नवरात्रि-दशहरा पर अराजक तत्वों पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर, शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई (जालौन), 10 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जनपद स्तरीय शांति समिति की बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और धर्मगुरुओं के साथ पर्वों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या जानबूझकर विवाद पैदा करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने और सार्वजनिक शांति में बाधा डालने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का समय रहते निर्वहन करें, ताकि आमजन को त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शांति और सौहार्द के साथ मनाए जाएं धार्मिक पर्व
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी समीर ने कहा कि नवरात्रि और दशहरा भारतीय संस्कृति, आस्था तथा परंपराओं से जुड़े महत्वपूर्ण पर्व हैं। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करने, पूजा-अर्चना करने और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पहुंचते हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि त्योहारों को आपसी सहयोग, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम पहले से उठाए जाएं। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ाई जाए और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या विवाद की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए आयोजकों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
नवरात्रि और दशहरा के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में धार्मिक कार्यक्रम, दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना, मेले तथा प्रतिमा विसर्जन जैसे आयोजन किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारियों के साथ भ्रमण करने और संवेदनशील स्थलों की स्थिति का जायजा लेने को कहा। साथ ही स्थानीय आयोजकों, नागरिकों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी समस्या का समाधान आपसी बातचीत के माध्यम से किया जा सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में पहले से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति नई परंपरा शुरू करने या ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे क्षेत्र की शांति अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
त्योहारों के दौरान मंदिरों, पूजा पंडालों और प्रमुख मार्गों पर रोशनी की समुचित व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जर्जर तारों, ढीले विद्युत तारों और अन्य संभावित खतरों की तत्काल जांच कर आवश्यक मरम्मत कराएं।
अधिकारियों से कहा गया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आए। बिजली से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि त्योहारों के दौरान बिजली की समस्या के साथ-साथ खुले या लटकते तारों से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को भी समय रहते दूर किया जाए।
अस्पतालों में उपलब्ध रहेंगी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं
बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता आवश्यक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखी जाएं।
उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार रखने पर जोर दिया, ताकि किसी श्रद्धालु या नागरिक को अचानक उपचार की जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशों के अनुरूप अपने संसाधनों की समीक्षा करने और त्योहारों के दौरान चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया।
शहर से गांव तक साफ-सफाई पर रहेगा जोर
त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखना भी जिला प्रशासन की कार्ययोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा पंडालों, मंदिरों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और आवागमन वाले रास्तों पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारी को नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा। कूड़े का समय पर निस्तारण करने और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और प्रमुख स्थानों पर नियमित सफाई कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
प्रतिमा विसर्जन के लिए तैयार होगी विशेष कार्ययोजना
दशहरा और नवरात्रि के समापन पर होने वाले धार्मिक आयोजनों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने विसर्जन स्थलों तथा वहां तक पहुंचने वाले मार्गों के संबंध में पहले से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। संभावित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने और मार्गों पर अनावश्यक अवरोध रोकने के लिए समय रहते आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
आयोजकों को भी निर्देशित किया गया कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और कार्यक्रमों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित करें। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को कम किया जा सकेगा।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की होगी जांच
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, खाद्य सामग्री और अन्य खाने-पीने की वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी को होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों से कहा गया कि खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी नियमित जांच की जाए और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसका उद्देश्य लोगों को मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना और त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से की अपील
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें और संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और बिना सत्यापन के किसी संदेश को दूसरे लोगों तक न पहुंचाएं। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सामग्री से सतर्क रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि धार्मिक पर्वों को आपसी सम्मान और सद्भाव के साथ मनाएं। प्रशासन और पुलिस का सहयोग करके ही जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सकता है।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
जनपद स्तरीय शांति समिति की इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शत्रुघन पाठक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गणमान्य नागरिकों और विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने भी भाग लिया।
बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि नवरात्रि और दशहरा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली आपूर्ति तथा यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
जालौन जिला प्रशासन ने आगामी नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा से लेकर नागरिक सुविधाओं तक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। अधिकारियों के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन का सहयोग इन तैयारियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशासन की अपील है कि लोग अफवाहों से दूर रहें, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव के साथ त्योहार मनाएं।