किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने भरी हुंकार, बीडीओ को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
फसल बीमा की लंबित धनराशि, डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता, हरचंदपुर में जलभराव और ग्रामीण सड़कों की मरम्मत समेत कृषि संबंधी समस्याओं के निस्तारण की उठाई मांग

कदौरा (जालौन)। किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विकास खंड कदौरा में अपनी आवाज बुलंद की। संगठन की मासिक पंचायत में खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न परेशानियों पर चर्चा की गई। पंचायत के बाद ब्लॉक अध्यक्ष देवकरण सिंह चौहान के नेतृत्व में किसानों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने संबंधित समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने की मांग करते हुए कहा कि कृषि कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आजीविका के लिए जरूरी है।
पंचायत की अध्यक्षता महेंद्र सिंह ने की। बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि खेती का काम मौसम, समय और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करता है। ऐसे में यदि खाद, बीज और कृषि दवाओं की आपूर्ति प्रभावित होती है या फसल बीमा की रकम समय पर नहीं मिलती, तो किसानों को आर्थिक और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी समस्याओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
फसल बीमा क्लेम का भुगतान जल्द कराने की मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में लंबित फसल बीमा क्लेम की धनराशि का भुगतान शामिल रहा। पंचायत में किसानों ने कहा कि फसल बीमा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल संबंधी नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहारा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में पात्र किसानों के दावों का निस्तारण समय पर होना चाहिए।
किसानों ने मांग की कि जिन लाभार्थियों की बीमा संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके मामलों की स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमानुसार देय धनराशि जल्द उनके बैंक खातों में भेजी जाए। उनका कहना था कि खेती के लिए बीज, खाद, सिंचाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर लगातार खर्च करना पड़ता है। ऐसे समय में बीमा क्लेम की राशि अटकी रहने से आर्थिक प्रबंधन प्रभावित होता है।
उन्होंने संबंधित विभाग से लंबित मामलों की समीक्षा करने और पात्र किसानों को भुगतान दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की। किसानों का मानना है कि समयबद्ध भुगतान से उन्हें खेती से जुड़े जरूरी कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
डीएपी खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर
पंचायत में डीएपी खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने विकास खंड क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को नियमित बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि बुवाई और फसलों की जरूरत के अनुसार खाद समय पर मिलना आवश्यक है। आपूर्ति में देरी होने पर किसानों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ सकती है।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने मांग की कि खाद वितरण के लिए ऐसी व्यवस्था हो, जिससे किसानों को उपलब्धता की सही जानकारी मिल सके और उन्हें अनावश्यक रूप से केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें। किसानों ने वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र किसानों तक कृषि संसाधन पहुंचाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही बीज और कृषि दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। किसानों का कहना था कि अच्छी खेती के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज और फसलों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री समय पर मिलनी चाहिए। इन संसाधनों की कमी होने पर कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों ने बायोमेट्रिक प्रक्रिया के माध्यम से वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए कहा कि सरकारी सुविधाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए। इससे वितरण में स्पष्टता बनी रहेगी और किसानों को होने वाली परेशानियों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
हरचंदपुर गांव में जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग
ज्ञापन में हरचंदपुर गांव की जलभराव संबंधी समस्या को भी शामिल किया गया। किसानों के अनुसार, गांव में जलभराव की परेशानी को लेकर पहले भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव से गांव में आवागमन और दैनिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। किसानों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर समस्या के कारणों का पता लगाने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का दुरुस्त होना आवश्यक है। गांवों में नालियों, जलनिकासी मार्गों और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख की जाए, ताकि बारिश या अन्य कारणों से उत्पन्न जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
किसानों ने यह भी अपेक्षा जताई कि पहले दिए गए प्रार्थना पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और लंबित समस्या के निस्तारण के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
कच्ची और जर्जर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का मुद्दा उठा
किसानों ने विकास खंड क्षेत्र की खराब सड़कों की मरम्मत कराने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से रखी। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण रास्तों की स्थिति ठीक नहीं होने से खेतों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। विशेष रूप से कच्चे और जर्जर मार्गों के कारण कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
किसानों के मुताबिक, यदि रास्ते खराब हों तो खेतों तक कृषि सामग्री पहुंचाने और उपज को बाहर लाने में दिक्कतें आती हैं। इससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त जरूरत पड़ती है। ग्रामीण सड़कों की खराब स्थिति का असर केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि गांव के अन्य निवासियों के आवागमन पर भी पड़ता है।
भाकियू ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से खराब रास्तों का सर्वे कराया जाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। जिन मार्गों से किसान नियमित रूप से खेतों तक पहुंचते हैं, उनकी स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
किसानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत होने से खेती के कामकाज को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।
प्रशासन से सभी मांगों पर कार्रवाई की अपील
मासिक पंचायत में किसानों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग रखी। बैठक के बाद ब्लॉक अध्यक्ष देवकरण सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी कदौरा को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से फसल बीमा क्लेम का भुगतान, डीएपी खाद की नियमित उपलब्धता, बीज और कृषि दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, हरचंदपुर में जलभराव की समस्या का निस्तारण तथा ग्रामीण सड़कों की मरम्मत जैसे विषयों पर कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। उनका कहना था कि समस्याओं का समाधान होने से किसानों को राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
पंचायत में महेंद्र सिंह परमार निवासी इटौरा बावनी, नरेश सिंह निवासी कुआंखेड़ा, महेंद्र कुमार, कालका प्रसाद, पूरन सिंह यादव निवासी भसगंवा, लालाराम पाल निवासी सहादतपुर, सुरेश कुमार, अमरीश, सत्यपाल सिंह निवासी कुशमरा और श्यामबाबू निवासी हरचंदपुर समेत कई किसान मौजूद रहे।
बैठक में किसानों ने अपनी समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई। अब किसानों की प्रमुख अपेक्षा है कि ज्ञापन में शामिल मांगों पर संबंधित विभाग समय रहते कदम उठाएं, ताकि उन्हें कृषि कार्यों और ग्रामीण जीवन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सके।