इस वर्गीकरण के जरिए टीम ने यह समझने का प्रयास किया कि योजना के क्रियान्वयन में किन क्षेत्रों में काम आगे बढ़ चुका है और कहां अभी सुधार की आवश्यकता है।
ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की जाती है। ऐसे में निर्माण कार्य के बाद सड़कों की समय पर मरम्मत जरूरी हो जाती है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण के दौरान पेयजलापूर्ति के साथ सड़क रेस्टोरेशन को भी प्रमुखता दी गई।
सोहरापुर, हथनौरा और मिनौरा गांव पहुंचे अधिकारी
निरीक्षण अभियान के दौरान महेवा विकासखंड के सोहरापुर और हथनौरा गांवों में पहुंचकर अधिकारियों ने जलापूर्ति व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही डकोर विकासखंड के मिनौरा गांव में भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।
इन गांवों में टीम ने पाइपलाइन से संबंधित कार्यों, पेयजल उपलब्धता और सड़कों की बहाली की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से पूछा गया कि विभिन्न कार्य किस स्तर पर हैं और शेष कार्यों को पूरा करने के लिए क्या प्रगति हुई है।
स्थलीय निरीक्षण का उद्देश्य केवल अभिलेखों में दर्ज प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को समझना भी था। इससे विभागीय अधिकारियों को उन बिंदुओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिन पर आगे विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी गांव में अनियमितता पाए जाने या किसी विशेष कार्य में कमी मिलने के संबंध में कोई विस्तृत निष्कर्ष जारी होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए निरीक्षण को कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यदायी संस्थाओं BGCC और GVPR की ओर से GM, DGM, SPM, PM तथा DPM स्तर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं जल निगम (ग्रामीण) के सहायक अभियंता और अवर अभियंता के साथ PMC तथा TPI टीम के अधिकारी भी निरीक्षण प्रक्रिया में शामिल रहे।
अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी का उद्देश्य योजना के अलग-अलग कार्यों की प्रगति को समझना और संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन की समीक्षा करना था। पेयजलापूर्ति, पाइपलाइन निर्माण और सड़क बहाली जैसे कार्यों में कई एजेंसियों की भूमिका होती है। ऐसे में विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रतिनिधियों ने कार्यों की मौजूदा स्थिति से टीम को अवगत कराया। इसके आधार पर अधिकारियों ने नियमित जलापूर्ति बनाए रखने और निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।
आशीष भारती ने नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के बाद लखनऊ की SWSM TAC टीम के अधिशासी अभियंता आशीष भारती ने कार्यदायी संस्थाओं के GM और DGM को गांवों में नियमित पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था व्यवस्थित ढंग से संचालित हो और निर्माण कार्यों में अनावश्यक लापरवाही न हो। योजना का लाभ तभी प्रभावी माना जा सकता है, जब ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन के माध्यम से नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो।
निर्देशों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और लंबित कार्यों पर ध्यान देने का संदेश भी शामिल रहा। विशेष रूप से सड़क रेस्टोरेशन के कार्यों को गंभीरता से लेने की जरूरत है, क्योंकि खुदाई के बाद सड़कों की उचित मरम्मत नहीं होने से स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
जल निगम और TPI टीम को गुणवत्ता निगरानी की जिम्मेदारी
आशीष भारती ने जल निगम और TPI टीम को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह है कि जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरे हों और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
निगरानी व्यवस्था के अंतर्गत निर्माण की प्रगति, पाइपलाइन से जुड़े कार्यों और सड़क बहाली की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण है। समय-समय पर निरीक्षण होने से अधूरे कार्यों की पहचान करने और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देने में सहायता मिलती है।
ग्रामीण पेयजल योजनाओं में केवल बुनियादी ढांचा तैयार कर देना पर्याप्त नहीं होता। व्यवस्था का सुचारु संचालन, नियमित जलापूर्ति और निर्माण के बाद प्रभावित सार्वजनिक सुविधाओं की बहाली भी उतनी ही आवश्यक है। इसलिए अधिकारियों की ओर से इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत रेखांकित की गई।
जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा
जालौन जनपद की ओर से निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) अंचल कुमार गुप्ता मौजूद रहे। उनके साथ सहायक अभियंता अंशू गुप्ता, अखिलेश सिंह और गगन दीक्षित तथा अवर अभियंता अजय कुमार ने भी भाग लिया।
इसके अतिरिक्त DPM TPI कृष्णा सिंह राजपूत, DTL सोनी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी निरीक्षण प्रक्रिया में शामिल रहे। जनपद स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति से स्थानीय स्तर पर चल रहे कार्यों की जानकारी साझा करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में सहायता मिली।
ग्रामीणों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना प्रमुख लक्ष्य
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित पेयजल की सुविधा पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए निर्माण कार्यों की समयबद्ध प्रगति, नियमित जलापूर्ति और तकनीकी गुणवत्ता का ध्यान रखना आवश्यक है।
जालौन में लखनऊ की TAC टीम का निरीक्षण इसी दिशा में उठाया गया कदम है। कदौरा, महेवा, डकोर और कोंच विकासखंडों के गांवों में चल रहे कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
अब महत्वपूर्ण यह होगा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुरूप पेयजलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए, लंबित रोड रेस्टोरेशन कार्यों को पूरा किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखी जाए। इससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ योजना के उद्देश्यों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: जालौन में जल जीवन मिशन के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण ग्रामीण पेयजल व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। लखनऊ की SWSM TAC टीम ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को नियमित जलापूर्ति, गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा सड़कों की समय पर बहाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।